09 फरवरी 2012
वार्ता
नई दिल्ली। जनवरी 2012 में देश से होने वाला निर्यात पहले के इसी माह की तुलना में 10.1 प्रतिशत बढ़कर 25 अरब 40 करोड़ डॉलर का रहा। इस दौरान आयात 20.3 प्रतिशत की बढोतरी से 40 अरब 10 करोड़ डॉलर के बराबर रहा।
वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने आज संवाददाताओं को निर्यात-आयात की जानकारी देते हुए बताया कि जनवरी 2012 में व्यापार घाटा 14.7 अरब डॉलर का रहा।
श्री खुल्लर ने बताया कि अप्रैल-11 से जनवरी-12 वित्तीय वर्ष 2011-12 के पहले दस माह के दौरान निर्यात 23.5 प्रतिशत की वृद्धि से 242 अरब 80 करोड़ डॉलर के बराबर रहा। इस दौरान निर्यात में 29.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 391 अरब 50 करोड़ डॉलर का हुआ। इस प्रकार पहले दस माह के दौरान व्यापार घाटा 148 अरब 70 करोड़ डॉलर का था।
उन्होंने बताया कि पहले दस माह के दौरान इंजीनियरिंग, पेट्रोलियम ऐंड आयल उत्पाद, हीरे जेवरात, औषधि और फार्मास्युटिकल्स, सूती धागा और मेडअप फैब्रिक, चमडा, इलैक्ट्रानिक्स, सिलेसिलाये परिधान और अन्य मूल रसायनों के निर्यात में जोरदार वृद्धि दर्ज की गई।
दस माह के दौरान इंजीनियरिंग निर्यात 21 प्रतिशत बढकर 49.7 अरब डॉलर का रहा। पेट्रोलियम और आयल उत्पादों के निर्यात में 50.1 प्रतिशत की जोरदार बढोतरी हुई। इससे 48 अरब 90 करोड़ डॉलर की विदेशी मुद्रा मिली। हीरे जेवरात का निर्यात 33 प्रतिशत बढकर 37 अरब डॉलर का रहा।
इस दौरान सबसे अधिक विदेशी मुद्रा पेट्रोलियम और आयल उत्पादों पर 117 अरब 90 करोड़ डॉलर खर्च की गई। इसमें 38.8 प्रतिशत की बढोतरी हुई। सोना और चांदी आयात पर खर्च होने वाली राशि 46.6 प्रतिशत बढकर 50 अरब डॉलर और मशीनरी की 25.8 प्रतिशत की वृद्धि से 28 अरब 80 करोड़ डॉलर हो गई।
वार्ता
नई दिल्ली। जनवरी 2012 में देश से होने वाला निर्यात पहले के इसी माह की तुलना में 10.1 प्रतिशत बढ़कर 25 अरब 40 करोड़ डॉलर का रहा। इस दौरान आयात 20.3 प्रतिशत की बढोतरी से 40 अरब 10 करोड़ डॉलर के बराबर रहा।
वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने आज संवाददाताओं को निर्यात-आयात की जानकारी देते हुए बताया कि जनवरी 2012 में व्यापार घाटा 14.7 अरब डॉलर का रहा।
श्री खुल्लर ने बताया कि अप्रैल-11 से जनवरी-12 वित्तीय वर्ष 2011-12 के पहले दस माह के दौरान निर्यात 23.5 प्रतिशत की वृद्धि से 242 अरब 80 करोड़ डॉलर के बराबर रहा। इस दौरान निर्यात में 29.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 391 अरब 50 करोड़ डॉलर का हुआ। इस प्रकार पहले दस माह के दौरान व्यापार घाटा 148 अरब 70 करोड़ डॉलर का था।
उन्होंने बताया कि पहले दस माह के दौरान इंजीनियरिंग, पेट्रोलियम ऐंड आयल उत्पाद, हीरे जेवरात, औषधि और फार्मास्युटिकल्स, सूती धागा और मेडअप फैब्रिक, चमडा, इलैक्ट्रानिक्स, सिलेसिलाये परिधान और अन्य मूल रसायनों के निर्यात में जोरदार वृद्धि दर्ज की गई।
दस माह के दौरान इंजीनियरिंग निर्यात 21 प्रतिशत बढकर 49.7 अरब डॉलर का रहा। पेट्रोलियम और आयल उत्पादों के निर्यात में 50.1 प्रतिशत की जोरदार बढोतरी हुई। इससे 48 अरब 90 करोड़ डॉलर की विदेशी मुद्रा मिली। हीरे जेवरात का निर्यात 33 प्रतिशत बढकर 37 अरब डॉलर का रहा।
इस दौरान सबसे अधिक विदेशी मुद्रा पेट्रोलियम और आयल उत्पादों पर 117 अरब 90 करोड़ डॉलर खर्च की गई। इसमें 38.8 प्रतिशत की बढोतरी हुई। सोना और चांदी आयात पर खर्च होने वाली राशि 46.6 प्रतिशत बढकर 50 अरब डॉलर और मशीनरी की 25.8 प्रतिशत की वृद्धि से 28 अरब 80 करोड़ डॉलर हो गई।
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