06 फरवरी 2012
वार्ता
hindi.in.com अब फेसबुक के ऐप्स पर भी देखें
कोलकाता। केन्द्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने भरोसा जताया है कि मुद्रास्फीति के दबाव के बावजूद अगले वित्त वर्ष तक विकास दर आठ फीसदी तक पहुंच जायेगी।
श्री मुखर्जी ने आज यहां ‘इंडिया कार्पोरट इन्वेस्टमेंट’ सम्मेलन के मौके पर कहा कि पिछले तीन वर्षों से मुद्रास्फीति के दहाई अंक पर बने रहने के कारण देश की आर्थिक विकास दर धीमी पडी और इसे 6.3 से 6.8 प्रतिशत के दायरे में सीमित रहना पडा। लेकिन अब महंगाई के काबू में आ जाने के बाद अगले वर्ष मार्च तक यह 7.5 प्रतिशत तथा उसके आगे 8 प्रतिशत के स्तर तक पहुंच जाएगी।
हालांकि श्री मुखर्जी ने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर क्षेत्र में निवेश बढाने के उपाय तेज करने होंगे। वैश्विक आर्थिक हालात कमजोर रहने का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने खासतौर पर यूरोपीय देशों का हवाला देते हुए कहा कि इनका असर घरेलू अर्थव्यवस्था पर भी पडा है।
उन्होंने कहा- ऐसे में मौजूदा वर्ष में घरेलू विकास दर 7 प्रतिशत के स्तर पर भी रहती है तो ज्यादा चिंता की बात नहीं है। हमें बस निवेश बढाने के उपायों पर ध्यान केन्द्रित करना है। वित्त मंत्री ने इस असवर पर देश के वित्तीय ढांचे को मजबूत बनाए रखने में विभिन्न सरकारी एजेंसियों ‘बीमा नियामक प्राधिकरण’ भारतीय प्रतिभूति एंव विनिमय बोर्ड, दूरसंचार नियामक प्राधिकरण तथा भारतीय रिजर्व बैंक के योगदान की भी सराहना की।
यह खबर आपको कैसी लगी
10 में से 0 वोट मिले
- 60 बरस बाद मिस्र की जनता आज करेगी मतदान
- जरूर देखें: आज सुर्खियों में रहने वाली अहम खबरें
- facebook पर hindi.in.com को LIKE किया क्या?
- स्पेशल रिपोर्ट: गर्मी से झुलसा देश, इंडिया @45 डिग्री!
- KBP: संगमा की दहाड़, समर्थन नहीं, तो निर्दलीय खड़ा हो जाऊंगा
- इटली में भूकम्प के झटके जारी, हजारों विस्थापित
- पायलटों की हड़ताल का 15वां दिन, नुकसान 250 करोड़!
- मनमोहन के बाद कौन पर राहुल, प्रणब आगे
- KBP: संगमा बोले, एक नजर इधर, मैं भी हूं रेस में!
- देखें, कैसे पिता ने बच्चे को वॉशिंग मशीन में धोया?
ख़बरें
सबसे ज्यादा पाठकों की राय
तस्वीरें
क्रिकेट समाचार












