24 मई 2012
उर्दू शायर शहरयार नहीं रहे, लंबी बीमारी के बाद निधन
14 फरवरी 2012
वार्ता

अलीगढ़।
मशहूर शायर एवं गीतकार शहरयार का आज रात यहां निधन हो गया। वह 76 साल के थे। सूत्रों के अनुसार ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित शहरयार लम्बे वक्त से बीमार थे। उन्होंने कई फिल्मों में गीत लिखे जिनमें उमराव जान और गमन के गीत काफी मशहूर हुए।

‘दिल चीज क्या है आप मेरी जान लीजिये’ (उमराव जान) और ‘सीने में जलन आंखों में तूफान क्यों है, इस शहर में हर शक्स परेशान सा क्यों है’ (गमन) के गीतों ने उन्हें शोहरत की बुलंदियों पर पहुंचा दिया।

शहरयार के दो पुत्र हुमायूं और फरीदे हैं। वह मूलरप से बरेली जिले के आंवला के रहने वाले थे। वह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और उर्दू विभाग के प्रमुख रहे। उन्होंने कई पुस्तकें लिखी जिनमें ‘शहरे जहां’, ‘उसके हिस्से की जमीन’ और ‘नींद की किरचें’ शामिल हैं। शहरयार को कल अलीगढ़ में सुपुर्दे खाक कर दिया जाएगा।

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