23 मई 2012
एडिलेड में हार का सिलसिला तोड़ने उतरेगा भारत
11 फरवरी 2012
वार्ता

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एडिलेड।
पर्थ में श्रीलंका को चार विकेट से हराकर जीत की पटरी पर लौटी भारतीय टीम त्रिकोणीय एकदिवसीय शृंखला में रविवार को जब यहां एडिलेड ओवल में ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगी तो उसका लक्ष्य इस मैदान पर मेजबानों के खिलाफ अपनी पहली एकदिवसीय जीत दर्ज करना होगा।

भारत को मेलबर्न में वर्षा बाधित पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया के हाथों 65 रन से शिकस्त का सामना करना पड़ा था, लेकिन महेन्द्र सिंह धोनी की टीम ने फिर पर्थ में श्रीलंका को हराकर जीत की राह पकड़ ली। भारतीय टीम का अगला पड़ाव एडिलेड ओवल है जहां वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आज तक एक भी एकदिवसीय नहीं जीत पायी है।

हसी को आराम, मार्श ऑस्ट्रेलियाई टीम में लौटे

भारत ने इस मैदान पर कुल 11 मैच खेले हैं जिनमें से उसने छह जीते हैं और पांच हारे हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एडिलेड ओवल में अब तक चार मैच खेले गए हैं जिनमें हर बार बाजी कंगारुओं के हाथ लगी है। भारत को एक बार दक्षिण अफ्रीका ने इस मैदान पर हराया था।

ऑस्ट्रेलिया ने इस मैदान पर भारत को जनवरी 1986 में 26 रन से, दिसम्बर 1991 में छह विकेट से, जनवरी 2000 में 152 रन से और फरवरी 2008 में 50 रन से हराया था। भारतीय टीम के मौजूदा खिलाड़ियों में से अधिकांश को इस मैदान पर खेलने का अनुभव नहीं है।

रोटेशन नीति के तहत सचिन तेंदुलकर को इस मैच में आराम दिया जा सकता है। अनुभवी बल्लेबाज का इस मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सर्वाधिक स्कोर 21 रन है जो उन्होंने दिसम्बर 1991 में बनाए थे। हालांकि पिछले 22 वर्षों में भारत ने ऑस्ट्रेलिया में जो पांच एकदिवसीय जीत दर्ज की हैं उनमें सचिन का अहम योगदान रहा है।

एडिलेड में भारत को है ऑस्ट्रेलिया पर पहली जीत का इंतजार

युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिए टीम प्रबंधन ने शीर्षक्रम के तीन बल्लेबाजों को बारी-बारी से आराम देने का फैसला किया है। इसी क्रम में सेहवाग को मेलबर्न में और गंभीर को पर्थ में आराम दिया गया था। अब सचिन की बारी है जिन्हें एडिलेड में आराम दिया जा सकता है।

हालांकि सचिन को बाहर बैठाने का फैसला करना टीम प्रबंधन के लिए आसान काम नहीं होगा। पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर सहित कई दिग्गज खिलाड़ियों ने महाशतक की दहलीज पर खड़े सचिन को हर मैच में उतारने की वकालत की है। सचिन ने श्रीलंका के खिलाफ शानदार 48 रन बनाए थे।

श्रीलंका के खिलाफ 234 रन के सामान्य लक्ष्य का पीछा करने में भारतीय टीम के पसीने छूट गए थे। ओपनिंग में ठोस साझेदारी नहीं बन पाना पिछले कई मैचों से भारतीय टीम की कमजोरी रहा है। अच्छी शुरुआत नहीं होने से मध्यक्रम के बल्लेबाज भी दबाव में बिखर जाते हैं।

सचिन को संन्यास लेने की जरूरत नही: हैडली

अगर सचिन को आराम दिया जाता है तो वीरेन्द्र सेहवाग के साथ गौतम गंभीर पर टीम को ठोस शुरुआत देने की जिम्मेदारी रहेगी। विराट कोहली पिछले मैच में रन चुराने के चक्कर में घायल हो गए थे और उन्हें सहारा देकर मैदान से बाहर ले जाया गया था। हालांकि धोनी ने मैच के बाद उम्मीद जताई थी कि विराट ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच के लिए फिट हो जाएंगे।

धोनी पिछले दोनों मैचों में असफल रहे युवा बल्लेबाज रोहित शर्मा को और मौके देने की वकालत कर रहे हैं। अगर उन्हें खेलाया जाता है तो उनके पास अपने आप को साबित करने का यह आखिरी मौका होगा। सुरेश रैना और खुद धोनी भी पिछले दो मैचों में सस्ते में निपट गए थे। भारत को अगर ऑस्ट्रेलिया पर जीत दर्ज करनी है तो इन बल्लेबाजों को उपयोगी पारियां खेलनी होंगी।

श्रीलंका के खिलाफ मैच विजयी साझेदारी करने वाले रवीन्द्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन से टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। तेज गेंदबाजी विभाग में इरफान पठान को मौका दिया जा सकता है।

इरफान ऑस्ट्रेलियाई दौरे में धोनी की रणनीति में फिट होंगे?

ऑलराउंडर पठान ने चार साल पहले 2008 में ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर त्रिकोणीय शृंखला पर भारत की पहली ऐतिहासिक जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, लेकिन इस दौरे में उन्हें एक अदद मौके का इंतजार है। धोनी कई बार कह चुके हैं कि टीम को एक तेज गेंदबाज ऑलराउंडर की जरूरत है।

विनय कुमार का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ प्रदर्शन अच्छा रहा था मगर श्रीलंका के खिलाफ वह उतने प्रभावी नहीं रहे। दूसरे तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार दोनों ही मैचों में कोई विकेट हासिल नहीं कर पाए। ऐसे में टीम प्रबंधन इस मैच में प्रवीण की जगह पठान को एक मौका दे सकता है।

जहां तक ऑस्ट्रेलिया का सवाल है तो पर्थ श्रीलंका के खिलाफ बल्लेबाजों के निराशाजनक प्रदर्शन के बावजूद उसके गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन करके टीम को करीबी जीत दिला दी थी। ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों ने साबित कर दिया कि वह कम स्कोर का बचाव करने में भी सक्षम हैं।

भारत की पहली टेस्ट जीत के 60 साल पूरे

इस मैदान पर कप्तान माइकल क्लार्क और पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग का बल्ला इस मैदान पर खूब चला है। क्लार्क ने इस मैदान पर 12 मैचों में 56.87 के औसत से 455 रन और पोंटिंग ने 14 मैचों में 39.90 के औसत से 439 रन बनाए हैं। ऑस्ट्रेलिया इस मैच में माइक हसी की जगह पीटर फोरेस्ट को उतार सकता है।

देखें, 3 खिलाड़ी जो बने भारत की जीत का कारण

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23 मई 2012

Feb 11, 2012

टीम :- सचिन, सहवाग, गंभीर, विराट, रोहित, धोनी, जडेजा, इरफ़ान, ज़ाहिर,प्रवीण,अश्विन.....

Shubhankar Mishra Delhi, Badarpur Border

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