04 दिसम्बर 2012
hindi.in.com
इन दिनों हर ओर रिटेल में एफडीआई पर बहस छिड़ी हुई है। सरकार है कि इसे देश के विकास और नई नौकरियों के लिहाज से फायदेमंद बता रही है, जबकि विपक्ष की मानें तो रिटेल में एफडीआई से बेरोजगारी को ही बढ़ावा मिलेगा। भाजपा की दिग्गज नेता सुषमा स्वराज ने इस मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रतियोगी बाजार ही उपभोक्ता के हित में होता है, न कि एकाधिकार वाला। उन्होंने कहा कि बड़ी रिटेल कंपनियां किसानों से सस्ते में खरीदकर कीमतें घटाती हैं।
हिंदी इन डॉट कॉम को बताइए कि क्या ‘वॉलमार्ट’, ‘टेस्को’ के आने से देश के परचुनिया बर्बाद हो जाएंगे?
फौरन लिखें...
FDI पर संसद में चर्चा पर LIVE UPDATE
facebook पर hindi.in.com पेज को LIKE किया क्या?
यह खबर आपको कैसी लगी
10 में से 3 वोट मिले
पाठकों की राय
21 मई 2013
Dec 08, 2012
यह सब जनता पार्टी अपनी कुर्सी के लिये गेम् खेल रही है भार्त्या जनता पार्टी देश मे हिंडूताव लाकर देश मे दूसरी जत्यों को . हिंदू बनाना चाहती हे एफ्फ दी आई का भहना ब्नाकर कुर्सी लेना चाहती हे एफ्फ दी आई . से बाहर से हंमरे देश मे प्पैसा आयगा जो के हंमरे देश कीअर्थ विवस्तहा मे लगेगा. इससे आम आदमी आम किसान आम वेओपरी या छ्होटी दुकान पेर कोए आसेर नाहेः पड़ेगा यह सा पार्टिया अपनी वोट के लेआ हो हल्ला मुचा रहीं हे
vicky HongKong
Dec 07, 2012
FDI आने से देश की तरक्की होगी.............
krishna Delhi
Dec 06, 2012
फ़र्क पड़ेगा 100% पर ये वॉल मार्ट या एफडीआई क्या हे ये स्रिफ नेता लोगो का कला धन हे जो इस तरीके से व्हो देश मे इनवेस्ट कर के जनता को लूटेगेयानी ब्रास्तचरय नही तो बूससिनेस का न्या फंडा यानी खाद्या पधर्थ को पकड़ के रख पब्लिक को लूटने का नया तरीका और अपोज़िशन वाली सरकार को म्हगाई से गिरने की रज्नीति
saurabh indore
Dec 06, 2012
कॉंग्रेसीऔरस्विसअकाउंट्सहोल्डरअपनेविदेशोंमेंजमाधनकोएफडीआइकेमाध्यमसेलानाचाहतेहैं. एफडीआइ से ज़रूरी और बहुत से काम हैं पर ये स्विसअकाउंट्सहोल्डेरों को बचाने मैं लगे हुए हैं और इस प्रयास मैं हैं कि अगला चुनाव होने व हारने से पहले सारे स्विस अकाउंट्स अड्जस्ट कर दिए जाएँ
Gajendra Delhi
Dec 06, 2012
इसमे कोईसंदेह नही की वालमार्ट आने सेनोकर्रीकी संख्यामेबढ़ावा होग.लकिन नुकसान ज़्यादा होना का है.क्योकि कोई भी आदमी हानिमेकाम नही करत.और दूसरी चीज़क्या हमारे देश मे इन्वेस्टर्स की कमी है.हम बाहर के आदमाई को बुलाना चाह रहे हेइससे हमारे देश का पैसा बाहर जाएगा और हमको फाइनली कुछ भी हाथ मे नही अयगा आज हमारा दुर्बगया हे की हम सभी कुछ बाहर सई मागाते हे इनडाइरेक्ट्ली हमारा पैसा बाहर जाता हे.सार्कारको कुछ करना है तो हमारा बाहर लूटा हुआ धन वापस लाए फिर इतना पैसा होगा की आप जो चहैगेवो कर सकते हेऔर इससे नुकसान ज़्यादा होना हे ना की फ़ायदा
Binu kanpur
Dec 06, 2012
5 मिनिट देश के नाम
अफ डी आई पर जबरदस्त घमासान हमारे देश मे चल रहा ह पार्लियामेंट मे सबने अपने विचार रखे. एक बात म भी कहना चाहता हू की क्या अफ डी आई सिर्फ़ विदेशी कंपनी ही कर सकती है ??अगर हमारी सरकार देश की प्रगति को बढ़ाना चाहती ह तो क्या ज़रूरी ह की विदेशी कंपनी ही एसा काम करे?? ओर विदेशी कंपनी 70% वीदेसो से समान ख़रीदेगी ओर 30% इंडिया से. एसका साफ सा मतलब ह की हमारे खरीदने का 70% समान वेदेश्ो से आएगा .मतलब 70% समान हमारी ज़रूरत का ,आयात होगा .तो जाहिर ह की रुपया कमजोर होगा .ओर सरकार के पास महगाई का रोना रोने का एक बहाना भी होगा .
देश की अर्थव्यवस्था को सही करने के लिए जहा हमे निर्यात करने की सख़्त ज़रूरत ह .वाहा सरकार आयात को बढ़ावा दे रही ह.
क्या हमारे देश मे असे उद्योगपति नही ह जो एस तरह की कंपनी को इंडिया मे खोल सके ??
क्या हमारे देश का मानेगएमेंट कॉलेज इतने खराब ह की वो असे स्टूडेंट नही बनती जो असे कंपनी को चला सके.
क्या इंजिनियर की कमी ह,या मेहनती नोजवानो की जो किसी भी काम को करने मे गुरेज नही समझते/
शायद सरकार को हिन्दुस्तानियो पर भरोसा नही रहा .एसलिए वो विदेशियों को हीदुस्तान मे कंपनी चलाने की ज़िमेदारी सोपना चाहती ह /
विदेशी कोम्पनियो को देश मे पनाह देने के नाम पर काफ़ी पैसा भी लिया जाएगा .जैसे टेलिकॉम मे हुआ था. ओर . वो लोग वो सब पैसा हमारी जेब से निकलेंगे ./ ओर दिग्गज लोगो के लिए ब्लॅक मनी को विदेशो मे भेजने का भी अक्चा तरीका होगा.
म सिर्फ़ ये कहना चाहता हूँ की हम हिन्दुस्तानी भी सब कुछ कर सकते ह /हमे ओर ईस्ट इंडिया कंपनी की ज़रूरत नही ह/ जो काम अफ डी आई करेगी उसे करने को देश के लोगो को प्ररित करो ताकि डेस्क का पैसा देश मे रहे ओर 100 % समान हमे हमारे देश से ही Mईळे.ओऱ उत्पादन सीमा बड़ी तो हम निर्यात भी कर सके.
manish singh delhi
Dec 06, 2012
सरकार ब्विदेशि कम्पनी लाती है.तो कुआद का विदेशी पेस भी लैइय
sharad deore nashik
Dec 05, 2012
आF.डी आई नही अन्ना चाहिए
SURENDRA DELHI
Dec 05, 2012
सिब्बलजी कहते हैं कि जो राज्य इसे लागू करना चाहते हैं उन्हे करने दे जो करना नही चाहते वे ना करें./ पर क्या सिब्बलजी यदि आज जो राज्य इसे लागू करते हैं वहाँ की सरकार बदल जाने पर वो अपना बोरिया बिस्तरबाँध लेंगे, ऐसा क़ानून भी बनाया है क्या ???????????
sanjay jain nagaon
Dec 05, 2012
पेरचून की . दुकाने ग़रीबी को बढ़ावा देती हैं. . सस्ता समान खरीद कर पहले जमाखोरी करती है और बाड़मे मिलावट कर महगे दम पर बेचती है.
Wellwisher Haridwar
Dec 05, 2012
वोल माआर्ट कीसी बी देस के लीये अछा नही
bhavin patel new havan
Dec 04, 2012
वोल्मर्ट देश की ज़रूरत है. इसका विरोध करने वाले किसान की जगह बीचोलिए की परवाह करते है, देश की तरक्की का विरोध करते है, काला बाज़ारी का साथ देते है. केवल विरोध के लिए विरोध करते है. अर्थव्यवस्था के सुधार में विधन डालने का काम कर रहे है, इन्हे भारत के भविश्ये की नही अपनी चिंता है की अगर कला बाज़ारी, बीचोलियों को नुकसान हो गया तो उन्हे चंदा और वोट कौन देगा
gurcharan singh bedi Meerut
Dec 04, 2012
सबसे ज़्यादा परभाव निर्माण ढ़ाचे पर पड़ेगा क्योकि ये कंपनी ज़्यादातर वास्तुवे आयात करेगी जिससे हमारा निर्माण ढ़ाचा चरमरा जाएगाभगवानदास ग़ाज़ियाबाद
Bhagwan Dass GHAZIABAD
Dec 04, 2012
शायद नही !! बड़ी शर्म आयी संसद मे चर्चा सुनकर - सभी पार्टियाँ सिर्फ़ वही तर्क दी जिनका उनके वोट बॅंक से संबंध था, न कि भारतीय जनता से | ध्यान दे यदि यही बी. जे. पी. लाती तो कॉंग्रेस वही विरोध का तर्क देती जो आज बी. जे. पी. दे रही हैं ( यही हाल अन्य पार्टियो का भी है, हमने सिर्फ़ दो बड़ी पार्टियो का मिशाल दिया) | अब आप बताइए ये चर्चा कर रहे है या कुछ और.... | निःसंदेह इसके आने से कुछ लाभ है पर हानि ज़्यादा है......ईस्ट इंडिया कंपनी इसी तर्ज पर आई और क्या की, बताने की ज़रूरत नही है...|
Sanad Upadhyay Mumbai
Dec 04, 2012
बिल्कुल खुर्दा मे बाहरी आने से परचूनिया ख़त्म हो जाएगा ये हम आप अभी भी महसुस कर सकते है क्योकि मिडिल क्लास वालमार्ट आदि पहले कस्टमर बनाने के लिए कुछ भी करेंगे उसके बाद नेताओ को ख़रीदेंगे और वालमार्ट आदि को लूटने की खुली छूट देदेंगे . अमरे देश के नेताओ भगवान से डरो एटनी तो आती मत करो
amit kumar raipur ( C.G.)
Dec 04, 2012
वालमार्ट के आने से ईज़ी डे, बिग बाजार, और विशाल जैसे मेगा स्टोर पर असर पड़ेगा. जो कस्टमर सीधे बाजार से समान लाते है, वो तो उसी बाज़ार से लाएगे. थोड़ा फरक पड़ेगा ज़रूर. मगर उस से सब लोगो जाडा ऑप्षन भी मिलेगेंगे.वैसे भी इस व्यापारियो ने मोटो नोट कमा रखा है, और टेक्स देने के नाम पर खुद को ऐसे दिखाते है जैसे भूको मरने की नौबत आ गयी है.
sanjeev Noida
Dec 04, 2012
बिल्कुल बर्बाद हो जायगे एक तो 70% आम आदमी बर्बाद हो चुका है , महगाई से , आब क्या आत्म हत्या केरने पेर मजबूर मत करो
raju new delhi
- मोदी की ‘विद्या सहायक स्कीम’ को सुप्रीम कोर्ट ने ‘विद्या शत्रु योजना’ बताया
- देखें, मौसम विभाग का अनुमान गर्मी से बेहाल होगा देश
- बैंगलोर में हो तो सुन लो, 15 दिन बाद नहीं मिलेगा पानी
- लालू यादव ने जेडीयू नेता को ‘एलसेशन’ कह डाला
- ताजमहल देखना गया था, गर्मी ने ले ली जान
- भारत-चीन के बीच 8 समझौते, मनमोहन जाएंगे चीन
- उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर, कई जगह तापमान 45 डिग्री से ऊपर
- एक हिंदुस्तानी डॉक्टर, जिसके सम्मान में सिर झुकाता है चीन
- यमन के राष्ट्रपति ने यूएई के साथ संबंधों को सराहा
- ली के खिलाफ तिब्बतियों का प्रदर्शन
ख़बरें
सबसे ज्यादा पाठकों की राय
- आपकी राय: बढ़ती रेप की घटनाओं के लिये कौन दोषी है सरकार या समाज?
- आपकी राय: कर्नाटक में कांग्रेस की जीत और बीजेपी की हार पर आपका मत
- MP शफीकुर्रहमान बोले,‘वंदे मातरम इस्लाम के खिलाफ’
- आपकी रायः पहले सहवाग अब गंभीर, क्या धोनी अपने विरोधियों को चलता कर रहे हैं?
- आपकी राय: घोटालों, घूसकांड के बाद मंत्रियों के इस्तीफे न देने की केंद्र की सीनाजोरी पर आपका मत
सबसे ज्यादा पढ़ी गई
सबसे ताजी
- थम गई बाजारों की तेजी, सेंसेक्स 50 अंक गिरकर बंद
- ‘रमैया वस्ता वैया’ लगाएगी श्रुति हसन की नैया पार?
- घर में मुमताज को अकेली देख कर लिया बलात्कार
- मोदी की ‘विद्या सहायक स्कीम’ को सुप्रीम कोर्ट ने ‘विद्या शत्रु योजना’ बताया
- दिल को छू लेने वाली प्रेम कहानी है ‘रांझना’ की
- देखें, मौसम विभाग का अनुमान गर्मी से बेहाल होगा देश
- वाह! मर्सिडीज की महंगी कारें अब इतनी सस्ती मिलेंगी
- LIVE UPDATE: स्पॉट फिक्सिंग से जुड़ी हर ख़बर
- फूलों पर मंडराने वाली मधुमक्खियां अब ढूंढेगी बारुदी सुरंग
- देखें, कैसे रेलवे घूसकांड छापे की खबर हुई लीक...
तस्वीरें
क्रिकेट समाचार











