13 फरवरी 2012
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
hindi.in.com अब फेसबुक के ऐप्स पर भी देखें
नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को सरकार से जानना चाहा कि उसने गैर सरकारी संगठन, कॉमन कॉज द्वारा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति के.जी. बालाकृष्णन के खिलाफ लगाए गए आरोप पर क्या कार्रवाई की। इस संगठन ने न्यायमूर्ति बालाकृष्णन के खिलाफ अनाचार के आरोप लगाए हैं।
“पूर्व मुख्य न्यायाधीश बालाकृष्णन तक पहुंचना आसान था”
सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश एस.एस. कपाड़िया की अध्यक्षता वाली पीठ ने महान्यायविद जी. वाहनवती से कहा कि वह न्यायालय को सूचित करें कि क्या गैर सरकारी संगठन द्वारा की गई शिकायत पर सरकार ने कोई कार्रवाई की है या नहीं, या सरकार ने इसके बारे में क्या कुछ करने का प्रस्ताव किया है।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि जब न्यायमूर्ति के.जी. बालाकृष्णन सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश थे, तो उस समय उनके दो दामादों और भाई सहित उनके कई रिश्तेदारों ने 40 करोड़ रुपये की सम्पत्ति जमा की थी।
न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 मार्च की तारीख तय की है। इस समय तक केंद्र सरकार को इस बारे में न्यायालय को सूचित करना है कि उसने कॉमन कॉज की शिकायत पर क्या कार्रवाई की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
hindi.in.com अब फेसबुक के ऐप्स पर भी देखें
नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को सरकार से जानना चाहा कि उसने गैर सरकारी संगठन, कॉमन कॉज द्वारा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति के.जी. बालाकृष्णन के खिलाफ लगाए गए आरोप पर क्या कार्रवाई की। इस संगठन ने न्यायमूर्ति बालाकृष्णन के खिलाफ अनाचार के आरोप लगाए हैं।
“पूर्व मुख्य न्यायाधीश बालाकृष्णन तक पहुंचना आसान था”
सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश एस.एस. कपाड़िया की अध्यक्षता वाली पीठ ने महान्यायविद जी. वाहनवती से कहा कि वह न्यायालय को सूचित करें कि क्या गैर सरकारी संगठन द्वारा की गई शिकायत पर सरकार ने कोई कार्रवाई की है या नहीं, या सरकार ने इसके बारे में क्या कुछ करने का प्रस्ताव किया है।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि जब न्यायमूर्ति के.जी. बालाकृष्णन सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश थे, तो उस समय उनके दो दामादों और भाई सहित उनके कई रिश्तेदारों ने 40 करोड़ रुपये की सम्पत्ति जमा की थी।
न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 मार्च की तारीख तय की है। इस समय तक केंद्र सरकार को इस बारे में न्यायालय को सूचित करना है कि उसने कॉमन कॉज की शिकायत पर क्या कार्रवाई की।
यह खबर आपको कैसी लगी
10 में से 0 वोट मिले
प्रमुख ख़बरें
- जरूर देखें: आज सुर्खियों में रहने वाली अहम खबरें
- facebook पर hindi.in.com को LIKE किया क्या?
- स्पेशल रिपोर्ट: गर्मी से झुलसा देश, इंडिया @45 डिग्री!
- KBP: संगमा की दहाड़, समर्थन नहीं, तो निर्दलीय खड़ा हो जाऊंगा
- इटली में भूकम्प के झटके जारी, हजारों विस्थापित
- पायलटों की हड़ताल का 15वां दिन, नुकसान 250 करोड़!
- मनमोहन के बाद कौन पर राहुल, प्रणब आगे
- KBP: संगमा बोले, एक नजर इधर, मैं भी हूं रेस में!
- देखें, कैसे पिता ने बच्चे को वॉशिंग मशीन में धोया?
- KBP: ममता नहीं चाहतीं प्रणब दा राष्ट्रपति बनें!
आज के वीडियो
यूपीः कांस्टेबल ने लुटेरों को पकड़ा, तो थानेदार ने पीट दिया
ख़बरें
सबसे ज्यादा पाठकों की राय
तस्वीरें
क्रिकेट समाचार
Live TV | Stock Market India | IBNLive News | IBNKhabar Hindi News | Cricket News | In.com | हमारे बारे में | हमारा पता | हमें बताइए | विज्ञापन | अस्वीकरण | गोपनीयता | शर्तें | साइट जानकारी
© 2011, Web18 Software Services Ltd. All Rights Reserved.











