12 फरवरी 2012
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
श्रीनगर। जम्मू एवं कश्मीर के बारामूला जिले में शुक्रवार देर शाम सुरक्षाबलों की ओर से की गई गोलीबारी में एक 25 वर्षीय युवक की मौत हो जाने पर शनिवार को इलाके में तनाव व्याप्त हो गया।
राज्य सरकार द्वारा मामले की जांच कराए जाने का आदेश दिए जाने के बाद ग्रामीण युवक का शव दफनाने के लिए तैयार हुए। वहीं, युवक की मौत पर सेना ने अफसोस जताया है। बारामूला जिले के लैसर (रफियाबाद) गांव में हुई गोलीबारी की एक घटना में आशिक हुसैन राथर (25) की उस समय मौत हो गई, जब 32 राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों ने आतंकवादियों के छुपे होने की सूचना मिलने के बाद गांव की घेराबंदी शुरू की। राथर की मौत के विरोध में दिन भर विरोध-प्रदर्शन जारी रहा।
प्रदर्शनकारियों द्वारा सड़क अवरुद्ध करने से बारामूला-कुपवाड़ा मार्ग पर यातायात दिनभर बंद रहा। प्रदर्शनकारी युवक की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
वहीं, श्रीनगर पहुंचने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत में उमर ने कहा, "हमें बताया गया है कि रफियाबाद में कल गोलीबारी की एक घटना में एक युवक की मौत हो गई। हमें उस स्थिति का पता लगाना है, जिसके कारण युवक की मौत हुई। यह पता करना है कि जवानों ने अभियान के दौरान इलाके में मानक सामरिक प्रक्रिया (एसओपी) का पालन किया था या नहीं।"
उमर ने कहा, "मैंने गृह राज्य मंत्री और पुलिस महानिदेशक को घटनास्थल पर भेजा है। मैं यह स्पष्ट कर पाने की स्थिति में अभी नहीं हूं कि मैं आज घटनास्थल पर जाऊंगा या नहीं। लेकिन मैं निश्चितरूप से वहां जाऊंगा और शोकाकुल परिवार से मिलूंगा। यह देखना है कि मेरे दौरे से इलाके में तनाव और न बढ़े।"
वानी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से आश्वासन मिलने पर कि युवक की मौत मामले की जांच कराई जाएगी, पीड़ित परिवार शव दफनाने पर सहमत हुआ।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि घेरेबंदी के दौरान एक सैनिक से दुर्घटनावश चली गोली युवक को लग गई और उसकी मौत हो गई।
सोपोर के पुलिस अधीक्षक सैयद इम्तियाज हुसैन ने आईएएनएस से कहा, "राष्ट्रीय राइफल्स के अनुसार, यह दुर्घटनावश चली गोली थी, जिसके कारण कल गांव की घेरेबंदी के दौरान युवक की मौत हो गई। हम इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की जांच कर रहे हैं।"
इस बीच राज्य के गृह राज्य मंत्री नासिर असलम वानी और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कुलदीप खोडा के अलावा 15 कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एस.ए. हसनैन, पुलिस माहनिरीक्षक (कश्मीर) एस.एम. सहाय, बारामूला के जिलाधिकारी बशीर अहमद भट्ट और प्रशासन, पुलिस और सेना के अन्य अधिकारी युवक की मौत पर सांत्वना देने के लिए गांव पहुंचे।
लेफ्टिनेंट जनरल हसनैन ने इस घटना पर अफसोस जताया और सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।
मुख्यमंत्री की तरफ से वानी ने पीड़ित परिवार को एक सरकारी नौकरी और अग्रिम जमानत के रूप में पांच लाख रुपये देने का वादा किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
श्रीनगर। जम्मू एवं कश्मीर के बारामूला जिले में शुक्रवार देर शाम सुरक्षाबलों की ओर से की गई गोलीबारी में एक 25 वर्षीय युवक की मौत हो जाने पर शनिवार को इलाके में तनाव व्याप्त हो गया।
राज्य सरकार द्वारा मामले की जांच कराए जाने का आदेश दिए जाने के बाद ग्रामीण युवक का शव दफनाने के लिए तैयार हुए। वहीं, युवक की मौत पर सेना ने अफसोस जताया है। बारामूला जिले के लैसर (रफियाबाद) गांव में हुई गोलीबारी की एक घटना में आशिक हुसैन राथर (25) की उस समय मौत हो गई, जब 32 राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों ने आतंकवादियों के छुपे होने की सूचना मिलने के बाद गांव की घेराबंदी शुरू की। राथर की मौत के विरोध में दिन भर विरोध-प्रदर्शन जारी रहा।
प्रदर्शनकारियों द्वारा सड़क अवरुद्ध करने से बारामूला-कुपवाड़ा मार्ग पर यातायात दिनभर बंद रहा। प्रदर्शनकारी युवक की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
वहीं, श्रीनगर पहुंचने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत में उमर ने कहा, "हमें बताया गया है कि रफियाबाद में कल गोलीबारी की एक घटना में एक युवक की मौत हो गई। हमें उस स्थिति का पता लगाना है, जिसके कारण युवक की मौत हुई। यह पता करना है कि जवानों ने अभियान के दौरान इलाके में मानक सामरिक प्रक्रिया (एसओपी) का पालन किया था या नहीं।"
उमर ने कहा, "मैंने गृह राज्य मंत्री और पुलिस महानिदेशक को घटनास्थल पर भेजा है। मैं यह स्पष्ट कर पाने की स्थिति में अभी नहीं हूं कि मैं आज घटनास्थल पर जाऊंगा या नहीं। लेकिन मैं निश्चितरूप से वहां जाऊंगा और शोकाकुल परिवार से मिलूंगा। यह देखना है कि मेरे दौरे से इलाके में तनाव और न बढ़े।"
वानी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से आश्वासन मिलने पर कि युवक की मौत मामले की जांच कराई जाएगी, पीड़ित परिवार शव दफनाने पर सहमत हुआ।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि घेरेबंदी के दौरान एक सैनिक से दुर्घटनावश चली गोली युवक को लग गई और उसकी मौत हो गई।
सोपोर के पुलिस अधीक्षक सैयद इम्तियाज हुसैन ने आईएएनएस से कहा, "राष्ट्रीय राइफल्स के अनुसार, यह दुर्घटनावश चली गोली थी, जिसके कारण कल गांव की घेरेबंदी के दौरान युवक की मौत हो गई। हम इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की जांच कर रहे हैं।"
इस बीच राज्य के गृह राज्य मंत्री नासिर असलम वानी और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कुलदीप खोडा के अलावा 15 कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एस.ए. हसनैन, पुलिस माहनिरीक्षक (कश्मीर) एस.एम. सहाय, बारामूला के जिलाधिकारी बशीर अहमद भट्ट और प्रशासन, पुलिस और सेना के अन्य अधिकारी युवक की मौत पर सांत्वना देने के लिए गांव पहुंचे।
लेफ्टिनेंट जनरल हसनैन ने इस घटना पर अफसोस जताया और सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।
मुख्यमंत्री की तरफ से वानी ने पीड़ित परिवार को एक सरकारी नौकरी और अग्रिम जमानत के रूप में पांच लाख रुपये देने का वादा किया।
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