08 सितम्बर 2012
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस/आईबीएन-7
facebook पर hindi.in.com पेज को LIKE किया क्या?
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देश के प्रमुख प्रतिष्ठानों पर हाल में हुए साइबर हमलों के मद्देनजर शनिवार को आगाह किया कि देश में साइबर अपराध के खतरे बढ़ रहे हैं।
सरकार की चेतावनी, अफवाह फैलानेवाली साइटों की खैर नहीं!
मनमोहन सिंह ने राज्यों के पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों तथा केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों के महानिदेशकों व महानिरीक्षकों के तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा, "हमारे देश में साइबर अपराध के खतरे बढ़ रहे हैं, क्योंकि हमारी अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण अधोसंरचना कम्प्यूटर नेटवर्क और इंटरनेट पर अत्यधिक निर्भर हो गई है।"
मनमोहन ने पुलिस प्रमुखों को चेताया, "हमारी महत्वपूर्ण अधोसंरचना और अर्थव्यवस्था पर बड़े पैमाने के कम्प्यूटर हमलों के विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं।" इस अवसर पर राज्य मंत्री वी. नारायणसामी, मुल्लापल्ली रामचंद्रन और जितेंद्र सिंह मौजूद थे।
सोशल मीडिया का न हो दुरुपयोग, सरकार ने कसी कमर
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार एक मजबूत साइबर सुरक्षा ढांचे पर काम कर रही है, जो खतरा प्रबंधन व शमन, आश्वासन व प्रमाणन, क्षमता निर्माण व अनुसंधान के मुद्दे से निपटेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, "इसके लिए हमें सरकार, शैक्षिक समुदाय और निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी बनाने की जरूरत है।"
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया एक नई चुनौती बनकर उभरा है। हमें इसका सामना करने की जरूरत है। पुलिस बलों को आने वाले समय में सोशल मीडिया पर निगरानी रखने के लिए रणनीति बनाने की जरूरत है। पीएम ने कहा कि सरकार साइबर सुरक्षा के खतरों से निपटने के लिए एक साइबर सुरक्षा नेटवर्क तैयार कर रही है। प्रधानमंत्री ने ये बातें इंटरनल सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में कही।
आतंकवाद पर बोलते हुए पीएम ने कहा कि हमलों के लिए आतंकी समुद्री मार्ग का इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए समय पूर्व से कदम उठाने होंगे। आतंकी मुंबई, दिल्ली, पुणे में हमले करने में कामयाब रहे हैं।
देश में बार-बार पैदा होने वाले सांप्रदायिक तनाव पर पीएम ने कहा कि हमारी पुलिस को समुदायों के बीच भावनाओं को समझने के लिए प्रशिक्षित करने की जरूरत है। साथ ही वो उन लोगों को पकड़े जो मुसीबत बढ़ाते हैं। इससे पहले कि ऐसे लोग समाज में कोई तनाव बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि एक सक्रिय और प्रभावकारी बीट कांस्टेबल दो समुदाय के बीच तनाव को बढ़ने से रोक सकता है। पुलिस प्रमुखों को इस पर ध्यान देना होगा।
यह खबर आपको कैसी लगी
10 में से 0 वोट मिले
- मोदी की ‘विद्या सहायक स्कीम’ को सुप्रीम कोर्ट ने ‘विद्या शत्रु योजना’ बताया
- देखें, मौसम विभाग का अनुमान गर्मी से बेहाल होगा देश
- बैंगलोर में हो तो सुन लो, 15 दिन बाद नहीं मिलेगा पानी
- लालू यादव ने जेडीयू नेता को ‘एलसेशन’ कह डाला
- ताजमहल देखना गया था, गर्मी ने ले ली जान
- भारत-चीन के बीच 8 समझौते, मनमोहन जाएंगे चीन
- उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर, कई जगह तापमान 45 डिग्री से ऊपर
- एक हिंदुस्तानी डॉक्टर, जिसके सम्मान में सिर झुकाता है चीन
- यमन के राष्ट्रपति ने यूएई के साथ संबंधों को सराहा
- ली के खिलाफ तिब्बतियों का प्रदर्शन
ख़बरें
सबसे ज्यादा पाठकों की राय
- आपकी राय: बढ़ती रेप की घटनाओं के लिये कौन दोषी है सरकार या समाज?
- आपकी राय: कर्नाटक में कांग्रेस की जीत और बीजेपी की हार पर आपका मत
- MP शफीकुर्रहमान बोले,‘वंदे मातरम इस्लाम के खिलाफ’
- आपकी रायः पहले सहवाग अब गंभीर, क्या धोनी अपने विरोधियों को चलता कर रहे हैं?
- आपकी राय: घोटालों, घूसकांड के बाद मंत्रियों के इस्तीफे न देने की केंद्र की सीनाजोरी पर आपका मत
सबसे ज्यादा पढ़ी गई
सबसे ताजी
- थम गई बाजारों की तेजी, सेंसेक्स 50 अंक गिरकर बंद
- ‘रमैया वस्ता वैया’ लगाएगी श्रुति हसन की नैया पार?
- घर में मुमताज को अकेली देख कर लिया बलात्कार
- मोदी की ‘विद्या सहायक स्कीम’ को सुप्रीम कोर्ट ने ‘विद्या शत्रु योजना’ बताया
- दिल को छू लेने वाली प्रेम कहानी है ‘रांझना’ की
- देखें, मौसम विभाग का अनुमान गर्मी से बेहाल होगा देश
- वाह! मर्सिडीज की महंगी कारें अब इतनी सस्ती मिलेंगी
- LIVE UPDATE: स्पॉट फिक्सिंग से जुड़ी हर ख़बर
- फूलों पर मंडराने वाली मधुमक्खियां अब ढूंढेगी बारुदी सुरंग
- देखें, कैसे रेलवे घूसकांड छापे की खबर हुई लीक...
तस्वीरें
क्रिकेट समाचार











