23 अक्टूबर 2012
आईबीएन 7
facebook पर hindi.in.com पेज को LIKE किया क्या?
नई दिल्ली। मुंबई हमले के गुनहगार आतंकी अजमल आमिर कसाब की ओर से राष्ट्रपति को भेजी गई दया याचिका पर गृह मंत्रालय ने अपनी सिफारिश देते हुए ये साफ कर दिया है कि वो कसाब को माफी के काबिल नहीं मानता है। नियमों के मुताबिक राष्ट्रपति भवन के पास जब भी कोई भी दया याचिका आती है तो वो गृह मंत्रालय से उसकी राय मांगता है। आमतौर पर राष्ट्रपति गृह मंत्रालय की राय को तवज्जो देते हैं, लेकिन ये उनका स्वतंत्र अधिकार है कि वो सजा माफ करें या नहीं? कानून के जानकार मानते हैं कि गृह मंत्रालय की इस सिफारिश के बाद कसाब को फांसी का रास्ता साफ हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखी थी मौत की सजा
26/11 हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों में से एकमात्र जिंदा पकड़े गए कसाब ने इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में भी मौत की सजा माफ करने की अपील की थी, जिसे नामंजूर कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने 29 अगस्त को कसाब की याचिका खारिज करते हुए साल 2008 के मुम्बई हमले के लिए उसकी मौत की सजा बरकरार रखी थी। कसाब ने अपनी याचिका में उसे दोषी ठहराए जाने के बम्बई उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कसाब के इस तर्क को खारिज कर दिया था कि मुम्बई पर हुआ आतंकवादी हमला भारत सरकार के खिलाफ युद्ध था, न कि भारत या यहां के लोगों के खिलाफ।
कसाब ने पेश किए थे कई तर्क, सभी खारिज हुए
न्यायालय ने कहा कि भारत सरकार, देश का एकमात्र निर्वाचित अंग और सम्प्रभु सत्ता का केंद्र है। इसके बाद न्यायालय ने कहा था कि दोषी का प्राथमिक और मुख्य अपराध भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ना ही था। सर्वोच्च न्यायालय ने कसाब के उस तर्क को स्वीकार नहीं किया, जिसमें उसने कहा था कि गिरफ्तार किए जाने के तत्काल बाद उसे वकील न मुहैया कराए जाने से पूरी प्रक्रिया बिगड़ गई। न्यायालय ने यह भी कहा कि कसाब को वकील मुहैया कराने की कोशिशें की गईं, लेकिन उसने यह कहते हुए हर बार इन्कार कर दिया कि उसे भारतीय वकील की आवश्यकता नहीं है। फैसले में कहा गया था कि कसाब के वकील को दिया गया समय पर्याप्त था।
मुम्बई हमले की सुनवाई का सफर...
वर्ष 2008 में 26 नवंबर को मुंबई में हुए आतंकी हमले मामले की सुनवाई मामले में कब क्या हुआ, इसका तिथिवार ब्योरा:-
वर्ष 2008
26 नवंबर: अजमल आमिर कसाब और नौ अन्य पाकिस्तानी फिदायीन ने दक्षिण मुंबई और इसके आसपास के इलाकों में एक साथ हमले को अंजाम दिया।
26 नवंबर की देर रात 1.30 बजे गिरगांव चौपाटी के पास पुलिसकर्मियों ने कसाब को दबोच लिया। उसे गिरफ्तार कर लिया गया और उसे नायर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
29 नवंबर: कसाब ने पुलिस को बयान दिया। हमले में अपनी भूमिका स्वीकार की।
29 नवंबर: आतंकवादियों के कब्जे से सभी स्थलों को मुक्त कर लिया गया। नौ आतंकवादी मारे गए। एकमात्र कसाब को जिंदा पकड़ा जा सका।
30 नवंबर: कसाब ने पुलिस के सामने बयान दर्ज कराया।
27-28 दिसंबर: पहचान परेड कराई गई।
फिर याद आई 26/11 की खूनी दास्तां...
वर्ष 2009
13 जनवरी: मामले की सुनवाई के लिए एम. एल. तहिलयानी को विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया गया।
16 जनवरी: कसाब मामले की सुनवाई के लिए ऑर्थर रोड जेल को चुना गया।
5 फरवरी: मालवाहक पोत कुबेर से बरामद सामान के साथ कसाब के डीएनए के नमूने का मिलान हुआ।
20-21 फरवरी: कसाब ने दंडाधिकारी आर.वी. सावंत-वागले के समक्ष इकबालिया बयान दर्ज कराया।
22 फरवरी: उज्ज्वल निकम को मामले में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया।
25 फरवरी: एस्प्लानेड महानगर अदालत में कसाब और दो अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया।
1 अप्रैल: अदालत ने अंजलि वाघमारे को कसाब का वकील नियुक्त किया।
15 अप्रैल: अंजलि वाघमारे को मामले से हटाया गया।
16 अप्रैल: एस.जी. अब्बास काजमी को कसाब का वकील नियुक्त किया गया।
17 अप्रैल: कसाब के इकबालिया बयान को अदालत के समक्ष रखा गया।
20 अप्रैल: अभियोजन पक्ष ने कसाब के खिलाफ 312 अभियोग लगाए।
6 मई: कसाब के खिलाफ 86 अभियोगों में आरोप तय, हालांकि उसने इंकार किया।
8 मई: पहले प्रत्यक्षदर्शी का अदालत में बयान, कसाब की पहचान की।
23 जून: वांछित अपराधियों हाफिज सईद, जकी-उर-रहमान लखवी सहित 22 के खिलाफ गैरजमानती वारंट। इन्हें भगोड़ा घोषित किया गया।
30 नवंबर: कसाब के वकील अब्बास काजमी मामले से हटाए गए।
1 दिसंबर: के.पी. पवार ने आधिकारिक रूप से काजमी का स्थान लिया।
16 दिसंबर: अभियोजन ने 26/11 आतंकी हमले में सुनवाई पूरी की।
18 दिसंबर: कसाब ने सभी आरोपों से इंकार किया।
वर्ष 2010
06 मई 2010 को मुंबई हमले के 521 दिनों बाद विशेष न्यायालय के न्यायाधीश एम. एल. ताहिलयानी ने कसाब पर चार मामलों के तहत सजा-ए-मौत सुनाई।
वर्ष 2011
21 फरवरी 2011 को कसाब को बम्बई उच्च न्यायालय ने विशेष अदालत के फैसले को सुरक्षित रखते हुए मौत की सजा सुनाई।
29 जुलाई 2011 को कसाब बॉम्बे उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने के लिए सर्वोच्च न्यायालय की शरण में पहुंचा।
वर्ष 2012
29 जुलाई 2012 को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया और कसाब की मौत की सजा बरकरार रखी।
कसाब की दया याचिका राष्ट्रपति के पास, नजरें प्रणब पर
IN.COM POLL: 69% मानते हैं, कसाब को आमचुनाव से पहले फांसी नहीं होगी
यह खबर आपको कैसी लगी
10 में से 0 वोट मिले
पाठकों की राय
25 मई 2013
Oct 23, 2012
कसाब ने निर्सोष लोगों को मार कर बहुत बड़ी ग़लती की है . फिर भी इस को फाँसी की सज़ा नही देनी चाहिए. इस बेचारे ने तो वही किया जो इस से कहा गया. कसूर तो हमारे और पाकिस्तानी पॉलिटिशियन्स का है, जो ऐसे नासमझ लोगों से ऐसे जुलाम क्रवा रहे हैं. इस बेचारे को फाँसी दे कर कोई फएदा भारत की जनता को नही होगा. फाँसी से फाइयदा सिर्फ़ सोन्या गंदी और मनमोहन को होगा, जिन्हे असल मे फाँसी होनी चाहिए. काश इस कसाब ने सोन्या और मनमोहन को निशाना बनाया होता ! हालाँकि मैं हर तारेह के उग्गारवाद का विरोधी हू. लेकिन फाँसी की स्जा कसाब को नही मिलनी चाहिए !!
Vrun gandhi Gurgaon
- राहुल गांधी बोले, ‘मुझे मां की तरह नरम मत समझना’
- मोदी पर भड़कीं सुषमा का मीटिंग से वॉकआउट
- देखें, आडवाणी ने मोदी को हटा किसको चुना
- BCCI चीफ श्रीनिवासन, समलैंगिक बेटे के बीच पुराने-नये विवादों की पूरी कहानी
- आतंकियों के साथ मुठभेड़ में तीन जवान शहीद
- देखें, वो ‘ब्रेव लेडी’ जो लंदन में आतंकियों से भिड़ी
- चीनी कैथोलिकों को भयमुक्त धार्मिक कार्य करने दें : पोप
- PM पद की रेस से हटने की तैयार नहीं आडवाणी, मोदी के खिलाफ रचा ‘चक्रव्यूह’
- ब्रिटिश सैनिक का सिर काटने वाले आतंकियों से जा भिड़ी वो ‘हिम्मतवाली’
- उप्र में प्रबंधन गुरु सिखाएंगे पुलिसकर्मियों को टीम भावना
ख़बरें
सबसे ज्यादा पाठकों की राय
- आपकी राय: बढ़ती रेप की घटनाओं के लिये कौन दोषी है सरकार या समाज?
- आपकी राय: बाप महान पहलवान, रामायण के हनुमान और बेटा सटोरिया, क्या कहते हैं आप?
- आपकी रायः पहले सहवाग अब गंभीर, क्या धोनी अपने विरोधियों को चलता कर रहे हैं?
- आपकी राय: कर्नाटक में कांग्रेस की जीत और बीजेपी की हार पर आपका मत
- PM पद की रेस से हटने की तैयार नहीं आडवाणी, मोदी के खिलाफ रचा ‘चक्रव्यूह’
सबसे ज्यादा पढ़ी गई
सबसे ताजी
- LIVE UPDATE: IPL फिक्सिंग से जुड़ी पल-पल की ख़बर
- देखें, पैसों के लिए गर्भाशय निकालते कातिल डॉक्टर
- IPL 6: कौन चमकेगा, नीता का जॉनसन या शिल्पा का वॉटसन?
- यूपी@47: जला देने वाली गर्मी पड़ रही है
- विंदू ने कटा दी नाक, IPL स्पॉट फिक्सिंग से बॉलीवुड भी नाराज!
- एयरटेल के बाद बंद हो सकती है आइडिया की 3जी
- IPL spot fiixing: विंदू बने थे असद रऊफ के ‘लव गुरु’
- लौटी बाजारों की रौनक, सेंसेक्स 30 अंक ऊपर बंद
- संजय दत्त की मां नर्गिस ने इतनी कम उम्र में ही..!
- देखें, प्रीति ने खोले ‘इश्क इन पेरिस’ से जुड़े कई राज
तस्वीरें
क्रिकेट समाचार











