09 फरवरी 2012
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
hindi.in.com अब फेसबुक के ऐप्स पर भी देखें
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने फलक एवं बच्चों से सम्बंधित ऐसे मामलों में तथ्यों का खुलासा करने एवं मीडिया को दिशा-निर्देश देने के लिए बुधवार को राज्य सरकार से एक समिति का गठन करने के लिए कहा।
न्यायालय ने ऐसे मामलों में मीडिया पर नियंत्रण के लिए दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ए.के. सीकरी एवं न्यायमूर्ति आर.एस. एंडलॉ की खंडपीठ ने मीडिया को दिशा-निर्देश देने के लिए दिल्ली सरकार से एक समिति का गठन करने के लिए कहा, जिससे इसकी प्रारम्भिक रपट सात मार्च तक आ सके।
गम्भीर रूप से घायल दो वर्ष की फलक को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में 18 जनवरी को भर्ती किया गया था। बच्ची के शरीर पर मानव दांत के निशान भी थे।
इस समिति में बाल न्याय बोर्ड के प्रमुख, केंद्र एवं दिल्ली सरकार, 'नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड्स राइट्स', भारतीय प्रेस परिषद, मीडिया और गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
एक अधिवक्ता की फलक जैसे मामले में मीडिया के कवरेज पर दिशा-निर्देश की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने केंद्र एवं राज्य सरकार को नोटिस जारी किया।
याचिका में फलक एवं उसे एम्स लाने वाले 15 वर्षीया किशोरी को लेकर मीडिया में मची खलबली की तरफ संकेत किया गया था।
याचिकाकर्त्ता ने कहा, "मीडिया के कवरेज ने दोनों बच्चों के जीवन को इस हद तक सनसनीखेज बना दिया है कि दोनों बच्चे इस घटना को कभी भुला नहीं पाएंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
hindi.in.com अब फेसबुक के ऐप्स पर भी देखें
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने फलक एवं बच्चों से सम्बंधित ऐसे मामलों में तथ्यों का खुलासा करने एवं मीडिया को दिशा-निर्देश देने के लिए बुधवार को राज्य सरकार से एक समिति का गठन करने के लिए कहा।
न्यायालय ने ऐसे मामलों में मीडिया पर नियंत्रण के लिए दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ए.के. सीकरी एवं न्यायमूर्ति आर.एस. एंडलॉ की खंडपीठ ने मीडिया को दिशा-निर्देश देने के लिए दिल्ली सरकार से एक समिति का गठन करने के लिए कहा, जिससे इसकी प्रारम्भिक रपट सात मार्च तक आ सके।
गम्भीर रूप से घायल दो वर्ष की फलक को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में 18 जनवरी को भर्ती किया गया था। बच्ची के शरीर पर मानव दांत के निशान भी थे।
इस समिति में बाल न्याय बोर्ड के प्रमुख, केंद्र एवं दिल्ली सरकार, 'नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड्स राइट्स', भारतीय प्रेस परिषद, मीडिया और गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
एक अधिवक्ता की फलक जैसे मामले में मीडिया के कवरेज पर दिशा-निर्देश की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने केंद्र एवं राज्य सरकार को नोटिस जारी किया।
याचिका में फलक एवं उसे एम्स लाने वाले 15 वर्षीया किशोरी को लेकर मीडिया में मची खलबली की तरफ संकेत किया गया था।
याचिकाकर्त्ता ने कहा, "मीडिया के कवरेज ने दोनों बच्चों के जीवन को इस हद तक सनसनीखेज बना दिया है कि दोनों बच्चे इस घटना को कभी भुला नहीं पाएंगे।"
यह खबर आपको कैसी लगी
10 में से 7 वोट मिले
प्रमुख ख़बरें
- स्पेशल रिपोर्ट: गर्मी से झुलसा देश, इंडिया @45 डिग्री!
- KBP: संगमा की दहाड़, समर्थन नहीं, तो निर्दलीय खड़ा हो जाऊंगा
- इटली में भूकम्प के झटके जारी, हजारों विस्थापित
- पायलटों की हड़ताल का 15वां दिन, नुकसान 250 करोड़!
- मनमोहन के बाद कौन पर राहुल, प्रणब आगे
- KBP: संगमा बोले, एक नजर इधर, मैं भी हूं रेस में!
- जरूर देखें: आज सुर्खियों में रहने वाली अहम खबरें
- देखें, कैसे पिता ने बच्चे को वॉशिंग मशीन में धोया?
- KBP: ममता नहीं चाहतीं प्रणब दा राष्ट्रपति बनें!
- आइसक्रीम के लिए हेलीकॉप्टर समुद्रतट पर उतार दिया!
आज के वीडियो
यूपीः कांस्टेबल ने लुटेरों को पकड़ा, तो थानेदार ने पीट दिया
ख़बरें
सबसे ज्यादा पाठकों की राय
तस्वीरें
क्रिकेट समाचार
Live TV | Stock Market India | IBNLive News | IBNKhabar Hindi News | Cricket News | In.com | हमारे बारे में | हमारा पता | हमें बताइए | विज्ञापन | अस्वीकरण | गोपनीयता | शर्तें | साइट जानकारी
© 2011, Web18 Software Services Ltd. All Rights Reserved.











