12 फरवरी 2012
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
मुम्बई। फिल्मकार जेपी दत्ता अपने पिता ओपी दत्ता के लम्बी बीमारी के बाद निधन से बहुत दुखी हैं। 'बॉर्डर' के निर्देशक जेपी ने कहा कि उनके पिता ने 2006 में आई 'उमराव जान' तक उनकी हर फिल्म की पटकथा और संवाद लिखे थे। उन्होंने कहा कि पिता के जाने के साथ ही उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है, मानो उन्होंने अपनी आवाज खो दी हो।
जेपी ने कहा, "मैंने अपनी आवाज खो दी। वह मेरी आत्मा थे। अब मैं जब फिल्म बनाऊंगा तो मेरे दिमाग में आने वाले शब्दों को कौन लिखेगा।"
लेखक व फिल्मकार ओपी का गुरुवार रात निधन हो गया। वह 90 साल के थे।
ओपी दत्ता ने भारत के विभाजन से पहले एक निर्देशक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। बाद में 1985 में उनके बेटे जेपी पूर्णकालिक निर्देशक बने। तब ओपी ने फिल्मों की पटकथा व संवाद लिखने का निर्णय लिया।
ओपी के निधन की घोषणा के बाद दत्ता आवास पर सबसे पहले पहुंचने वाली बॉलीवुड हस्ती अभिषेक बच्चन थे। जेपी की फिल्म 'रिफ्यूजी' से अभिनय की शुरुआत करने वाले अभिषेक उन्हें अपने पिता की तरह मानते हैं। इस फिल्म के संवाद ओपी ने लिखे थे।
अभिनेता सुनील शेट्टी भी दत्ता आवास पर शोक प्रकट करने के लिए पहुंचे थे।
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक ओपी को बीते कुछ समय से शरीर में तेज दर्द की शिकायत थी।
पारिवारिक सदस्यों ने बताया, "उनके शरीर ने काम करना बंद कर दिया था लेकिन उनका दिमाग हमेशा सचेत रहा। ओपी अपनी इस अवस्था के प्रति जागरूक थे। वह हमेशा अपनी शारीरिक अक्षमता के प्रति नाराज रहते थे। बीमारी के कई महीने बीत जाने के बाद वह अस्पताल नहीं जाना चाहते थे इसलिए जेपी उन्हें घर ले आए थे।"
ओपी ने 'प्यार की जीत', 'हमारी मंजिल', 'एक नजर' और 'आंगन' जैसी फिल्में बनाईं। उन्होंने 2003 में अपनी आत्मकथा 'चूल्हा और चक्की' पेश की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
मुम्बई। फिल्मकार जेपी दत्ता अपने पिता ओपी दत्ता के लम्बी बीमारी के बाद निधन से बहुत दुखी हैं। 'बॉर्डर' के निर्देशक जेपी ने कहा कि उनके पिता ने 2006 में आई 'उमराव जान' तक उनकी हर फिल्म की पटकथा और संवाद लिखे थे। उन्होंने कहा कि पिता के जाने के साथ ही उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है, मानो उन्होंने अपनी आवाज खो दी हो।
जेपी ने कहा, "मैंने अपनी आवाज खो दी। वह मेरी आत्मा थे। अब मैं जब फिल्म बनाऊंगा तो मेरे दिमाग में आने वाले शब्दों को कौन लिखेगा।"
लेखक व फिल्मकार ओपी का गुरुवार रात निधन हो गया। वह 90 साल के थे।
ओपी दत्ता ने भारत के विभाजन से पहले एक निर्देशक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। बाद में 1985 में उनके बेटे जेपी पूर्णकालिक निर्देशक बने। तब ओपी ने फिल्मों की पटकथा व संवाद लिखने का निर्णय लिया।
ओपी के निधन की घोषणा के बाद दत्ता आवास पर सबसे पहले पहुंचने वाली बॉलीवुड हस्ती अभिषेक बच्चन थे। जेपी की फिल्म 'रिफ्यूजी' से अभिनय की शुरुआत करने वाले अभिषेक उन्हें अपने पिता की तरह मानते हैं। इस फिल्म के संवाद ओपी ने लिखे थे।
अभिनेता सुनील शेट्टी भी दत्ता आवास पर शोक प्रकट करने के लिए पहुंचे थे।
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक ओपी को बीते कुछ समय से शरीर में तेज दर्द की शिकायत थी।
पारिवारिक सदस्यों ने बताया, "उनके शरीर ने काम करना बंद कर दिया था लेकिन उनका दिमाग हमेशा सचेत रहा। ओपी अपनी इस अवस्था के प्रति जागरूक थे। वह हमेशा अपनी शारीरिक अक्षमता के प्रति नाराज रहते थे। बीमारी के कई महीने बीत जाने के बाद वह अस्पताल नहीं जाना चाहते थे इसलिए जेपी उन्हें घर ले आए थे।"
ओपी ने 'प्यार की जीत', 'हमारी मंजिल', 'एक नजर' और 'आंगन' जैसी फिल्में बनाईं। उन्होंने 2003 में अपनी आत्मकथा 'चूल्हा और चक्की' पेश की थी।
यह खबर आपको कैसी लगी
10 में से 3 वोट मिले
प्रमुख ख़बरें
- स्पेशल रिपोर्ट: गर्मी से झुलसा देश, इंडिया @45 डिग्री!
- KBP: संगमा की दहाड़, समर्थन नहीं, तो निर्दलीय खड़ा हो जाऊंगा
- इटली में भूकम्प के झटके जारी, हजारों विस्थापित
- पायलटों की हड़ताल का 15वां दिन, नुकसान 250 करोड़!
- मनमोहन के बाद कौन पर राहुल, प्रणब आगे
- KBP: संगमा बोले, एक नजर इधर, मैं भी हूं रेस में!
- जरूर देखें: आज सुर्खियों में रहने वाली अहम खबरें
- देखें, कैसे पिता ने बच्चे को वॉशिंग मशीन में धोया?
- KBP: ममता नहीं चाहतीं प्रणब दा राष्ट्रपति बनें!
- आइसक्रीम के लिए हेलीकॉप्टर समुद्रतट पर उतार दिया!
आज के वीडियो
यूपीः कांस्टेबल ने लुटेरों को पकड़ा, तो थानेदार ने पीट दिया
ख़बरें
सबसे ज्यादा पाठकों की राय
तस्वीरें
क्रिकेट समाचार
Live TV | Stock Market India | IBNLive News | IBNKhabar Hindi News | Cricket News | In.com | हमारे बारे में | हमारा पता | हमें बताइए | विज्ञापन | अस्वीकरण | गोपनीयता | शर्तें | साइट जानकारी
© 2011, Web18 Software Services Ltd. All Rights Reserved.











