10 फरवरी 2012
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
मास्को। रूस, दुनिया का सबसे शक्तिशाली द्वि-उद्देश्यीय लेजर केंद्र निर्मित करने जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग 45 अरब रुबल (1.5 अरब डॉलर) की लागत आएगी। यह जानकारी रूस के एक परमाणु अधिकारी ने गुरुवार को दी।
समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार, रूस के निझनी नोवगोरोद क्षेत्र में स्थित सारोव संघीय परमाणु केंद्र के प्रमुख, इलदार इलकायेव ने कहा कि नया लेजर केंद्र, इसी परमाणु केंद्र के पास निर्मित होगा। लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि निर्माण कार्य कब शुरू होगा।
जल्द बनेगा शक्तिशाली ‘एटम लेजर’
इलकायेव ने कहा, "रूसी नेतृत्व ने दुनिया का सबसे बड़ा लेजर केंद्र निर्मित करने का निर्णय लिया है। अमेरिका इस तरह का एक केंद्र पहले ही निर्मित कर चुका है और फ्रांस अपने केंद्र का निर्माण पूरा करने के करीब है। हम (रूस) इस मामले में उनसे पीछे हैं, क्योंकि इसकी लागत बहुत बड़ी है, लेकिन हमारा केंद्र दुनिया का एक सर्वोत्तम लेजर केंद्र होगा।"
इलकायेव ने कहा कि इस केंद्र का उपयोग सैन्य और वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए किया जाएगा, खासतौर से लेजर थर्मोन्यूक्लियर संलयन के अनुसंधान में, जिसे वैज्ञानिक, भविष्य में ऊर्जा उत्पादन के रीढ़ के रूप में देख रहे हैं।
इलकायेव ने कहा कि इस केंद्र के निर्माण में कम से कम 10 वर्ष का समय लगेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
मास्को। रूस, दुनिया का सबसे शक्तिशाली द्वि-उद्देश्यीय लेजर केंद्र निर्मित करने जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग 45 अरब रुबल (1.5 अरब डॉलर) की लागत आएगी। यह जानकारी रूस के एक परमाणु अधिकारी ने गुरुवार को दी।
समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार, रूस के निझनी नोवगोरोद क्षेत्र में स्थित सारोव संघीय परमाणु केंद्र के प्रमुख, इलदार इलकायेव ने कहा कि नया लेजर केंद्र, इसी परमाणु केंद्र के पास निर्मित होगा। लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि निर्माण कार्य कब शुरू होगा।
जल्द बनेगा शक्तिशाली ‘एटम लेजर’
इलकायेव ने कहा, "रूसी नेतृत्व ने दुनिया का सबसे बड़ा लेजर केंद्र निर्मित करने का निर्णय लिया है। अमेरिका इस तरह का एक केंद्र पहले ही निर्मित कर चुका है और फ्रांस अपने केंद्र का निर्माण पूरा करने के करीब है। हम (रूस) इस मामले में उनसे पीछे हैं, क्योंकि इसकी लागत बहुत बड़ी है, लेकिन हमारा केंद्र दुनिया का एक सर्वोत्तम लेजर केंद्र होगा।"
इलकायेव ने कहा कि इस केंद्र का उपयोग सैन्य और वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए किया जाएगा, खासतौर से लेजर थर्मोन्यूक्लियर संलयन के अनुसंधान में, जिसे वैज्ञानिक, भविष्य में ऊर्जा उत्पादन के रीढ़ के रूप में देख रहे हैं।
इलकायेव ने कहा कि इस केंद्र के निर्माण में कम से कम 10 वर्ष का समय लगेगा।
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