09 फरवरी 2012
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
नई दिल्ली। वैलेंटाइन डे आने में एक हफ्ते से कम समय बचा है और गुलाब के फूलों की भारी मांग के कारण इस दौरान उसकी कीमत में चार गुणे तक की वृद्धि हो सकती है। ‘एसोसिएटेड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया’ (एसोचैम) के बुधवार को जारी एक सर्वेक्षण में यह बात कही गई। सर्वेक्षण में दिल्ली, मुम्बई, चेन्नई, पुणे और बेंगलुरू के 250 गुलाब किसानों, निर्यातकों और थोक फूल विक्रेताओं से बातचीत की गई।
अध्ययन के अनुसार, "इस बार वैलेंटाइन डेपर बड़े शहरों के अलावा उपनगरीय शहरों में गुलाब की बढ़ी मांग कीमतों को बढ़ा देंगी। निर्यात गुणवत्ता वाले गुलाब के एक फूल की कीमत अपने वर्तमान मूल्य 15 रुपये से चार गुणा बढ़कर 60 रुपये तक पहुंचने की सम्भावना है।"
प्रेम करने की दौड़ में भारत 7वें पायदान पर पहुंचा
सर्वेक्षण में कहा गया, "अधिकतर फूल उत्पादकों का अनुमान है कि फरवरी में 10 करोड़ रुपये के कुल करोबार के साथ उनकी आमदनी में 30 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।"
ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, ग्रीस, इटली और न्यूजीलैंड सहित अन्य विदेशी बाजारों में भी भारतीय गुलाबों की मांग में वृद्धि हुई है।
उल्लेखनीय है कि समूचे देश में प्रत्येक वर्ष 40 करोड़ गुलाब के फूलों का उत्पादन होता है, जिसका 75 प्रतिशत अकेले कर्नाटक में होता है। शेष उत्पादन महाराष्ट्र, तमिलनाडु, बिहार और पश्चिम बंगाल में होता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
नई दिल्ली। वैलेंटाइन डे आने में एक हफ्ते से कम समय बचा है और गुलाब के फूलों की भारी मांग के कारण इस दौरान उसकी कीमत में चार गुणे तक की वृद्धि हो सकती है। ‘एसोसिएटेड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया’ (एसोचैम) के बुधवार को जारी एक सर्वेक्षण में यह बात कही गई। सर्वेक्षण में दिल्ली, मुम्बई, चेन्नई, पुणे और बेंगलुरू के 250 गुलाब किसानों, निर्यातकों और थोक फूल विक्रेताओं से बातचीत की गई।
अध्ययन के अनुसार, "इस बार वैलेंटाइन डेपर बड़े शहरों के अलावा उपनगरीय शहरों में गुलाब की बढ़ी मांग कीमतों को बढ़ा देंगी। निर्यात गुणवत्ता वाले गुलाब के एक फूल की कीमत अपने वर्तमान मूल्य 15 रुपये से चार गुणा बढ़कर 60 रुपये तक पहुंचने की सम्भावना है।"
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सर्वेक्षण में कहा गया, "अधिकतर फूल उत्पादकों का अनुमान है कि फरवरी में 10 करोड़ रुपये के कुल करोबार के साथ उनकी आमदनी में 30 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।"
ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, ग्रीस, इटली और न्यूजीलैंड सहित अन्य विदेशी बाजारों में भी भारतीय गुलाबों की मांग में वृद्धि हुई है।
उल्लेखनीय है कि समूचे देश में प्रत्येक वर्ष 40 करोड़ गुलाब के फूलों का उत्पादन होता है, जिसका 75 प्रतिशत अकेले कर्नाटक में होता है। शेष उत्पादन महाराष्ट्र, तमिलनाडु, बिहार और पश्चिम बंगाल में होता है।
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