22 मई 2012
रूस में हर पांचवा किशोर अवसादग्रस्त
14 फरवरी 2012
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस

मॉस्को।
रूस में प्रत्येक पांचवा किशोर अवसादग्रस्त है। यूनीसेफ की रपट के अनुसार रूस में लगभग 20 प्रतिशत किशोर अवसाद के शिकार हैं, जबकि इसकी तुलना में पश्चिमी यूरोप में यह प्रतिशत केवल पांच है। यूनीसेफ ने अपनी रपट में कहा है कि शराब और नशीले पदार्थो का सेवन किशोरों में मानसिक विकार का कारण है।

‘मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ साइकोलॉजी एंड एजुकेशन’ में बाल मनोवैज्ञानिक अन्ना खोलमोगोरोवा ने समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती को बताया कि रूस में 10 से 15 प्रतिशत स्कूल के छात्र गंभीर अवसाद के शिकार हैं, जिन्हें चिकित्सीय सहायता की आवश्यकता है।

साफ-सफाई का ध्‍यान नहीं रखते किशोर

यूनीसेफ की रपट के मुताबिक कम उम्र में नशीले पदार्थों के इस्तेमाल में धीरे-धीरे कमी आ रही थी लेकिन इसके विपरीत किशोरों में शराब का सेवन शुरू हो गया। वर्ष 2000-2009 में आधिकारिक तौर पर पंजीकृत 14 वर्ष से कम उम्र के शराब पीने वालों की संख्या में 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

साथ ही किशारे आत्महत्या की दर भी रूस में अधिक है। वैश्विक स्तर पर एक लाख में औसतन 10 किशोर प्रतिवर्ष आत्महत्या करते हैं जबकि रूस में यह प्रतिशत 30 से अधिक है।

गौरतलब है कि पिछले दो हफ्तों में समूचे रूस में किशोर आत्महत्या के कई मामले सामने आए हैं, जिनमें 12 से 15 वर्ष की उम्र के सात किशोरों ने आत्महत्या कर ली।

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पाठकों की राय

22 मई 2012

Feb 15, 2012

हमारे देश मे हालत कम खराब नही हे. यहा बच्चो और युवाओ के मानसिक स्वास्थ्य के लिए सरकार कुछ विशेष नही कर रही हे. आज बच्चे और युवा कई मनोवेगयनिक परेशानियों से गुजर रहे हे.

Madan Modi Udaipur

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