10 फरवरी 2012
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
तेल अवीव। उड़ान के दौरान पक्षी टकराने पर विमान को आपातकालीन लैंडिंग से लेकर दुर्घटना तक का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन इजरायल की नई प्रौद्योगिकी से पक्षियों के टकराने की घटनाओं में कमी दर्ज की गई है। ‘बर्ड्स स्ट्राइक कमेटी’ के अनुसार विमान से पक्षी टकराने के कारण पूरे विश्व में 1988 से अबतक 200 लोगों की जान जा चुकी है। अमेरिकी वायुसेना ने 2007 में पक्षी टकराने की 5000 से अधिक घटनाएं दर्ज की।
तेल अवीव विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञानी योसी लेशेम ने प्रवासी पक्षियों के मार्गो की निगरानी के लिए एक यंत्र विकसित किया है जिसकी सहायता से पक्षी टकराने की घटनाओं में कमी दर्ज की गई। 1984 में लेशेम की परियोजना शुरू होने के बाद से इजरायल में पक्षी टकराने की घटनाओं में 76 फीसदी की कमी दर्ज की गई और 80 करोड़ डॉलर एवं अनगिनत जिंदगियां बचाई जा सकीं।
जानिए, उड़ते वक्त टकराने से कैसे बचते हैं पक्षी
यह यंत्र मौसम एवं राडार प्रौद्योगिकी पर कार्य करता है। इससे मिली सूचना को आधार बना कर इजरायल की वायुसेना अपने विमानों के मार्ग को परिवर्तित करती है। इस परियोजना को धन इजरायल के रक्षा मंत्रालय एवं वायु सेना द्वारा दिया गया।
यूरोप एवं अफ्रीका के वायुमार्ग के मध्य स्थित इजरायल प्रवासी पक्षियों का प्रमुख मार्ग है। एक अनुमान के मुताबिक करीब 50 लाख प्रवासी पक्षी वर्ष में दो बार देश के वायु क्षेत्र से गुजरते हैं।
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