22 मई 2012
अपने 200वें जन्मदिवस पर विश्वभर में छाये डिकेन्स
07 फरवरी 2012
वार्ता

लंदन। अपने कालजयी उपन्यासों से शोषित, पीड़ित तबके को जुबान देने वाले महान ब्रिटिश कथाकार चार्ल्स डिकेन्स की 200वीं जयंती के अवसर पर आज दुनियाभर में उनकी याद में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स ने इस अवसर पर वेस्टमिंस्टर एबे स्थित श्री डिकेन्स की कब्र पर पुष्प अर्पित किये। इसके अलावा दुनियाभर के कई मुल्क 24 घंटे तक चलने वाले उस कथा-वादन कार्यक्रम का हिस्सा भी बने जिसमें डिकेन्स की कई कालजयी रचनाओं को पढ़ा गया। इस बीच श्री डिकेन्स के जन्मस्थान  पोर्टस्माउथ में भी उनके पर पोते के पोते इयान डिकेन्स ने भी पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

बहुपयोगी इंटरनेट सेवा प्रद्दाता कंपनी गूगल ने भी एक बेहतरीन डूडल तस्वीर के माध्यम से उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी। इस तस्वीर में डिकेन्स के सभी प्रमुख पात्रों को बेहद खूबसूरती के साथ उकेरा गया है। इसमें हमारी मुलाकात ग्रेट एक्सपेटेशन्स के पिप डेविड कापरफ्ल्डी के डेविड डॉक्टर स्ट्रांग और उनकी पत्नी और आग्नेस और क्रिस्मस कैरोल के गुस्सैल शख्स एबेंजर स्क्रूज से होती है।

डिकेन्स के लेखन में ब्रिटेन के गरीब तबके के प्रति एक खास हमदर्दी दिखाई देती है। उनके कई उपन्यास मसलन डेविड कापरफ्ल्डी ग्रेट एक्सपेकटेशन्स और ओलिवर टिवस्ट ऐसे बच्चों के जीवन पर केन्द्रित हैं जो अपनी गरीबी की वजह से समाज में हर ओर से ठोकर खाकर अपनी मंजिल की तलाश में आगे बढ़ते हैं।

समालोचकों का मानना है कि डिकेन्स का बचपन समाज के रसातल की जिस कडवाहट में बीता उसका सीधा प्रतिबिंब उनके लेखन पर दिखाई पड़ता है। डिकेन्स का जन्म 07 फरवरी ।8।2 में विक्टोरिया काल के उस दौर में हुआ जब ब्रिटेन में औद्योगिक क्रांति अपने चरम पर थी उनके मजदूरों की बस्तियों में रहने वाले परिवारों का मार्मिक चित्रण उपन्यासों में मिलता है।

डिकेन्स के पिता नौसेना में क्लर्क थे और उन्हें अच्छा वेतन मिलता था लेकिन वह अपने परिवार के प्रति उदासीन थे। जल्द ही डिकेन्स परिवार बेहद दरिद्रता का शिकार हो गया और उन्हें स्कूल से निकालकर फैक्ट्री में काम करने भेज दिया गया।  फैक्ट्री में ।2 वर्षीय डिकेन्स सुबह आठ बजे से रात के आठ बजे तक कमरतोड़ काम करते थे।  डिकेन्स के जीवन की इस व्यथा को डेविड कापरफ्ल्डी उपन्यास में महसूस किया जा सकता है जो कभी-कभी आत्मकथात्मक सा  भी प्रतीत होता है।

डेविड कापरफ्ल्डी में डेविड के पिता की मौत के बाद उनकी मां एक व्यक्ति से विवाह कर लेती हैं। सौतेले पिता का डेविड के जीवन में आगमन मानो एक त्रासदी साबित होता है और उसका पूरा जीवन निराशा की भेंट चढ जाता है।  डेविड की मां की भी जल्द मौत हो जाने के बाद उसे एक फैक्ट्री में काम करने भेज दिया जाता है।  डेविड वहां से भागकर अपने पिता की बहन के पास चला जाता है जहां से उसके जीवन में खुशनुमा बदलावों का दौर शुरु होता है।

डिकेन्स के उपन्यासों से मालूम पड़ता है कि मानव, समाज बच्चों को लेकर कितना उदासीन है। डिकेन्स के तीनों ही पात्र डेविड  पिप और ओलिवर समाज के इसी तिरस्कार का शिकार होते हैं।  हालांकि डेविड के पिता की बहन मैडम बेट्सी ट्राटवुड और उनके साथ रहने वाले बुजुर्ग मिस्टर डिक के स्नेहपूर्ण बर्ताव के जरिये डिकेन्स बच्चों के लिये एक आदर्श माहौल की पैरवी करते हैं।

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