22 मई 2012
भारत और सऊदी करेंगे रक्षा में सहयोग
15 फरवरी 2012
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस

hindi.in.com अब फेसबुक के ऐप्स पर भी देखें

रियाद/नई दिल्ली।
भारत और सऊदी अरब ने रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी की दो दिवसीय यात्रा के दौरान द्विपक्षीय सम्बंधों को मजबूत बनाने के तरीकों पर मंथन किया, और दोनों देशों ने रिश्ते की राह तैयार करने के लिए रक्षा सहयोग पर एक संयुक्त समिति गठित करने का निर्णय किया।

सऊदी प्रेस एजेंसी (एसपीए) द्वारा जारी रपट के अनुसार, रक्षा मंत्री शहजादा सलमान बिन अब्दुलअजीज ने मंगलवार को उपरक्षा मंत्री शहजादा खालिद बिन सुल्तान बिन अब्दुलअजीज के साथ एंटनी से मुलाकात की।

किसी भारतीय रक्षा मंत्री का सऊदी अरब का यह पहला दौरा था। यह दौरा सोमवार को शुरू हुआ था।

भारतीय रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सीतांशु कर ने प्रतिनिधिमंडल के स्वदेश लौटने पर बुधवार को नई दिल्ली में कहा, "दोनों देशों के बीच रक्षा सम्बंधों को बढ़ावा देने के लिए भारत और सऊदी अरब ने रिश्ते की राह तैयार करने के लिए रक्षा सहयोग पर एक संयुक्त समिति गठित करने का निर्णय किया है।"

कर ने कहा, "यह निर्णय रियाद में मंगलवार को दोनों देशों के बीच हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत के दौरान लिया गया।"

एंटनी के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी सऊदी अरब गया था, जिसमें रक्षा सचिव शशिकांत शर्मा, सेना उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एस.के. सिंह और नौसेना के उप प्रमुख एडमिरल सतीश सोनी शामिल थे।

कर ने कहा कि प्रस्तावित संयुक्त समिति रक्षा सहयोग, हर स्तर पर उच्चस्तरीय दोतरफा दौरों, पोत निरीक्षण सहित कई क्षेत्रों में सहयोग की योजना तैयार करेगी।

यह समिति जल सर्वेक्षण में सहयोग, प्रशिक्षण कार्यक्रमों में दोनों पक्षों की भागीदारी बढ़ाने पर एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर की सम्भावना भी तलाशेगी, और रक्षा उद्योगों में सहयोग की सम्भावना का परीक्षण करेगी।

एंटनी ने सुझाव दिया कि निकट भविष्य में भारतीय रक्षा उत्पादन केंद्रों को देखने के लिए सऊदी अरब से एक प्रतिनिधिमंडल भारत भेजा जाए। एंटनी के इस सुझाव से शहजादा सलमान ने सहमति जताई। शहजादा सलमान ने इस वर्ष भारत का दौरा करने का एंटनी का निमंत्रण भी स्वीकार कर लिया।

हिंद महासागर क्षेत्र में डकैती की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए भारत ने सुझाव दिया कि दोनों देशों की नौ सेनाएं इससे निपटने में व्यवहारिक सहयोग तलाश सकती हैं, और इसके लिए रॉयल सऊदी नेवी, हिंद महासागर नौ सैन्य सिम्पोजियम (आईओएनएस) की रचना में एक सक्रिय भूमिका निभा सकती है। सऊदी रक्षा मंत्री ने इन सुझावों को तुरंत स्वीकार कर लिया।

दोनों पक्षों ने खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा हालात की समीक्षा करने के साथ ही सभी मुद्दों को शांतिपूर्ण संवाद के जरिए सुलझाने की आवश्यकता पर सहमति जताई।

द्विपक्षीय मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग के विभिन्न पहलुओं और द्विपक्षीय सम्बंधों को मजबूत करने के तरीकों की गहन समीक्षा की।

शहजादा सलमान बिन अब्दुलअजीज ने बाद में एक बयान में सऊदी अरब और भारत के बीच सम्बंधों को गहरा बताया। उन्होंने सऊदी अरब के शाह अब्दुल्लाह बिन अब्दुलअजीज अल सऊद के जनवरी 2006 में हुए भारत दौरे को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि शाह के उस दौरे से दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा मिला था और आपसी हित व घनिष्ठ सम्बंधों के दायरे में साझेदारी मजबूत हुई थी।

शहजादा सलमान ने कहा कि शाह अब्दुल्लाह बिन अब्दुलअजीज के दौरे में कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए थे, जिससे दोनों देशों के बीच सम्बंध मजबूत हुए।

एंटनी ने कहा कि सऊदी अरब का उनका दौरा दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने सऊदी अरब के साथ सम्बंधों को मजबूत बनाने के भारत सरकार की मंशा को भी रेखांकित किया।

यह खबर आपको कैसी लगी

10 में से 6 वोट मिले

पाठकों की राय

22 मई 2012

प्रमुख ख़बरें
आज के वीडियो
इटली में भूकम्प के झटके जारी, हजारों विस्थापित
इटली में भूकम्प के झटके जारी, हजारों विस्थापित
यूपीः कांस्टेबल ने लुटेरों को पकड़ा, तो थानेदार ने पीट दिया
यूपीः कांस्टेबल ने लुटेरों को पकड़ा, तो थानेदार ने पीट दिया
फिर पड़ेगी महंगाई की मार, अब फूटेगा ‘पेट्रोल बम’
फिर पड़ेगी महंगाई की मार, अब फूटेगा ‘पेट्रोल बम’

ख़बरें

© 2011, Web18 Software Services Ltd. All Rights Reserved.