22 मई 2012
शेखचिल्ली और जादुई परियां
शेखचिल्ली के बारे में....

(शेखचिल्ली के इतिहास के संबंध में पर्याप्त जानकारी नहीं है। पर भारत में उसके किस्से मशहूर हैं। हमारे लिए यह एक जाना-पहचाना पात्र है। शेखचिल्ली के साथ घटी घटनाओं में रोचकता, गहराई और मानव स्वभाव की सहज अभिव्यक्ति मिलती है जो वर्षों से हम सबका मन मोहती चली आ रही है। शेखचिल्ली एक आम आदमी है जो हम सब में कहीं न कहीं मौजूद है।)

शेखचिल्ली और परियां

शेखचिल्ली बहुत सुस्त और आलसी था। आलस की वजह से उसके घर कई दिनों तक चूल्हा नहीं जलता था। एक दिन शेखचिल्ली की बीबी को बहुत गुस्सा आया। उसने बिगड़ते हुए कहा जबतक तुम कुछ कमा कर नहीं लाओगे, मैं तुम्हें घर में नहीं घुसने दूंगी। यह कहकर उसने रास्ते के लिए चार रोटियां बांध दी और उसे घर से निकाल दिया। अब तो शेखचिल्ली को न चाहते हुए काम की तलाश में बाहर जाना पड़ा।

वह एक गांव से दूसरे गांव भटकता रहा। उसे जोरों की भूख भी लग आई थी। उसके एक कुंए के चबूतरे पर बैठकर रोटियों की पोटली खोली। रोटिंया देखकर उसने सोचा अगर चारों रोटिय़ां आज ही खा डालूंगा तो कल क्या खाऊंगा।

जब वह कोई फैसला नहीं कर पाया तो कुंए की तरफ हाथ जोड़कर खड़ा हो गया और बोला- हे कुंए देवता अब तुम्हीं कोई रास्ता दिखाओ। भूख तो इतनी लगी है कि चारों रोटियों से भी पेट नहीं भरेगा। और अगर चारों खा लेता हूं तो आगे क्या करूंगा?

उस कुंए में चार परियां रहती थी। शेखचिल्ली की बात सुनकर उन्होंने सोचा कि कोई दानव उन परियों को खाने की बात कह रहा है। वे बाहर आईं और शेखचिल्ली के सामने हाथ जोड़कर कहने लगी, ‘हे दानवराज अगर आप हमें छोड़ दें, तो हम आपको ऐसी जादुई चीजें देंगी जो आपके बड़े काम आएंगी। परियों ने उसे एक कटोरा और कठपुतला देते हुए कहा कि ‘यह कठपुतला आपकी हर बात मानेगा और कटोरा आपके मनपसंद व्यंजन पेश करेगा।

यह सब पाकर शेखचिल्ली की खुशी की सीमा नहीं रही। रात हो जाने के कारण वह एक किसान के घर रुक गया। वहां शेखचिल्ली ने कटोरे और कठपुतले के चमत्कार दिखाए। यह देखकर उस किसान के मन में लालच आ गया। और उसने कठपुतले और कटोरे को चुराकर उनकी जगह नकली कठपुतला औत कटोरा रख दिया। सुबह शेखचिल्ली सामान को लेकर अपने घर चल दिया।

घर पहुंचकर, बीबी के समने बड़ी-बड़ी डींगे मारने के बाद जब शेखचिल्ली के कटोरे और कठपुतले ने कोई करतब नहीं दिखाए। तो बीबी पहले से ज्यादा नाराज़ हो गई। उसने फिर शेखचिल्ली को घर से निकाल दिया। वह दुःखी होता हुआ फिर उस कुंए के पास गया। उसने चारों परियों को आपबीती सुनाई। परियों ने कहा घबराओ मत तुम्हारा कटोरा और कठपुतला उसी किसान ने चुराया है जिसके यहां तुम एक रात रुके थे। ये रस्सी और डंडा लो इससे तुम अपने वो दोंनो चीजे वापस पा सकते हैं।

जादुई रस्सी और डंडा लेकर शेखचिल्ली उसी किसान के घर पहुंचा। जादुई रस्सी ने उसे बांध दिया और डंडा उसे मारने लगा। किसान ने माफी मांगते हुए चुराया हुआ सामान वापस लौटा दिया

उसके बाद अपनी चारों जादुई चीजें लेकर शेखचिल्ली घर लौट आया। बीबी उसे कुछ कहती इससे पहले शेखचिल्ली ने अपना जादुई करतब दिखाना शुरू कर दिया। ये देखकर उसकी बीबी खुशी से फूली नहीं समाई।

(साभारः शेखचिल्ली के लतीफे, डायमंड प्रकाशन, सर्वाधिकार सुरक्षित।) 

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22 मई 2012

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