22 मई 2012
पेट्रोल के कीमतों में हो सकती है बढ़ोतरी

14 फरवरी 2012
वार्ता


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नई दिल्ली। देश की तेल विपणन क्षेत्र की अग्रणी कंपनी ‘इंडियन ऑयल कार्पोरेशन लिमिटेड’ (आईओसीएल) ने संकेत दिए की यूनान का वित्तीय संकट और ईरान में चल रहा तनाव यदि लगातार बना रहा तो पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि करनी पड़ सकती है।

आईओसीएल के अध्यक्ष आर एस बुटोला ने कल कंपनी के तीसरी तिमाही के परिणाम घोषित करने के अवसर पर संवाददाता सम्मेलन में पूछे गए सवालों के जवाब में कहा कि यूनान के वित्तीय संकट और ईरान में तनाव पर लगातार निगाह रखी जा रही है और इसमें यदि सुधार नहीं हुआ तो पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला करना पड सकता है।

श्री बुटोला ने कहा कि पेट्रोल की कीमत पिछली बार जब तय की गई थी उस समय अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मोटर स्प्रिट की कीमत 109 डॉलर प्रति बैरल थी और अब यह ।28 डॉलर प्रति बैरल है। कच्चा तेल भी ऊंचा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान दाम पर कंपनी को पेट्रोल बेचने पर 3.20 रुपए तक का नुकसान हो रहा है।

यह पूछे जाने पर कि क्या चुनावों को देखते हुए पेट्रोल की कीमत नहीं बढाई गई है। श्री बुटोला ने कहा कि कीमतों को चुनाव से जोडकर नहीं देखना चाहिए। यह विभिन्न परिस्थितियों पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि एक जनवरी से पेट्रोल के दाम नहीं बढाने की वजह से कंपनी को 355 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। कंपनी ने सरकार से आग्रह किया है किंतु अभी अनुमति नहीं मिली है। कंपनी को हो रहे नुकसान को देखते हुए सरकार से पेट्रोल की अंडर रिकवरी की पूरी भरपाई का अनुरोध किया गया है।

उन्होंने माना कि पेट्रोल की खपत कम हो रही है। पिछले वित्तीय वर्ष में नौ माह के दौरान यह 10 प्रतिशत की रफ्तार से बढी थी जबकि इस साल पांच प्रतिशत के आसपास ही वृद्धि हुई है।

वित्तीय परिणामों की जानकारी देते हुए श्री बुटोला ने बताया कि अक्तूबर-दिसम्बर-11 की तिमाही में कंपनी को 2,488 करोड़ 44 लाख रुपए का शुद्ध लाभ हुआ है जबकि यह पिछले साल 1634.76 करोड़ रुपए था। नौ माह के दौरान कंपनी 3540.32 करोड़ रुपए मुनाफे के मुकाबले 8715.81 करोड़ रुपए के नुकसान में है।

तिमाही के दौरान कंपनी की बिक्री 93867.75 करोड़ रुपए से बढकर 104064.42 करोड़ रुपए पर पहुंच गई। नौ माह के दौरान बिक्री 234835.16 करोड़ रुपए से 297689.56 करोड़ रुपए हो गई।

श्री बुटोला ने बताया कि वर्तमान कीमतों पर रसोई गैस, डीजल और मिट्टी का तेल बेचने से कंपनी को 239 करोड़ रुपए और उद्योग को 455 करोड़ रुपए रोजाना का नुकसान हो रहा है। रसोई गैस सिलेंडर पर 378 रुपए, डीजल और मिट्टी तेल पर प्रति लीटर अंडर रिकवरी 11.35 रुपए और 28.76 करोड़ रुपए है।

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