22 मई 2012
सरकार को शांति पुरस्कार के लिए अन्ना नामंजूर!
12 फरवरी 2012
आईबीएन-7

hindi.in.com अब फेसबुक के ऐप्स पर भी देखें


नई दिल्ली।
लोकपाल के मुद्दे पर सरकार से टकराने वाले समाजसेवी अन्ना हजारे का नाम 2011 के गांधी शांति पुरस्कार पाने वाले संभावित लोगों की सूची में शामिल किया गया था, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने इस सूची को मंजूरी नहीं दी।

इस संबंध में पीएमओ ने संस्कृति मंत्रालय से और नाम मांगे हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि ज्यूरी सदस्यों से और नाम मांगे गए हैं।

गौरतलब है कि अन्ना हजारे ग्रामसभा को विधनासभाओं और संसद से ऊपर बताते आए हैं। वे स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने की मांग करते आ रहे हैं। अन्ना हजारे की टीम द्वारा वेबसाइट यूट्यूब पर 'रीबिल्डिंग रिपब्लिक' नाम से पोस्ट किए गए वीडियो संदेश में अन्ना ने साफ कहा है कि ग्रामसभाएं देश की सबसे बड़ी संरचनाएं हैं, क्योंकि वे अपनी ताकत सीधे जनता से प्राप्त करती हैं।

मालूम हो कि लोकपाल के मुद्दे पर अन्ना ने अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार को निशाने पर ले रखा है। अन्ना ने यूपीए को निशाने पर लेते हुए कई बार कहा है कि सरकार की मंशा एक प्रभावी लोकपाल विधेयक लाने की नहीं है।

यह खबर आपको कैसी लगी

10 में से 9 वोट मिले

पाठकों की राय

22 मई 2012

Feb 12, 2012

श्रीमान अन्ना हज़ारे को ये कांगेस सरकार शांति पुरस्कार नही दे सकती.

rakesh patel usa

प्रमुख ख़बरें
आज के वीडियो
साधु की शक्ल में भेड़िया, युवती के साथ कमरे में पकड़ा गया
साधु की शक्ल में भेड़िया, युवती के साथ कमरे में पकड़ा गया
आरुषि हत्याकांडः CBI ने लगाया केस उलझाने का आरोप
आरुषि हत्याकांडः CBI ने लगाया केस उलझाने का आरोप
BCCI अध्यक्ष पर आरोप, पापा करते हैं गलत हरकतें
BCCI अध्यक्ष पर आरोप, पापा करते हैं गलत हरकतें

ख़बरें

© 2011, Web18 Software Services Ltd. All Rights Reserved.