12 फरवरी 2012
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में पिछड़े मुस्लिमों के लिए आरक्षण के मुद्दे पर अलग रुख रखने वाले केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद को उनकी ही पार्टी ने कानून का पाठ पढ़ाना शुरू कर दिया है। खुर्शीद की शिकायत निर्वाचन आयोग द्वारा राष्ट्रपति से किए जाने के बाद कांग्रेस ने रविवार को कहा कि मंत्री को कानून का पालन करना चाहिए।
कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने यहां संवाददाताओं से कहा, "कांग्रेस हमेशा चाहती है कि सभी कांग्रेसी जन सार्वजनिक जीवन के नियमों और देश के कानून के अनुसार बोलें।"
खुर्शीद मुश्किल में, राष्ट्रपति से की गई शिकायत
ज्ञात हो कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त एस.वाई. कुरैशी ने शनिवार को खुर्शीद के खिलाफ राष्ट्रपति को कड़े शब्दों में पत्र लिखा था। पत्र में उन्होंने कहा है कि निर्वाचन आयोग ने पाया कि केंद्रीय मंत्री को दिए गए कानून सम्मत निर्देश पर उनकी ताजा टिप्पणी बिल्कुल अपमान सूचक है।
राष्ट्रपति ने 'समुचित कार्रवाई' के लिए वह पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय को भेज दिया है।
इस मुद्दे पर कोई सीधी टिप्पणी करने से बचते हुए संचार मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि राज्य में जो कुछ हो रहा है, उस पर निर्वाचन आयोग को चिंता होनी ही चाहिए।
सिब्बल ने कहा, "कुछ लोगों ने एक बयान दिया तो उसके पीछे कोई विचार तो होगा ही। निर्वाचन आयोग का अपना दृष्टिकोण है और वह अपने हिसाब से कार्रवाई कर रहा है। मैं इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं कर सकता।"
आरक्षण के वादे पर आयोग ने खुर्शीद को फटकारा
उल्लेखनीय है कि निर्वाचन आयोग ने चुनावी जनसभा में यह वादा करने पर खुर्शीद को फटकार लगाई थी कि उत्तर प्रदेश के यदि कांग्रेस सत्ता में आती है तो अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए निर्धारित 27 फीसदी आरक्षण के तहत पिछड़े मुस्लिमों को नौ फीसदी आरक्षण दिया जाएगा।
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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में पिछड़े मुस्लिमों के लिए आरक्षण के मुद्दे पर अलग रुख रखने वाले केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद को उनकी ही पार्टी ने कानून का पाठ पढ़ाना शुरू कर दिया है। खुर्शीद की शिकायत निर्वाचन आयोग द्वारा राष्ट्रपति से किए जाने के बाद कांग्रेस ने रविवार को कहा कि मंत्री को कानून का पालन करना चाहिए।
कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने यहां संवाददाताओं से कहा, "कांग्रेस हमेशा चाहती है कि सभी कांग्रेसी जन सार्वजनिक जीवन के नियमों और देश के कानून के अनुसार बोलें।"
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ज्ञात हो कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त एस.वाई. कुरैशी ने शनिवार को खुर्शीद के खिलाफ राष्ट्रपति को कड़े शब्दों में पत्र लिखा था। पत्र में उन्होंने कहा है कि निर्वाचन आयोग ने पाया कि केंद्रीय मंत्री को दिए गए कानून सम्मत निर्देश पर उनकी ताजा टिप्पणी बिल्कुल अपमान सूचक है।
राष्ट्रपति ने 'समुचित कार्रवाई' के लिए वह पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय को भेज दिया है।
इस मुद्दे पर कोई सीधी टिप्पणी करने से बचते हुए संचार मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि राज्य में जो कुछ हो रहा है, उस पर निर्वाचन आयोग को चिंता होनी ही चाहिए।
सिब्बल ने कहा, "कुछ लोगों ने एक बयान दिया तो उसके पीछे कोई विचार तो होगा ही। निर्वाचन आयोग का अपना दृष्टिकोण है और वह अपने हिसाब से कार्रवाई कर रहा है। मैं इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं कर सकता।"
आरक्षण के वादे पर आयोग ने खुर्शीद को फटकारा
उल्लेखनीय है कि निर्वाचन आयोग ने चुनावी जनसभा में यह वादा करने पर खुर्शीद को फटकार लगाई थी कि उत्तर प्रदेश के यदि कांग्रेस सत्ता में आती है तो अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए निर्धारित 27 फीसदी आरक्षण के तहत पिछड़े मुस्लिमों को नौ फीसदी आरक्षण दिया जाएगा।
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