आईबीएन-7
मुम्बई। एक टेलीविजन कार्यक्रम में पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली ने अपने बचपन के दोस्त और दुनिया के दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर पर ‘बुरे समय में साथ न देने’ का आरोप लगाया है।
सचिन तेंदुलकर के बचपन के दोस्त विनोद कांबली का कहना है कि सचिन ने उनकी मदद नहीं की। ऐसा कहा जा रहा है कि विनोद ने इस टेलीविजन कार्यक्रम में माना कि सचिन ने उनकी उस समय भी मदद नहीं की जब उनका करियर ढलान पर था।
उन्होंने ये माना है कि दोनों को बड़े नजदीकी संबंध थे। लेकिन सचिन ने उनकी बेहतरी के लिए कुछ ज्यादा नहीं किया।
कांबली ने ये भी कहा कि सचिन और अपनी दोस्ती को लेकर अच्छा महसूस नहीं करते थे। उन्होंने ये भी कहा कि वे बोर्ड में भी अपनी जाति और अपने रंग को लेकर हमेशा से बुरा महसूस करते थे।
हालांकि इस खबर के बाद जब विनोद कांबली से सीधे बात की गई तो उन्होंने ऐसी किसी भी बात से इंकार कर दिया।
उन्होंने कहा, “25 साल से सचिन मेरा दोस्त है। मैं उसके बारे में ऐसा कैसे कह सकता हूं। आप ही सोचिए”।
उल्लेखनीय है कि भारतीय क्रिकेट में सचिन और कांबली की दोस्ती की मिसाल दी जाती है।
कांबली ने बोर्ड पर पर रंग और अपनी जाति के आधार पर भेदभाव करने का सनसनीखेज आरोप भी लगाया। लेकिन देखा जाए तो कांबली को बोर्ड ने कुल छह बार मौका दिया था, लेकिन वे इक्का-दुक्का मौकों पर ही सफल हो पाए।
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13 फरवरी 2012
Jan 28, 2010
मेरे हिसाब से विनोद सही कह रहा है और देखा जाए तो सही मे सचिन ने विनोद की हेल्प नही की अगर सचिन चाहता तो विनोद इंडिया टीम मे रहता पर एक कहावत है ना की बुरे समय सब साथ छोड़ते है और ये कहावत सही साबित हुई क्योकि विनोद अच्छा प्लेयर था वन दे मे और टेस्ट मे पर कोई उसके पीछे नही होने के कारण उसे टीम से बाहर कर दिया और उसे कभी टीम मे लिया भी नही गया
ravi nagpur
Jul 17, 2009
फिलाल जो न्यूज़ आ रही है की विनोद कांबली ने बचपन के साथी सचिन तेंदुलकर ने उनके बुरे वक़्त मैं मदत नही की ,मैं उस बात से सहमत नही .२५ साल की दोस्ती कोई ऐसे ही कोई तोड़ नही सकता सचिन और विनोद दोनो बहुत भावुक आदमी है! दोनो की दोस्ती विश्व मै मिसाल है .जब वे शारदा आश्रम मै थे तबसे उनकी दोस्ती है दोनो ने स्कूल कॉंटेस्ट मै बहुत सारे रेकॉर्ड बनाए अभि भि उनके रेकॉर्ड बरकरार है ! बस मै इतना कहना चाहता हू एक रिलिटी शो के लिए कोई आपनी सालो की दोस्ती तोड़ नही सकता !
prashant sangli
Jul 14, 2009
दोस्त दोस्त ना रहा प्यार प्यार ना रहा ए जिंदगी हमे तेरे ऐतबार ना रहा
sunil delhi
Jul 14, 2009
सचिन एक अच्छे खिलाड़ी होने के साथ साथ एक अच्छे दोस्त भी है सचिन और विनोद कांबली की दोस्ती की हमेशा खेल जगत मे मिसाले दी जाती है और सचिन ने विनोद की काफ़ी मदद की उन्हे फिर से टीम मे लाने के लिए काफ़ी कोशिश भी की तो मुझे नही लगता की विनोद उनके बारे मे एसा कुछ बोल सकते है......
pratiksha pune
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