03 जुलाई 2009
रॉयटर्स
लंदन। रूसी सुंदरियां दिनारा सफीना और एलेना दिमेंतिएवा अपनी तमाम कोशिशों के बावजूद गुरुवार को यहां विलियम्स बहनों वीनस और सेरेना को विम्बलडन टेनिस टूर्नामेंट के महिला एकल फाइनल में एक बार फिर पहुंचने से रोक पाने में नाकाम रहीं।
हालांकि चौथी वरीयता प्राप्त दिमेंतिएवा ने दूसरी वरीयता प्राप्त सेरेना को जोरदार टक्कर दी लेकिन विलियम्स बहनों में छोटी सेरेना ने हार के कगार से वापसी करते हुए अपना सेमीफाइनल मैच 6-7, 7-5, 8-6 से जीत लिया।
पढ़ें- विम्बलडन- भूपति-नोल्स क्वार्टरफाइनल में हारे
मगर शीर्ष वरीयता प्राप्त दिनारा तो पांच बार की चैंपियन वीनस को तनिक भी टक्कर नहीं दे पायीं और महज 51 मिनटों में 1-6, 0-6 की शर्मनाक हार को गले लगा बैठीं।
विलियम्स बहनों का टेनिस जगत के सर्वाधिक प्रतिष्ठित ग्रैंड स्लैम के खिताबी मुकाबले में एक-दूसरे से टकराने का यह चौथा मौका होगा। वैसे वीनस का यह आठवां फाइनल होगा जबकि सेरेना पांचवी बार यहां खिताबी मुकाबले तक पहुंची हैं। दोनों बहनों के बीच महिला एकल के सिरमौर के लिए शनिवार को जंग छिडे़गी।
ऑल इंगलैंड क्लब के खूबसूरत स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों को महिला टेनिस की दिग्गजों के बीच दो अलग-अलग तरह के मुकाबले देखने को मिले। सेरेना और दिमेंतिएवा के बीच जहां एक-एक अंक के लिए नजदीकी टक्कर हुई और उनकी जंग करीब तीन घंटे तक चली वहीं वीनस और दिनारा के बीच खेला गया मैच तो पूरी तरह एकतरफा रहा।
महिला एकल के पहले सेमीफाइनल में अमेरिका की सेरेना अपने जज्बे भरे प्रदर्शन की वजह से चौथी वरीयता प्राप्त दिमेंतिएवा की कड़ी चुनौती से पार पाने में सफल रहीं। एक समय तो वह दूसरे सेट में मैच प्वाइंट से पीछे चल रही थीं, लेकिन अपने जुझारूपन के लिए मशहूर सेरेना ने जोरदार वापसी करते हुए जीत दर्ज कर ली।
पढ़ें- विम्बलडन- फेडरर सेमीफाइनल में, जोकोविच बाहर
हालांकि मैच की शुरुआत में दोनों ही खिलाड़ी थोड़ी नर्वस नजर आ रही थीं। हालत तो यह हो गयी कि सेरेना और दिमेंतिएवा दोनों ने ही अपने-अपने पहले सर्विस गेम गंवा दिये। मगर उसके बाद दोनों ही खिलाड़ियों ने बेसलाइन से ताकतवर सर्विस और कोर्ट पर अपनी कलाबाजी का बेहतरीन प्रदर्शन किया। पहले सेट में मामला धीरे-धीरे टाइब्रेकर तक पहुंच गया और दिमेंतिएवा इसे 7-4 से जीतकर इस साल सेरेना से सेट छिनने वाली पहली खिलाड़ी बन गयीं।
पहला सेट 7-6 से जीतने से उत्साहित दिमेंतिएवा ने दूसरे सेट में भी अच्छी शुरुआत की लेकिन सेरेना उनकी सर्विस तोड़ने में सफल रहीं। हालांकि इस सेट में 6-5 के स्कोर पर सर्विस कर रहीं सेरेना को दिमेंतिएवा ने मुश्किल में डाल दिया था लेकिन अमेरिकी खिलाड़ी ने झन्नाटेदार ऐस शॉट लगाते हुये इसे 7-5 से जीतकर मैच में बराबरी हासिल कर ली।
तीसरे सेट की शुरुआत में ही दिमेंतिएवा सेरेना की सर्विस तोड़ते हुए 3-1 की बढ़त लेने में सफल रहीं। उनके पास यह सेट जीतकर सेरेना का फाइनल में पहुंचने का सपना तोड़ने का बड़ा सुनहरा मौका था, लेकिन वह मैच प्वाइंट गंवा बैठी। सेरेना ने इसका पूरा लाभ उठाते हुये न सिर्फ दिमेंतिएवा की सर्विस तोड़कर 7-6 की बढ़त बनायी बल्कि अपनी सर्विस बरकरार रखते हुये यह सेट और मैच जीतने में भी सफल रहीं।
इस कडे़ मुकाबले के ठीक उलट महिला एकल का दूसरा सेमीफाइनल रहा। गत चैंपियन वीनस ने दिनारा की शीर्ष वरीयता का तनिक भी लिहाज न करते हुए मैच की शुरुआत से ही दबदबा बना लिया और देखते ही देखते पहले सेट में 5-0 की बढ़त बना ली। इस बढ़त ने ही मैच का रूख तय कर दिया जो कि अंत में वीनस के ही पक्ष में गया।
पढ़ें- पेस-डलोही की जोड़ी विम्बलडन से बाहर
अपने खेल जीवन का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब तलाश कर रहीं दिनारा गत एक दशक से टेनिस जगत में धूम मचा रहीं वीनस के आगे शुरू से ही पस्त दिखीं। वीनस ने दूसरे ही गेम में दिनारा की सर्विस तोड़कर अपने इरादे जाहिर कर दिये और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने पहले सेट को सिर्फ 27 मिनट में 6-1 से जीत लिया।
दूसरे सेट में तो दिनारा की हालत और भी बुरी हुई। पहले सेट में तो वीनस ने उन्हें एक गेम जीतने का मौका दे भी दिया था, लेकिन इस बार कोई रियायत नहीं बरती गयी और दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी दूसरे सेट में एक भी गेम नहीं जीत पायी। दिनारा का बैकहैंड रिटर्न नेट में उलझते ही वीनस ने अपने हाथ हवा में लहरा दिये।
बेहद प्रभावी जीत से खुश वीनस ने कहा, “दिनारा बहुत प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और गत एक साल से काफी अच्छा खेल रही हैं। मैंने उनके खिलाफ शुरू से ही आक्रमण की रणनीति अपनायी और इस कोर्ट के मेरे पिछले अनुभव ने भी मुझे मदद की। एक बार फिर विंबल्डन के फाइनल में पहुंचना सपने जैसा है।”
पढ़ें- विम्बलडन- एकल में सानिया की चुनौती खत्म
जब उनसे सेरेना के खिलाफ होने वाले फाइनल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “मैं उम्मीद करती हूं कि छठी बार विजेता ट्रॉफी उठाने में सफल रहूंगी। वैसे मैच में सेरेना को देखने के बाद मैं अपनी जीत की उम्मीद ही कर सकती हूं।”
रॉयटर्स
लंदन। रूसी सुंदरियां दिनारा सफीना और एलेना दिमेंतिएवा अपनी तमाम कोशिशों के बावजूद गुरुवार को यहां विलियम्स बहनों वीनस और सेरेना को विम्बलडन टेनिस टूर्नामेंट के महिला एकल फाइनल में एक बार फिर पहुंचने से रोक पाने में नाकाम रहीं।
हालांकि चौथी वरीयता प्राप्त दिमेंतिएवा ने दूसरी वरीयता प्राप्त सेरेना को जोरदार टक्कर दी लेकिन विलियम्स बहनों में छोटी सेरेना ने हार के कगार से वापसी करते हुए अपना सेमीफाइनल मैच 6-7, 7-5, 8-6 से जीत लिया।
पढ़ें- विम्बलडन- भूपति-नोल्स क्वार्टरफाइनल में हारे
मगर शीर्ष वरीयता प्राप्त दिनारा तो पांच बार की चैंपियन वीनस को तनिक भी टक्कर नहीं दे पायीं और महज 51 मिनटों में 1-6, 0-6 की शर्मनाक हार को गले लगा बैठीं।
विलियम्स बहनों का टेनिस जगत के सर्वाधिक प्रतिष्ठित ग्रैंड स्लैम के खिताबी मुकाबले में एक-दूसरे से टकराने का यह चौथा मौका होगा। वैसे वीनस का यह आठवां फाइनल होगा जबकि सेरेना पांचवी बार यहां खिताबी मुकाबले तक पहुंची हैं। दोनों बहनों के बीच महिला एकल के सिरमौर के लिए शनिवार को जंग छिडे़गी।
ऑल इंगलैंड क्लब के खूबसूरत स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों को महिला टेनिस की दिग्गजों के बीच दो अलग-अलग तरह के मुकाबले देखने को मिले। सेरेना और दिमेंतिएवा के बीच जहां एक-एक अंक के लिए नजदीकी टक्कर हुई और उनकी जंग करीब तीन घंटे तक चली वहीं वीनस और दिनारा के बीच खेला गया मैच तो पूरी तरह एकतरफा रहा।
महिला एकल के पहले सेमीफाइनल में अमेरिका की सेरेना अपने जज्बे भरे प्रदर्शन की वजह से चौथी वरीयता प्राप्त दिमेंतिएवा की कड़ी चुनौती से पार पाने में सफल रहीं। एक समय तो वह दूसरे सेट में मैच प्वाइंट से पीछे चल रही थीं, लेकिन अपने जुझारूपन के लिए मशहूर सेरेना ने जोरदार वापसी करते हुए जीत दर्ज कर ली।
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हालांकि मैच की शुरुआत में दोनों ही खिलाड़ी थोड़ी नर्वस नजर आ रही थीं। हालत तो यह हो गयी कि सेरेना और दिमेंतिएवा दोनों ने ही अपने-अपने पहले सर्विस गेम गंवा दिये। मगर उसके बाद दोनों ही खिलाड़ियों ने बेसलाइन से ताकतवर सर्विस और कोर्ट पर अपनी कलाबाजी का बेहतरीन प्रदर्शन किया। पहले सेट में मामला धीरे-धीरे टाइब्रेकर तक पहुंच गया और दिमेंतिएवा इसे 7-4 से जीतकर इस साल सेरेना से सेट छिनने वाली पहली खिलाड़ी बन गयीं।
पहला सेट 7-6 से जीतने से उत्साहित दिमेंतिएवा ने दूसरे सेट में भी अच्छी शुरुआत की लेकिन सेरेना उनकी सर्विस तोड़ने में सफल रहीं। हालांकि इस सेट में 6-5 के स्कोर पर सर्विस कर रहीं सेरेना को दिमेंतिएवा ने मुश्किल में डाल दिया था लेकिन अमेरिकी खिलाड़ी ने झन्नाटेदार ऐस शॉट लगाते हुये इसे 7-5 से जीतकर मैच में बराबरी हासिल कर ली।
तीसरे सेट की शुरुआत में ही दिमेंतिएवा सेरेना की सर्विस तोड़ते हुए 3-1 की बढ़त लेने में सफल रहीं। उनके पास यह सेट जीतकर सेरेना का फाइनल में पहुंचने का सपना तोड़ने का बड़ा सुनहरा मौका था, लेकिन वह मैच प्वाइंट गंवा बैठी। सेरेना ने इसका पूरा लाभ उठाते हुये न सिर्फ दिमेंतिएवा की सर्विस तोड़कर 7-6 की बढ़त बनायी बल्कि अपनी सर्विस बरकरार रखते हुये यह सेट और मैच जीतने में भी सफल रहीं।
इस कडे़ मुकाबले के ठीक उलट महिला एकल का दूसरा सेमीफाइनल रहा। गत चैंपियन वीनस ने दिनारा की शीर्ष वरीयता का तनिक भी लिहाज न करते हुए मैच की शुरुआत से ही दबदबा बना लिया और देखते ही देखते पहले सेट में 5-0 की बढ़त बना ली। इस बढ़त ने ही मैच का रूख तय कर दिया जो कि अंत में वीनस के ही पक्ष में गया।
पढ़ें- पेस-डलोही की जोड़ी विम्बलडन से बाहर
अपने खेल जीवन का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब तलाश कर रहीं दिनारा गत एक दशक से टेनिस जगत में धूम मचा रहीं वीनस के आगे शुरू से ही पस्त दिखीं। वीनस ने दूसरे ही गेम में दिनारा की सर्विस तोड़कर अपने इरादे जाहिर कर दिये और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने पहले सेट को सिर्फ 27 मिनट में 6-1 से जीत लिया।
दूसरे सेट में तो दिनारा की हालत और भी बुरी हुई। पहले सेट में तो वीनस ने उन्हें एक गेम जीतने का मौका दे भी दिया था, लेकिन इस बार कोई रियायत नहीं बरती गयी और दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी दूसरे सेट में एक भी गेम नहीं जीत पायी। दिनारा का बैकहैंड रिटर्न नेट में उलझते ही वीनस ने अपने हाथ हवा में लहरा दिये।
बेहद प्रभावी जीत से खुश वीनस ने कहा, “दिनारा बहुत प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और गत एक साल से काफी अच्छा खेल रही हैं। मैंने उनके खिलाफ शुरू से ही आक्रमण की रणनीति अपनायी और इस कोर्ट के मेरे पिछले अनुभव ने भी मुझे मदद की। एक बार फिर विंबल्डन के फाइनल में पहुंचना सपने जैसा है।”
पढ़ें- विम्बलडन- एकल में सानिया की चुनौती खत्म
जब उनसे सेरेना के खिलाफ होने वाले फाइनल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “मैं उम्मीद करती हूं कि छठी बार विजेता ट्रॉफी उठाने में सफल रहूंगी। वैसे मैच में सेरेना को देखने के बाद मैं अपनी जीत की उम्मीद ही कर सकती हूं।”
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