02 जुलाई 2009
वार्ता
सेंट लूसिया। भारतीय टीम अगर लंबे अर्से के बाद कैरेबियाई धरती पर एकदिवसीय श्रृंखला में जीत का सूखा खत्म करना चाहती है तो उसे शुक्रवार को वेस्ट इंडीज के खिलाफ होने वाले तीसरे एकदिवसीय में कागजी शेर की उपमा से निकलकर मैदान पर सचमुच शेर जैसा प्रदर्शन करना होगा।
भारत और वेस्टइंडीज की टीमें श्रृंखला में 1-1 की बराबरी पर है। ऐसे में श्रृंखला कब्जाने के लिए दोनों ही टीमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहेंगी जिससे विस्फोटक मुकाबला होने की उम्मीद है।
तस्वीरें- दूसरे वनडे में भारत की शर्मनाक हार
जहां तक मनोवैज्ञानिक लाभ का सवाल है तो वह मेजबान टीम के पास ही होगा। वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड दौरे के निराशाजनक प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए हालिया मैचों में बढ़िया प्रदर्शन किया है। ट्वेंटी-20 विश्वकप के अंतिम चार में पहुंचने के बाद भारत के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला में भी टीम के बल्लेबाज और गेंदबाज मानो श्रृंखला जीतने के लिए ही खेल रहे हैं।
वहीं दूसरी तरफ भारतीय टीम पहले मैच में बल्लेबाजों के बढ़िया प्रदर्शन के दम पर 20 रन से जीत हासिल करने में तो कामयाब रही, लेकिन दूसरे मैच में वही बल्लेबाजी टीम के साथ दगा कर गई और उसे आठ विकेट से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। बल्लेबाजी के बूते जीत की झड़ी लगाने वाली भारतीय टीम की यही कड़ी इस श्रृंखला में टीम के लिए परेशानी का सबब बन गई है। टीम की बल्लेबाजी पूरी तरह युवराज सिंह और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के इर्दगिर्द ही घूमती नजर आ रही है और श्रृंखला जीतने के लिए कप्तान और उपकप्तान की इस जोड़ी को एक बार फिर से बढ़िया प्रदर्शन करना होगा। बाकी के बल्लेबाजों में यूसुफ पठान और दिनेश कार्तिक ही पहले मैच में बढ़िया प्रदर्शन करने में सफल रहे हैं।
तस्वीरें- भारत की वेस्टइंडीज पर रोमांचक जीत
पिछले एक साल में भी अधिक समय से निरंतर बढ़िया प्रदर्शन करने वाले सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर अपने जोड़ीदार वीरेंद्र सेहवाग के बिना एकदम असहाय नजर आ रहे हैं। ट्वेंटी-20 विश्वकप में बांग्लादेश और आयरलैंड जैसी कमजोर टीम के खिलाफ बढिया प्रदर्शन करने के बाद उनका बल्ला अब तक खामोश है। वहीं रोहित शर्मा को तो लगता है कि जैसे या तो उपरी क्रम पर बल्लेबाजी करना रास नहीं आ रहा है या फिर वह 20-20 की खुमारी से निकल नहीं पा रहे हैं। कल होने वाले मैच में रवींद्र जडेजा को बाहर बिठाकर सुब्रमण्यम बद्रीनाथ या फिर अभिषेक नायर को मौका दिया जा सकता है।
टीम के गेंदबाजों को तो जैसे मानो सांप सूंघ गया है। उनकी गेंदबाजी देखकर कहीं से नहीं लगता है कि वे विकेट लेने के लिए खेल रहे हैं। आरपी सिंह ने अपने अब तक के प्रदर्शन से निराश किया है। प्रवीण कुमार और ईशांत शर्मा भी कुछ खास कर पाने में अब तक असफल ही रहे हैं। ऐसे में भारत इस मैच में दो स्पिनरों हरभजन सिंह और प्रज्ञान ओझा को उतार सकता है। श्रृंखला जीतने के लिए भारतीय गेंदबाजों को अपनी गेंदों की कुंद धार तेज करनी होगी।
पढ़ें- धोनी ने रामपॉल की तारीफों के पुल बांधे
दूसरी तरफ मेजबान टीम के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज अपने पूरे रंग में हैं। कप्तान क्रिस गेल और रूनाको मोर्टन की सलामी जोड़ी अब तक खेले गए दोनों मैचों में टीम को बढ़िया शुरुआत देने में सफल रहे हैं जबकि तीसरे और चौथे नंबर पर रामनरेश सरवन और शिवनारायण चंद्रपॉल बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं। निचले क्रम में हरफनमौला ड्वेन ब्रावो, डेरेन ब्रावो और विकेटकीपर दिनेश रामदीन भी अच्छी बल्लेबाजी कर टीम की नैय्या पार लगाने की क्षमता रखते हैं।
गेंदबाजी में भी टीम फिडेल एडवर्ड्स की अनुपस्थिति में भी कहीं से कमतर नहीं नजर आ रही है। नई गेंद के साथ जेरोम टेलर और रवि रामपॉल ने अपने शानदार प्रदर्शन से विपक्षी टीम की प्रशंसा भी बटोरी है। ब्रावो ने अपनी चतुराई भरी गेंदबाजी से भारतीय टीम के लिए परेशानी खड़ी की है। इसके अलावा टीम का तेज गेंदबाजी आक्रमण स्पिनर सुलेमान बेन की असरहीन गेंदबाजी की भरपाई करने में सफल रहा है।
पढ़ें- बाकी दो वनडे के लिए विंडीज टीम घोषित
वार्ता
सेंट लूसिया। भारतीय टीम अगर लंबे अर्से के बाद कैरेबियाई धरती पर एकदिवसीय श्रृंखला में जीत का सूखा खत्म करना चाहती है तो उसे शुक्रवार को वेस्ट इंडीज के खिलाफ होने वाले तीसरे एकदिवसीय में कागजी शेर की उपमा से निकलकर मैदान पर सचमुच शेर जैसा प्रदर्शन करना होगा।
भारत और वेस्टइंडीज की टीमें श्रृंखला में 1-1 की बराबरी पर है। ऐसे में श्रृंखला कब्जाने के लिए दोनों ही टीमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहेंगी जिससे विस्फोटक मुकाबला होने की उम्मीद है।
तस्वीरें- दूसरे वनडे में भारत की शर्मनाक हार
जहां तक मनोवैज्ञानिक लाभ का सवाल है तो वह मेजबान टीम के पास ही होगा। वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड दौरे के निराशाजनक प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए हालिया मैचों में बढ़िया प्रदर्शन किया है। ट्वेंटी-20 विश्वकप के अंतिम चार में पहुंचने के बाद भारत के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला में भी टीम के बल्लेबाज और गेंदबाज मानो श्रृंखला जीतने के लिए ही खेल रहे हैं।
वहीं दूसरी तरफ भारतीय टीम पहले मैच में बल्लेबाजों के बढ़िया प्रदर्शन के दम पर 20 रन से जीत हासिल करने में तो कामयाब रही, लेकिन दूसरे मैच में वही बल्लेबाजी टीम के साथ दगा कर गई और उसे आठ विकेट से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। बल्लेबाजी के बूते जीत की झड़ी लगाने वाली भारतीय टीम की यही कड़ी इस श्रृंखला में टीम के लिए परेशानी का सबब बन गई है। टीम की बल्लेबाजी पूरी तरह युवराज सिंह और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के इर्दगिर्द ही घूमती नजर आ रही है और श्रृंखला जीतने के लिए कप्तान और उपकप्तान की इस जोड़ी को एक बार फिर से बढ़िया प्रदर्शन करना होगा। बाकी के बल्लेबाजों में यूसुफ पठान और दिनेश कार्तिक ही पहले मैच में बढ़िया प्रदर्शन करने में सफल रहे हैं।
तस्वीरें- भारत की वेस्टइंडीज पर रोमांचक जीत
पिछले एक साल में भी अधिक समय से निरंतर बढ़िया प्रदर्शन करने वाले सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर अपने जोड़ीदार वीरेंद्र सेहवाग के बिना एकदम असहाय नजर आ रहे हैं। ट्वेंटी-20 विश्वकप में बांग्लादेश और आयरलैंड जैसी कमजोर टीम के खिलाफ बढिया प्रदर्शन करने के बाद उनका बल्ला अब तक खामोश है। वहीं रोहित शर्मा को तो लगता है कि जैसे या तो उपरी क्रम पर बल्लेबाजी करना रास नहीं आ रहा है या फिर वह 20-20 की खुमारी से निकल नहीं पा रहे हैं। कल होने वाले मैच में रवींद्र जडेजा को बाहर बिठाकर सुब्रमण्यम बद्रीनाथ या फिर अभिषेक नायर को मौका दिया जा सकता है।
टीम के गेंदबाजों को तो जैसे मानो सांप सूंघ गया है। उनकी गेंदबाजी देखकर कहीं से नहीं लगता है कि वे विकेट लेने के लिए खेल रहे हैं। आरपी सिंह ने अपने अब तक के प्रदर्शन से निराश किया है। प्रवीण कुमार और ईशांत शर्मा भी कुछ खास कर पाने में अब तक असफल ही रहे हैं। ऐसे में भारत इस मैच में दो स्पिनरों हरभजन सिंह और प्रज्ञान ओझा को उतार सकता है। श्रृंखला जीतने के लिए भारतीय गेंदबाजों को अपनी गेंदों की कुंद धार तेज करनी होगी।
पढ़ें- धोनी ने रामपॉल की तारीफों के पुल बांधे
दूसरी तरफ मेजबान टीम के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज अपने पूरे रंग में हैं। कप्तान क्रिस गेल और रूनाको मोर्टन की सलामी जोड़ी अब तक खेले गए दोनों मैचों में टीम को बढ़िया शुरुआत देने में सफल रहे हैं जबकि तीसरे और चौथे नंबर पर रामनरेश सरवन और शिवनारायण चंद्रपॉल बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं। निचले क्रम में हरफनमौला ड्वेन ब्रावो, डेरेन ब्रावो और विकेटकीपर दिनेश रामदीन भी अच्छी बल्लेबाजी कर टीम की नैय्या पार लगाने की क्षमता रखते हैं।
गेंदबाजी में भी टीम फिडेल एडवर्ड्स की अनुपस्थिति में भी कहीं से कमतर नहीं नजर आ रही है। नई गेंद के साथ जेरोम टेलर और रवि रामपॉल ने अपने शानदार प्रदर्शन से विपक्षी टीम की प्रशंसा भी बटोरी है। ब्रावो ने अपनी चतुराई भरी गेंदबाजी से भारतीय टीम के लिए परेशानी खड़ी की है। इसके अलावा टीम का तेज गेंदबाजी आक्रमण स्पिनर सुलेमान बेन की असरहीन गेंदबाजी की भरपाई करने में सफल रहा है।
पढ़ें- बाकी दो वनडे के लिए विंडीज टीम घोषित
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