26 जून 2009
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
लखनऊ। उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने निर्धारित तिथि से आठ दिन पहले ही जल्दबाजी में गुरुवार रात को अपनी कई परियोजनाओं का शुभारंभ कर दिया।
अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक मायावती ने ऐसा अपने खिलाफ एक लंबित एक याचिका के मद्देनजर किया है, जिसकी सुनवाई 29 जून को होनी है।
दिल्ली के रहने वाले एक वकील रविकांत ने बुधवार को मायावती के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में त्वरित सुनवाई के लिए याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि मायावती जनता के पैसे का दुरुपयोग स्मारक बनवाने और प्रतिमाएं लगवाने में कर रही हैं। याचिका में उन्होंने न्यायालय से गुहार लगाई थी कि मुख्यमंत्री मायावती को उनकी करोड़ों रुपए की परियोजनाओं का शुभारंभ न करने दिया जाए।
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सूत्रों के मुताबिक इसी याचिका के मद्देनजर मायावती ने आज 15 परियोजनाओं का शुभारंभ किया। ये परियोजनाएं लखनऊ के गोमतीनगर स्थित भीमराव अंबेडकर स्मारक स्थल और कांशीराम स्मारक स्थल से संबंधित हैं।
मायावती ने गुरुवार रात अनावरण समारोह में अपने विरोधियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “मेरे विरोधी मेरी छवि खराब करने के लिए ऐसा कह रहे हैं कि दलित महापुरुषों और गुरुओं के सम्मान में स्मारकों का निर्माण कराकर मैं जनता के पैसों का दुरुपयोग कर रही हूं”।
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि प्रदेश में विकास का पैसा इन परियोजनाओं में नहीं खर्च हो रहा है। अपनी प्रतिमाएं स्थापित कराए जाने पर मायावती ने कहा कि ऐसा मान्यवर कांशीराम की इच्छा के अनुरूप हो रहा है। अपने जीवनकाल में उन्होंने यह कहा था कि उनके साथ में उनके राजनीतिक उत्ताराधिकारी की भी प्रतिमा लगाई जाए।
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गुरुवार को जिन परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया उनमें भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल द्वार, भीमराव अंबेडकर विहार, भीमराव अंबेडकर स्मारक दृश्य स्थल, कांशीराम स्मारक स्थल, कांशीराम पार्क शामिल हैं। इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती की तीन प्रतिमाओं का भी अनावरण किया गया।
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14 फरवरी 2012
Sep 02, 2010
मायावती जी आप बिल्कुल सही कर रही हैं आप इन मनुवादी यों को मूहतोड़ जवाब दे रही है आख़िर आने वाली पीढ़ियों को भी पता चले की असली भारतीय महापुरूस कौन थे
anaryan kanpur
Jul 07, 2009
माया जी आप तो खूब प्रतिमा लगाओ लेकिन अपने बगल मे कांशीराम की जगह सतीश मिश्रा का प्रतिमा लगवा लेना.
Rishi Gwalior
Jul 07, 2009
अभी तक जीतने भी मुख्यमंत्री बने है उन लोगो ने क्या किया जो कुछ कर रहा है उसको करने दो अगर उसको रोका तो कुछ भी हाथ नही लगेगा . अपना शहर तो देखने मे अच्छा लगेगा आप सभी लोग अपने दिमाग़ का ईस्तमाल क्यों नही करते
alok Lucknow
Jul 06, 2009
जबतक इन दलितों की सोच में बदलाव नही आएगा तबतक कुछ नही हो सकता, मायावती जैसे भ्रष्ट नेता आते रहेंगे ओर इन दलितों से वोट बटोरेंगे अपनी तिजोरी भरेंगे , ये दलित ऐसे के ऐसे ही रहने वाले हैं, बस मूर्ति से धूल सॉफ करते रहेंगे. मेरा तो अपना यह मानना है के अगर मायावती दलितों की ही नेता हैं तो कम से कम उनका ही उद्धार करें, ये मूर्तियाँ लगवाने से दलितों का क्या भला होगा यह तो दलित ही बेहतर बता सकते हैं.
Ravindra Ghaziabad
Jul 06, 2009
गोमती नदी पार करने के बाद लगता है की हम मुंबई मे आ गये है कुछ भी हो किसी ने किया तो
alok lucknow
Jul 05, 2009
अगली बार मायावती बहुत भारी मतो से हारने वाली हे . जनता के पेसोका दूर उपियोग कर रही हे .हज़ारो बाते हे जसमे विकास हो नज़रूरी हे और ये महारानी पेसो के साथ वक्ता भी बर्बाद कर रहिहे. ई आम शेमा ओ न ह र .
sd Nadiad
Jul 04, 2009
Km.Myavati jo ker rahi he usase samaj toot rahahe .Samaj me apas me dusmani peda ho rahi he.Raha sawal pujya shri ram ji ka to Shree ram kishi ek samaj ke nahithe unke liye sari duniya ek thi.Jo log Shri ram ji ki tulna Shri kansi ram ji se ker rahe he Unhen yah sochna chahiye ki shree kashi ram ji ko bhi Bhagwan ki krapa se hi manusya janm mila tha.Bhagawan kabhi bhi sad ker nahi mare .Yadrahe Swarth ke liye marne me or desh ke liye marne me bahut antar he.
Omkant singh Agra
Jul 04, 2009
मे सभी से कहना चाहता हूँ के ये जो अभद्र शब्दो का इस्तेमाल इस साइट पर हो रहा हे यह बंद होना चाहिए , चंमार जेसे शब्द कहना बिल्कुल ग़लत हे !एक मेरे दोस्त ने लिखा हे ये साले दलित यह कराब हे! क्या तुम हिन्दुस्तानी नही हो!ये बात सही हे के राज्य मे मूर्ति के अलावा ओर बहुत कुछ करना हे!माँया जे जो भी कर रही हे बहुत सोच विचार कर कर रही हे ! मेरी माया जी से गुज़ारिश हे की बाकी कामो पर भी अपना ध्यान दे!श्याम
bhanu DELHI
Jul 04, 2009
भाई कमाई करने आए हे ,देश जाए भाड़ मे, अगली दफ़ा फिर बेफ़्कूफ़ बना देंगे ओर सत्ता मे आएँगे
lafanga lal delhi
Jul 03, 2009
मेरी समझ मे ये नही आता, की मायावती जी को ये सब करने की क्या ज़रूरत है. उन्हे अपने राज्य पर ध्यान देना चैहीए ना की मूर्ति लवना या बनाना / उनके अपने राज्य के लोग दूसरे राज्य मे जाते है और मार भी खाते है/ पता नही उ.प. के नेताओ को कब अकल आएगी. अपने राज्य मे विकास करने पर ज़ोर देना चाहिए / ताकि यहा के लोगो को बाहर ना जाना पडे .
SAROJ BHARDWAJ MUMBAI
Jul 03, 2009
मायावती को पूर्ण बहुमत मिला है तो उसका सदुपयोग उत्तर प्रदेश की मूलभूत ज़रूरत जैसे बिजली, इंडस्ट्रियलाइज़ेशन, रोड, यूनिवर्सिटी, कृषि आदि बढ़ने मे करे. प्रदेश के नवजवान दूसरे राज्यो मे अपनी खून पसीने की कमाई को बरबाद करते है और घर परिवार से डोर रहते है. उत्तर प्रदेश को इतना विकसित करो की दूसरे राज्यो से लोग कमाने के लिए यहाँ आए. पार्क मूर्ति से किसी को खाना, मकान, कापरे तो नही मिलने वाला है.
navin jaunpur
Jul 03, 2009
मायावती ये बताए की वो ये मूर्तिया लगवा क्यो रही है? मुझे मूर्तिया लगवाने से कोई problem नही पर अगर वो मूर्तिया देश के पैसे से लगवती है तो ये ग़लत है अगर मूर्तिया लगवानी भी है तो अपने पैसे से लगवाए. देश के पैसे से नही!! मायावती के पास बहुत काला पैसा है. एक रिपोर्ट के अनुसार मायावती की 1 महीने की इनकम 80 करोड़ रुपये है. मायावती दलितो के नाम पर अपनी जेब भर रही है वो किसी की सग़ी नही है.
Ankit New Delhi
Jun 30, 2009
भाई मायावती को मालूम होना चाहिए के पार्क में जाने के लिए रोड चाहिए होती है, और उसमें लगी लाइट के लिए बिजली. पहले उसका तो इंतेज़ाम करो, लेकिन नही पहले पार्क बनाओ फिर यूज़ तो होगा नही और फिर मरम्मत के लिए पैसे लगाओ, सब नाटक है. पहली चीज़ देश में कितने दलित टॅक्स भरते हैं सालों के पास खाने को तो है नही टॅक्स कहाँ भरेंगे. हम अपने पैसे से उनको आगे ला रहे हैं यह कम है के उनके महापुरुषों की मूर्ति भी लगवाएं , उन्होंने हमारे लिए क्या किया है के हमारा पैसा उनपेर खर्च हो रहा है. बंद करो यह नाटक.
Lovy Dubai
Jun 29, 2009
I would like to draw the attention of honarable chief miniester mayawati ji on electricity problem, infrastructure problem and employement problems. Which money she is expending for different smarak yojna that may be utilize in making new power projects , infrastructure facility and employment programs. Which will help the people to make them self depend and also help her to get the vote and love of all the citizens.
murad ahmad Pratapgarh
Jun 28, 2009
माया अपनी करनी का फल खुद ही अपनी आखे से देख लेगी जब उसके सिर कबूतर,कोआ पेखना और पेसाब केरेगे, ग़रीब जनता तो कुछ नही कर सकता हे,क्योकि उसके पास अभी पाबर हे
brajesh kumar choudhary baku [ azerbejan]
Jun 27, 2009
उत्तर प्रदेश सरकार भारत के महापुरुषों कि मूर्ति लगवा रही है, स्मारक बनवा रही है जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी देश और समाज को दे दिया ! तो कुछ लोगो को लग रहा है कि पैसे कि बर्वादी हो रही है ,तो बहुजन समाज कि भल्ला मूर्ति लगाने से नही होगा, तो कुछ लोग बोल रहे हैं कि सरकार हरयाली नष्ट कर रही है और पत्थर लगाने से गर्मी बड़ रहा है तो मैं उनलोगों से पूछना चाहता हूँ कि पुरे देश में कितने महत्मागाँधी , कितने राजेंद्र नेहरू कितने इन्द्रा और राजीव कि मूर्ति लगी हुई है ! क्या उसे लगाने मी पैसे कि बर्वादी न
VIVEK PATNA
Jun 27, 2009
मैं उनलोगों से पूछना चाहता हूँ कि पुरे देश में कितने महत्मागाँधी , कितने राजेंद्र नेहरू कितने इन्द्रा और राजीव कि मूर्ति लगी हुई है ! क्या उसे लगाने मी पैसे कि बर्वादी नही हुई होगी ? इन सबो कि मूर्ति क्यूँ लगाई गई ? आंबेडकर साहब और श्री कांशी राम साहब कि मूर्ति से गर्मी और सभी के मूर्ति से ढंडक निकलता है ?
VIVEK PATNA(BIHAR)
Jun 27, 2009
अगर मूर्तियाँ लग्बा ने से किसी दलित या किसी ग़रीब का भला होता तो आज भारत मे कोई ग़रीब या दलित नही होता भैई लोगो हम सब को पार्क या मूर्तियाँ कोई ज़रूरत नही है ज़रूरत है तो बस एक अच्छी सोंच की .जो आज , किसी नेता मे नही दिख ती.
amit moradabad
Jun 27, 2009
मैं पूछना चाहता हूँ कि आसिक श्री राम कि मूर्तिलगाने में पैसे कि बर्वादी नही होगी क्या ? राम आएगा और खुद खाड़ा हो जाएगा? और रही बात परम पूज्य आंबेडकर साहब एवं मान्यवर श्री कांशी राम साहब कितो ये लोग अपनी पूरी जिन्दगी देश को उथान में लगा दिया और जो लोग बोलते हैकि ये लोग दलितों के नेता थे तो उनलोगों मैं भी बोलना चाहता हूँ कि महत्मागाँधी भी बनिया के नेता थे , राजेंद्र , नेहरु ब्रह्मण के नेता थे !अटलअडवानी सोनिया मनमोहन यह सब ब्रह्मण नेता है
RAVI DELHI
Jun 27, 2009
बहुजन समाज में जन्मे भारत के महापुरुषों को याद में उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके मूर्ति लगवा रही है ,स्मारक बनवा रही है तो इस देश के मनुवादी ब्राह्मणवादी जिनका जनसंख्या भारत में ३-१५ फीसदी है उनलोगों को ऐसा लग रहा है कि हमारा दक्षिणा के पैसा से बनवा रही है !तो तुम्हे जानकारी होना चाहिय कि तुम्हारा दक्षिणा के पैसों से नही बनवाया जा रहा है और सरकार वही काम कर रही है जो अभी तक मनुवादी मानसिकता वाले लोग नही कर पाए, जिनलोगों को यह सलाह है कि आसिक श्री राम मूर्ति लगवानी चाहिय तो उनलोगों से मैं पूछना
Ravi delhi
Jun 27, 2009
पार्क से ज़्यादा बिजली ब्यावस्था पर ध्यान देना चाहिए
susheel(munna)nishad sultanpur
Jun 26, 2009
माया वती पैसे का ग़लत उपयोग कर रही है कोर्ट रोकना चहिये.जन्त का पैसा जनता के लिए ही खर्च करना चाहिए
ram ajor yadav mumbai
Jun 26, 2009
Km. Mayavati ko aisa karne se rokne ke liye, supreme court ko swatah rok lagani chahiye. Aur ek naya kanoon banana chahiye, jisse ministers ko aise kaam me pabandi lage.
Prateek Dwivedi Kanpur
Jun 26, 2009
मायावती जी आप मुख्या मंत्री है जो मान चाहे करे कौन रोक सकता है आपको पेर जिस दिन एश्वर की लाठी पड़ेगी कोई बचा नही पाएगा आपको
pramod kumar lucknow
Jun 26, 2009
मूर्ति लगानी है तो प्रभु श्रीराम की लगाई जाए लकिन चमारी है तो अपनी जात दिखा कर ही रहेगी ! ठीक है अंबेडकर जी ने संविधान लिखा लकिन इसका ये मतलब तो नही उसे पूजा जाए ! क्या बाकी किसी जात के महापुरूसो ने महान कार्य नही किया क्या फिर अंबेडकर ही क्यों वैसे ध्यान रहे अंबेडकर ने ब्राह्मण कुल मैं जन्म लिया था वो तो सिर्फ़ चमारो के नेता थे श्यद आपने ध्यान नही दिया उनकी सभी मूर्ति यही बताती है देखो यह सभी चामर है!
hindustani bharat
Jun 26, 2009
अगर सभी नेता ऐसा करने लगे तो कितना अछा होता, सारे काम छोड़ कर ओन्ली पार्क बनाओ. इसी से देश के तर्रकी होगी. मई तो कहता हू. मेक पार्क ओन्ली. और कुछ नही..लोग मारे जीए क्या फ़र्क पड़ता है. बिजली कही आए या न आए पार्क मे आना हे होगा.
raj lko
Jun 26, 2009
Jane kaun log hai jo aishe pagal logo ko vote dekar jita deta hai, magar mayavati ab sirk 3 saal hi bache , is bar public tumko aate dal ka bav bata degi. Chor kahi ki.
UTTAR PRADESH kanpur
Jun 26, 2009
मायावती तेरे बाप का पैसा है ना ये जो तू इन फालतू कामो मे उड़ा रही है..
Gumnaam Gumnaam
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