14 फरवरी 2012
छत्तीसगढ भारत का अंग है या नहीं?
13 जुलाई 2009
जोश18

रविवार 12 जुलाई को छत्तीसगढ के राजनांदगांव जिले में नक्सलियों ने एक के बाद एक तीन जाल बिछाए और हर बार पुलिसकर्मियों के एक – एक दल की निर्ममतापूर्वक हत्या कर दी।
छत्तीसगढ़: नक्सली हमला, 25 जवान शहीद
 छत्तीसगढ़: पुलिसबल को घेरकर गोलियां मारी

एक ही दिन में नक्सलवादियों ने एक पुलिस अधीक्षक सहित 39 पुलिसवालों की हत्या कर दी।

देश की सुरक्षा पर यह हमला मुम्बई पर हुई आतंकवादी हमले से कम तो नहीं.. लेकिन देश में कितनी चर्चा हुई सुरक्षाकर्मियों के इस भयावह नरसंहार की?

राष्ट्रपति के पुलिस पदक से सम्मानित, छत्तीसगढ के एक पुलिस अधीक्षक सहित 39 जवान नक्सलियों द्वारा बारुदी सुरंग से उड़ा दिए गए, लेकिन राष्ट्रीय टीवी चैनल “राखी का स्वयंवर” और सलमान खान का “दस का दम” दिखाने में व्यस्त रहे। 
किसी भी फिल्मी व्यक्तित्व या खिलाड़ी के विदेश में पुरस्कारी जीतते ही बधाई पत्र जारी करने वाला राष्ट्रपति भवन ने देश की रक्षा में शहीद हुए इन जवानों को लिए एक शब्द भी नहीं कहा। 
मुम्बई एक महानगर है और छत्तीसगढ, ग्रामीण भारत का हिस्सा, इसीलिए नक्सलियों का यह हमला मुम्बई पर हुए आतंकवादी हमले से कम है। है न?

दिल्ली में मेट्रो पुल गिरने से छह लोगों की मौत की खबर दो दिनों से छाई हुई है, इंग्लैंड- ऑस्ट्रेलिया के बीच एशेज का पहला टेस्ट ड्रॉ होने का विशेषज्ञ विश्लेषण किया जा रहा है, राखी सावंत का स्वयंवर, सलमान खान के टीवी शो में कंगना रानौत की उपस्थित और हॉलीवुड में मल्लिका शेरावत की धूम- ये सब हमारे टीवी चैनल की सुर्खियां थे, छत्तीसगढ में बारुदी सुरंग लगा कर उड़ाए गए सुरक्षाकर्मी सिर्फ चलताऊ खबर।

गृहमंत्री, प्रधानमंत्री, राष्ट्र्पति, रक्षामंत्री चुप हैं इस हमले पर। देश के बीचोंबीच, 200 से 500 नक्सली पहले केंद्रीय सुरक्षा बलों के 10 जवानों की हत्या करते हैं, फिर उसकी जांच करने गए पुलिस दल को गाजर-मूली की तरह काट देते हैं और सरकार की तरफ से कोई एक शब्द भी नहीं बोलता।

एक युवक दो समुदायों के बीच नफरत फैलाने के लिए जहर उगलता है और सांसद बन जाता है। फिर जेड श्रेणी की सुरक्षा की मांग करता है क्योंकि कथित तौर पर उसकी जान को खतरा है। दूसरा नेता दो प्रांतों के लोगों के बीच नफरत की खाई खोद कर, सरकार से प्राप्त ज़ेड श्रेणी की सुरक्षा के साये में अपनी राजनीति की दूकान चलाता है क्योंकि उसकी जान को खतरा है। ये दोनों जब मुंह खोलते हैं या अदालत जाने के लिए घर से कदम निकालते हैं तो टीवी चैनल उसके एक-एक क्षण का “लाइव” प्रसारण करते हैं।
लेकिन ग्रामीण इलाके का एक पुलिस अधीक्षक नक्सलियों द्वारा घेर कर क्रूरतापूर्वक मार दिया जाता है और उसकी चर्चा तक नहीं होती।

मुम्बई पर हुए आतंकवादी हमले के दौरान एटीएस प्रमुख करकरे, एनकाउंटर स्पेशलिस्ट विजय सालस्कर और एसीपी काम्टे की आतंकवादियों के हाथों किस तरह हत्या हुई थी, उसकी बहुत चर्चा हुई थी।  पढ़िए राजनांदगांव के पुलिस अधीक्षक विनोद चौबे और उनके साथियों को किस तरह घात लगा कर मारा गया:
(रिपोर्ट साभार : देशबंधु)
“मदनवाड़ा पुलिस कैम्प में दो पुलिसकर्मियों की हत्या की खबर मिलते ही आईजी मुकेश गुप्ता तथा राजनांदगांव एसपी विनोद कुमार चौबे अलग-अलग वाहनों से घटना स्थल की ओर रवाना हो गए और मानपुर पहुंचे।

मानपुर से लगभग 11 बजे एसपी चौबे पूरे दल बल के साथ वहां से लगभग 9 किलोमीटर दूर स्थित  राजनांदगांव के मदनवाड़ा के लिए रवाना हो गए। मदनवाड़ा पुलिस पोस्ट से कुछ दूर पहले ही नक्सलियों ने एसपी के ड्राइवर को गोली मार दी।

इसके बाद पुलिस अधीक्षक विनोद चौबे व उनके साथ गए जवान गाड़ी से उतर गए और मोर्चा संभाल लिया।

नक्सलियों ने पुलिस दल पर चारों ओर से जबरदस्त फायरिंग शुरू कर दी। जवानों का नेतृत्व कर रहे एसपी विनोद चौबे ने काफी देर तक नक्सलियों से लोहा लेते रहे, लेकिन नक्सलियों की एक गोली एसपी चौबे के कंधे पर जा लगी और इससे पहले की वे संभलने की कोशिश कर पाते नक्सलियों ने उनपर गोलियों की बौछार कर दी।

एसपी चौबे की मौत के बाद भी जवानों ने मोर्चा संभाले रखा, लेकिन नक्सलियों ने पूरे इलाके को चारों तरफ से ऐसे घेर रखा था कि जवानों को बच निकलने का कोई रास्ता नहीं था।

पूरे इलाके पर नक्सलियों ने कब्जा कर रखा है, जिसके चलते पुलिस को बचाव करने का मौका भी नहीं मिल पाया। बताया जा रहा है कि इस वारदात में दोपहर 1 बजे तक मोहला थाना प्रभारी विनोद धु्रव व एएसआई कोमल साहू के अलावा 21 जवान शहीद हो चुके थे।

शाम होते-होते शहीद होनेवालों की संख्या बढ़कर 30 हो गई, जो देर रात तक 34 हो गई।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मानपुर मोहला इलाके के मदनवाड़ा, सीतागांव सहित करीब चार गांवों में नक्सलियों ने डेरा डाल रखा है।” .... 
चार गांवों में नक्सलियों ने डेरा डाल रखा है लेकिन न तो राज्य सरकार, और न ही केन्द्र सरकार इस पर कुछ बोलती है।
बहादुरी के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित एक पुलिस अफसर और 39 जवानों की मौत देश को या सरकार को हिलाने वाली खबर नहीं है.. समलैंगिकों को आपसी सहमति से सेक्स-संबंध बनाने की अदालती छूट मिलने की खबर, सप्ताह भर तक दिन-दिन भर दिखाने वाले टीवी चैनलों की खबर नहीं है..।


देख कर लगता है, छत्तीसगढ़ भारत का हिस्सा है भी या नहीं? ...

यह खबर आपको कैसी लगी

10 में से 7 वोट मिले

पाठकों की राय

14 फरवरी 2012

Sep 24, 2009

बहुत ही  अच्च्छा लिखा है.

Ghanshyam prasad Durg

Aug 24, 2009

इन सबका कारण है लालच हर कोई धन के पीछे भाग रहे है जब तक उपर कुर्सी पर आसीन जिनके हाथ मे हमने देश का बागडोर दिया है वे नही जागेंगे तब तक कुछ नही हो सकता /

b. k. santosh korba

Jul 16, 2009

सर का र द वा रा आम आदमी की सुर क सा श ह र मे न हयी कर पा र ही ,कू छा अल्प स्खयक द्वारा व्यापारी ए व्म टेक्शी ड्रॉ यवर से अवेध वसुली की जा र ही ,आ य से मे प्र सास न प्बलिक से समर्थन मा ग ना बेमानी है

manojraj raipur chttisgirh

Jul 16, 2009

भाई मान गये आपकी रिपोर्टिंग और और हमारे नालयक नेताओ की नलकियत को, ये सब कॉंग्रेस की प्लॅनिंग का परिणाम है, सारे के सारे नेता डमी , अगर कोर्ट, हाइ कोर्ट , सुप्रीम कोर्ट कुछ काम करना चाहे भी तो उनके उपर एक डमी राष्ट्रपति पार्टिभा देवी जो की अपनी पाँवों पर सही से खड़ी नहीं हो सकती, चत्तीसगर्ह कैसे जाएगी, ये सब वोटिंग मशीन्स में की गयी अड्जस्टमेंट का रिज़ल्ट है, पब्लिक का दोष सिर्फ़ इतना है की उन्होने वोटिंग मशीन्स का बहिष्कार नहीं किया. कॉंग्रेस हटाओ!!!!!!!!!!!!!!!! चरणजीत सिंग

charanjeet gurgaon

Jul 15, 2009

aapne bilkul  sch likha hai. naksal vad ki ye smasya aaj ki nahi hai. or is trh ise niptane ki koshis ki jati hai us se lgta hai ki keval rajnik rotiyan sekin ja rahi hai, hamare sainik unhi gajar muli lgte hai jinhe katne ke liye bej diya jata hai.ye bat smj me nahi aati ki in naksaliyon ki sankhya kam hone ke bavjood hm inhe ktam kyo nahi kr pa rhe hai ? jawab to yehi lgta hai ki hamari sarkar or dusre state ki sarkar ye chahti hi nahi.or hamare sanik apni jan gava dete hai.taklif hoti hai.

kaushal raipur

Jul 15, 2009

simply excellent !!!

hemant singh secunderabad

Jul 15, 2009

This is best news i read thanks to ibn news.

SUNIL KUMAR TIWARI SATNA

Jul 15, 2009

यह बहुत शरम की बात है मीडीया सिर्फ़ वो दिखाने की कॉसिश करता है जिसमे उसका लाभ हो और उष खबर के डीकाने के उसको इस्पोंसर मिले पेर वो एक बात जो सचि है मीडीया को चाहिए के वो सरकार के सामने इश् चीज़ को दिखाए मुझे लगता है इंडियन आर्मी को वान्हा लगा देना चाहिए और नक्सल का सफ़ाया कर देना चाहये और अमेरिकन एफबीयाई की हेल्प भी लेनी चाहिए यह बड़ी दुर्भाग्यपुराण बात है'deepak bhatt- deepaksvtc@gmail.Com

Deepak Bhatt New Delhi

Jul 15, 2009

अब तक पुलीश वाले किश लिए चुप है. इससे तो आम आदमी ठीक होते है..... अपने पडॉसी या तो गॉव वाले के साथ अगर ऐश कुछ हो तो सबको पता है ...ज़रूर बदला लिया जाता है.... ताकि दोबारा ग़लती ना हो... भाड़ मे जाए राजनीति...मौत पुलीश वालो की हुई है....राजनेता की नही....खेर अगर पुलीश कुछ नही कर पाती है तो .... ? लोग भी पुलीश को मारे इसमे बुरा कया है..... बिके हुवे लोगोका सफ़ाया तो किसीना कीशिको करना ही है.....फिर वो पुलीश हो या राजनेता हो या नकशलवादी हो या पब्लिक हो......होता ही रहेगा......

Raj Surat

Jul 14, 2009

Bhut bura huaa

aashu gwalior

Jul 14, 2009

अब तक की प्रतिक्रिया से तो लगता है chhattisgarh भारत का अंग है ही नही . अभी तक उच्च कोटि किकेन्द्रीय मंत्रियो की संवेदनाए नही आई है . ये chhattisgarh की देहाती जनता और पोलिश को अपनी संवेदनाए थोड़ी देंगे , ना ये नक्सली पाकिस्तान से आए है ये केवल बाहरी आतंकवादियो पर बयानबाज़ी करते है .रही बात मीडिया वालो की तो वो तो सरकार की चापलूसी करते रहती है

yogendra chhuikhadan

Jul 14, 2009

Kindly  cc :  aaj tak, sahara new, india tv (low class), live tv, zee tv, ................ also ibn7 and more other news channel.Dswilkhu

DALJIT SINGH DELHI

Jul 14, 2009

यहा तो भाई साहब केवल राजनीती ही राजनीती है. देश जाए भाड़ में हम तो केवल अपनी रोटी सेकेंगे हर किसी को केवल अपने पर्सेंट अपने कमीशन की ही चिंता है . अगर नेता हैं तो उनेहे केवल अपने पद अपने कमीशन से मतलब है . पत्रकार है तो उनेहे बस खबर के बदले उगाही करने से फुर्सत नही है. चैनल है तो केवल रेटिंग बढ़ने वाले प्रोग्राम चाहिए . अब तो घोटाले की जड़ सेना तक को खॉकली कर रही है और सरकार के कान में जू तक रंगती नज़र नही आ रही है . देश की सुरक्षा मुख्य मुद्दा होना चाहिए अन्य मुद्दे बाद मैं.

deva bilaspur chhattisgarh

Jul 14, 2009

आप का अनुबुध बिल्कुल राइट है मैरा भी यही मानना है

n.p.mishra gurgaon

Jul 14, 2009

घटना शर्मनाक हो या सुखद नेताओ को इससे क्या लेना देना / उनकी तो रोटी पक ही रही है/देश के ज़बान मरे या सिपाही या हीर जनता उनको कोई फ़र्क नही पड़ता / जब उनके उपर कुछहोता है तो उसके लिए क़ानून बना दिया जाता है / मर तो रही है देश की जनता और मरने वालेमेरे ही समाज का हिस्सा है / मीडीया को लटके झटके देखने से फुर्सत नही है / समलंगिक परबहस जारी है और मुख्य धारा से अलग लोग दुस्कर्म मे लगे है जो नेताओ का बाया हाथ है/ भगवान ही मालिक है आगे क्या होने वाला है देखते जाए / बेकसूर मरे जा रहे है/

awadhesh mumbai

Jul 14, 2009

सबको पता है भारत के कुछ समाचार चेनल सबसे घटिया किस्म के चेनल हे , जेसे इंडिया न्यूज़, सहारा, और कुछ छोटे छोटे कुकुरमुत्ते चेनल, जो अभी अभी उग आए है, जो सिर्फ़ गाने, टीवी एपीसोड, जेसे "बेहद पवित्र राखी सावंत" क्या कर रही है, आज कितने बजे उठी, कब ब्रश किया, स्वयंवर वगेरा वगेरा, घिंन आती है, हम कहा खड़े है आज, चीन के सामने हम इसलिये पिछड़े हुए है, हम अपना समय इन घटिया किस्म के प्रोग्राम देख कर बर्बाद करते है, छी घिंन आती है,

yash mumbai

Jul 14, 2009

नक्सली और उग्रवादी दो अलग शब्द क्यो हे? दोनो मे क्या फरक हे ? क्यो लोगो को हथियार उठाने की जरूरत हे, क्या मीडिया ने इस पर कभी ध्यान दिया? क्यो नक्सली सिर्फ़ पुलिस पर हमला कर रहे हे? आज हर देश इस स्मास्या से जूझ रहा है पर इसका कोई ठोस उपाय नही मिल रहा, कारण सबका अपना अपना स्वार्थ है. हर कोई अपना स्वार्थ देख रहा है चाहे वह सरकार हो या नक्सली देश को इससे क्या नुकसान हो रहा है सब इससे बेख़बर है, मीडिया भी इस खेल का हिस्सा है. हमे अब यह सच स्वीकार कर लेना चाहिए की चोरो का नेता उनसे बड़ा चोर ही होगा.

madhur bikaner

Jul 14, 2009

ये एक सर्मनाक घटना है , अब इस घटना से poclice वालो को समजना चाहिए की अब नेताओ की चापलूसी करना बंद करे और अपने full power के साथ ईमानदारी से काम केर.

sachin jain indore

Jul 14, 2009

यह नेताओ और राजनीतिक पार्टियों का दोगलपन है , नहीं तो ऐसा हो ही नहीं सकता की कोई भी आतंकवादी किसी पोलीस वाले या किसी सामान्य जनता के उपर भी हमले की बात सोच सकता . ये खुद आतंकवाद को जन्म देते हैं जिससे की इनकी दुकान चलती रहे . मीडीया का रोल भी दोगलेपन का शिकार है जो देश की जवालंत समस्यों को छोड़कर सम लैंगिकता के नारे लगाने वालों के इंटरव्यू छपती रहती है .आम जनता को भी जागरूक होना चाहिए आप सब कुत्छ सरकार के भरोसे नहीं छोड़ सकते .समस्या के मूल मे जाकर उसका हाल सर्च करना चाहिए

Amit Shahi Noida

Jul 14, 2009

मेरा एक ही सवाल है की इन नक्सलीयो के पास बंदूक और गोला बारूद आता कहा से है ! हमारे पुलीस बहुत है  पर सारे बेस्ट ओफिसेर तो केवल नेताओ के सुरक्च्छा मे है कियो कोई पत्रकार उस पर ध्यान नही देते  केवल बाते ही करते है  एन लोगो को तो आम लोगो के बीच मे गोली मार देना चाहिए

raj london

Jul 13, 2009

Laughter channel are more good then our news channel our news channel are not showing those news which are more important for our country and us but they are not worry they are showing only those news through which they  can minting d money they are not for showing d neccessary things shame on all d news channel

mayank gupta noida

Jul 13, 2009

I am really very very upset from tpmorrow morning we have to do some thing for that urgentlly. For news channels no comment.One word redicul.........

sachin gupta indore

Jul 13, 2009

I salute cg policereally  अब लगता है की chhattisgarh india ka hissa nahi hai indian media ko is baat ki sharm aani chahiye ki kis ghatna ko pehle dikhayenbecause i m also from chhattisgarh.I m agree with josh18 news sites.

devprakash raipur

Jul 13, 2009

देश ओर प्रदेश सरकार मूक दर्शक बनकर भला कब तक यूँ ही तमाशा देखती रहेगी आख़िर पोलीस ऑफीसर तथा जवानो की जघन्य हत्या करने वाले तथाकथित नक़सालियों के गुनाहों का हिसाब लेने के लिए क्या जनता को हथियार उठना होगा क्या एक बार फिर क्रांति का झंडा उठाकर सरकार को चेतना ही होगा जनता की जान माल की हिफ़ाज़त करना सरकार की जवाबदेही हैं अपनी जवाबदेही से मूह मोड़ कर भोग विलास मे डूबे रहना जनप्रतिनिधियों के लिए शर्मनाक हैं मीडीया अपनी ज़िम्मेदारी समझकर काम करे - अरुण देवंगण रायपुर

arun kumar dewangan raipur c.g.

Jul 13, 2009

इसी तरह लिखते रहें कभी तो सुबह होगीं. धन्यवाद

ram sharan tandon RAIPUR

Jul 13, 2009

इस खबर को पड़ने के बाद अगर सही मे हमारे देश मे कोई मीडीया ओर सरकार है तो उसको थोड़ी शरम हो आएगी,  अगर नही आए तो सोच लो अब किसे का कुछ नही हो सकता...

pankaj chandigarh

Jul 13, 2009

सरकार को एक़ रणनीति के तहत एक जानिब से इन सभी आतंकवाडीओ का सर्वनाश करना चहिए, चाहे वह किसी भी मज़हब से ताल्लुक रखते हों . बेगैर इनको मारे हुए हम ऐसे ही परेशान होते रहेंगे. जय हिंद

SAHIL KHAN LUDHIANA

Jul 13, 2009

I hate indian media! I think everybody knows that there is naksli in chattisgardh ! Thankgod because if it was happened by any one muslim name so, the media of the hindustan run this news 24x7. This is the impact of american media. They shows the news whoes america like. No any foreign media will take interest in this news of naksli. This is the fact of india media ! Shit and shame on indian media

KUWAR SAHAB DELHI

Jul 13, 2009

My solute of every dead police and i am proude of u chhattisgarh जिन्होने भी ये सब किया ही अब उन्हे हम नही छोड़ेंगे पूरे छत्तीसगढ़ से उखाड़ फेकेंगे ये सब वचन ले

Ravindra Soni durg

Jul 13, 2009

शायद आप लोगो ने एक बहुत अच्छी बात की ही या पहल की है. न्यूज़ वालो को सिर्फ़ चटक ख़बरे ही चाहिए इस जानकारी को दिख़ार कर उन्हे क्या मिलता कुच्छ भी नही टी.आर.पी. चाहियभी नही बढ़ती ये खबर तो प्रधान मंत्री या रास्त पति के कानो में भी बहुत लेट से पहुचि होगी या नही भी

Ravindra Durg

Jul 13, 2009

अब सरकार आर्मी डिप्लाय कर इन नक्सलियो का सफ़ाया नही करती है तो सरकार को इस देश को चलाने का कोई हक नही | केंद्र तुरंत करवाई करे और ईं न आतंकियों को ख़त्म करे| भारत सरकार को ईस के लिए सरीलंका की आर्मी एवम् सरकार से सिख लेना चाही ए | जब तक ३६ पोलीस कर्मियों के बदले ३६०० नॅडलाइट्स नही मारे जाते तबतक आर्मी को चुप नही बैठना चाहिए!

tushar mauritius

Jul 13, 2009

हमारे c.G.के मुख्यमंत्री

raman shrma neora

Jul 13, 2009

 ऐसा हमारे साथ ही क्यो होता है. सरकार को भी इसकी खबर है की नक्सली पूरे प्रदेश में कहा कहा फैले हुए हैं. उसके बावज़ूद हमारी सरकार उनको पकड़ने मे असमर्थ क्यों हैं? कब तक हमारे जवानो की जान ऐसे ही जाती रहेगी और हम कब तक अपने भाइयों की जान जोखिम में डालते रहेंगे. कृपया करके इस नरसंहार को बंद कीजिए. और मीडीया भी बिकाऊ हो गयी है!! किसी को भी होश नही है ना परवाह है की देश किस ओर जा रहा है, मुझे भी बहुत दुख हुआ इस खबर को पड़ने के बाद, क्योंकि हमारे प्रदेश मे ऐसे पीछले ७-८ सालो से होता आ रहा 

Nitin Bangalore

Jul 13, 2009

My salute to all the martyrs and a good appreciation for this reporting. We indeed need to think that whether Chatisgarh is part of India or not. There is not valid reason why Central Govt. is not taking any strong actions against the culprits.

Kuldeep New York

Jul 13, 2009

देश के नेता किसी हिजरे से कम नही हैं. ये केवल आपके तब तक जानते हैं जब तक इनको वोट नही मिल जाता. उसके बाद मैं आपकी किस्मत है की आप जिंदा रहते हो या मरते हो. और रही बात t. V. Channels की तो वो सिर्फ़ अपनी दुकान चला रहे हैं.

ture indian Bly

Jul 13, 2009

भाई आप ने सही मे बहुत अछा लिखा है आप प्लीज़ ऐसे ही लिखते रहिए तभी शायद ये पब्लिक भी कुछ जाग पाएगी, आप ने तो सही मे दिल को छू लिया. अल्लाह आप को कमियाब करे आमीन या रब्बल आलमीन

Abu Saeed New delhi

Jul 13, 2009

कितने शर्म की बात है. लग रहा है ये सारे न्यू चॅनेल वाले राखी के स्वयम्वर मैं चले गये है.

Ashish Delhi

Jul 13, 2009

सही मे ये हमारे भाग्या की विडंबना ही है की हम अपने इन सहीदो के जानो की कीमत नही समाज पा रहे है और ये हमारे राजनेता जो अभी अभी पूरे बहुमत से चुन कर आए है शायद उन्हे अपने पूर्ण बहुमत का इतना गुरूर है की वो एक सुरक्षा कर्मी की जान का मोल नही समझते है, चुनाव से पहले २६/११ को तो भजपा तथा कॉंग्रेस ने इतना उछाला तो सिर्फ़ इस आने वेल चुनाव के लिए था. मनमोहन सिंग जी विदेश यात्रा क साथ अपने नागरिको की सुरक्षा भी बहुत ज़रूरी है
शोहरत को तू खुद अपनी कमाई ना साँझ ले
मशहूर है तब तक की जो मगरूर नही है

Abu Saeed Allahabad

Jul 13, 2009

जो भी नेता है उसे घर जा कर मारो मिल्टरी राज होना चाहिए, अंग्रेज़ो ने बासठ साल पहले भाकरा बाँध और रलबे ट्रक बनाए वो नही टूटे तो मेट्रो पूल केसे टूटा उसे तो पाँच सात साल हुए, हमारे फोजी भाई मार गये लेकिंग, सरकार क्यो सोई है

pratap thakur chandigarh

Jul 13, 2009

काफ़ी अच्छा आर्टिकल लिखा हैं पेर आप यह क्यू भूल रहे हैं की आपके चैनेल पेर भी इसकी काय हवा नही हैं कम से कम अपने चैनेल पेर तो कुछ खबर दिखाए या आप भी टी आर पी पेर अटके हैं

Prashant Agarwal Bijnor

Jul 13, 2009

ग़ज़ब की रिपोर्टिंग की है

gaurav noida

Jul 13, 2009

आपने एतना सुंदर लिखा है की आखो मे से पानी आ गया| मे आप को एक राय देता हू की अपना भारत हर एक राज्य की जगाह न होके हर एक राज्य खुद को राष्ट्र बनाए एसके चलते हर एक राज्य विकास करनेकी कोशिस ज़रूर करेगा अपनी राज्य की खुद ही हर चीज़ के लिए खुद ही काम करेगा ओर फिर अपने को किशी बजेट को अपने राज्य की विकास का बजेट कों सी सरकार या नेता देगा एसका आप ज़रूर विचार करना
भारतवासी

Satish Diwate Mumbai

Jul 13, 2009

I am writing this with the tears in my eyes, by god this country is going to hell, even i think hell will be good place against our india because of some blody indians. I dont know why these damn poloticians cant see this such a nasty situation in many part of india. This country has no right to remain republic.

Vineet Agarwal Dehradun

Jul 13, 2009

मेरे हिसाब से पहले तो हिन्दुस्तान के नेताओं को सब जनता मिलकर ख़त्म करे. उसके बाद ही बात बनेगी.

जाई हिंद

s.kapoor n delhi

Jul 13, 2009

काफ़ी अच्छी रिपोर्टिंग है, मे तहे दिल से शुक्रिया करना चाहूँगा,आपने इतने अच्छे से पेश किया,आपने सबकी की कलयी खोल दी ,शुक्रिया.

Manish Bagani Rajnandgaon

Jul 13, 2009

hats off to reporter
भाई मान गये आपकी रिपोर्टिंग और और हमारे नालयक नेताओ की नलकियत को,

ये सब कॉंग्रेस की प्लॅनिंग का परिणाम है, सारे के सारे नेता डमी , अगर कोर्ट, हाइ कोर्ट , सुप्रीम कोर्ट कुछ काम करना चाहे भी तो उनके उपर
एक डमी राष्ट्रपति    पार्टिभा देवी   जो की अपनी पाँवों पर सही से खड़ी नहीं हो सकती,
चत्तीसगर्ह कैसे जाएगी,
ये सब वोटिंग मशीन्स में की गयी अड्जस्टमेंट का रिज़ल्ट है,
पब्लिक का दोष सिर्फ़ इतना है की उन्होने वोटिंग मशीन्स का बहिष्कार नहीं किया.
कॉंग्रेस हटाओ!!!!!!!!!!!!!!!!

charanjeet singh delhi

Jul 13, 2009

एक सच्चे देशभक्ता के शाहिद होने पर सरकार मौन है परंतु यही हादसा एक मंत्री के उपर होता तो सरकार अपना जवाब तुरंत बयान कर देता. सरकार को चाहिए की उक्त घटना स्थल पर पहुच कर संवेदना प्रकट करे परंतु इस प्रकार की घटना दरकिनार कर अपने मे मस्त रहने वाले सरकार को पद पर बने रहने का कोई अधिकार नही रह जाता.

Dharmendra Kumar Sharma Durg, Chhattisgarh

Jul 13, 2009

जब चुनाव आते है तो यही नेता कहते है की आप हमे वोट दे हम भारत से आतंकवाद को ख़तम कर देगे लेकिन चुनाव जीतने के बाद ये खुद ही भूल जाते है की आज हमने खाना खाया है की नही तो ये देश के बारे मे क्या सोचेगे आतंकवाद तो ये खुद ही करवाते है ताकि जनता परेसन रहे और हम खूब कमाए चाहे १ मारे जाए या दस हमारे पेट और बॅंक तो भरे जा रहे है जब चुनाव आएगा तो फिर देखेंगे
दुनिया मारती है तो मरने दो हम तो खुस है
तुम्हे अपनो से कब फुरसत हमे गम से कब खली
चलो आतंकवाद ख़त्म हो चुका न तुम खाली न हम खाली

DESH BHAKT INDIA

Jul 13, 2009

मान गये आज भी सचे इंसान हैं, ग़ज़ब की रिपोर्टिंग की है

Goutam Panipat

Jul 13, 2009

नेताओँ को नाली के पानी मैं डूब कर आत्महत्या कर लेनी चाहिए ,, जागो कम्बख़्तो

शहीदों को सादर सरधंजलि,, लेखक को नमन

tiger jungal

Jul 13, 2009

 

manoj noida

Jul 13, 2009

तथा कथित सम्माननीय पदो पर असीन मंत्रियो से हाइ कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को जवाबतलब करना चाहिए... क्या ये कोर्ट का दाइटव नही बनता की वो जनता की तरफ से खूद ही जवाबतलब कर चुपचाप बैठने वेल मंत्रियो से इस्तीफ़े लिए जाए. शिवा सेना के नक्सलियो से संबंध क्यो नही होंगे... अगर बहार से आए अकबर की औलाद भारतीय हो सकती है तो नक्सलि तो भारतीय ही है. अगर भारतीय भारतीयो से संबंध नही रखेगा तो क्या पाकिस्तानियो से संबंध रखेगा . किसी वर्ग की बहूत ज़्यादा उपेक्षा होती है तो कुछ हद तक अकबर की औलाद भी ज़िम्मेदार है

SAARTHI SURAT

Jul 13, 2009

ये नक्सली सिर्फ़ पुलिसवालो को ही क्यो मारते हैं इनको ये हमारे देश में फालतू पड़े मंत्री दिखाई नही देते क्या इनको मारो बिदास मारो कोई कुछ नही कहेगा इनके मरने पर ये मंत्री तो हराम की खाकर हराम खोर हो गये हैं ये तो वैसे भी इस देशा पर सिर्फ़ भोझ बनकर रह गये हैं.ये कमी सिर्फ़ केंद्र सरकार और राज्य सरकार ही हैं.ये सरकार इन नक्सली के खिलाफ कोई मोर्चा क्यो नही खोलती.

brijpal singh delhi

Jul 13, 2009

सेंट्रल गूवरमेंट की दोगली नीति का इश् घटना से पता चलता है.

neeraj singh faridabad

Jul 13, 2009

जिस पत्रकार ने खबर लिखी है उनको प्रणाम करता हूँ और एक निवेदन भी करता हूँ और सलाह भी देता हूँ की इसकी एक एक प्रति प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को भेज दे और नीचे एक लाइन लिख दें की जनता के नौकर हो तुम सब जाग जाओ अभी समय है वरना जनता जाग गई तो सारी एश आराम ख़त्म हो जाएगी काश कोई एसा हमला हो की केवल नेता मारे जाए चाहे राष्ट्रपति हो या कोई और जरा भी चिंता नही है किसी को देश की शर्म आनी चाहिए जब शपथ लेते है तो एसा लगता है सबसे इमानदर है पर सबसे बेईमान है मेरी उन शहीदों को श्रधंजलि

anil pandey unnao

Jul 13, 2009

आज पूरा देश ओर देश वासीयो को धोनी की , सानिया की सगाई सनी का जन्मदिन राखी सभी की चिंता हमेश रहती हे लेकिन जब पोलीस ,आर्मी का जवान अपनी जान की बाज़ी लगा रहा होता हे तो किसी की ध्यान नही रहता .बड़े शर्म की बात हे आज हमे पता ही नही की हम कहा जा रहे

manikant chouhan nagpur

Jul 13, 2009

आज क्ल की मीडिया को सिर्फ़ चटपटी ख़बरे ही चाहिए जिसे उनकी ट्र्प ब्ड स्के .
यह बहुत निराशाजनक हैं .

manoj kuamr chandigah

Jul 13, 2009

देश के नेता सिर्फ़ अपनी जॅब भरना जानते है'
और वादा करके  देश की जनता को बहकोफ बनाते है यदि नेता के कोई सग़ी संबधी मरे तो इनके समझ मे आए............................

Durgesh Gupta Faizabad

Jul 13, 2009

यह तो ह्द है की उन ज्वानों को भूल जाओ जो आंतरिक सुरक्षा की देख भाल कर रहे है. सरकार क्यू आपस मैं लड़कर नागरिकों की प्राथमिकता को भूल जाती है

Jitendra Bharat

Jul 13, 2009

यह हिन्दुस्तान हे यहाँ मिडीया भी धंधा करती है और नेता तो है ही दल्ला .मे जो भी पोलीस कर्मी सहीद हुए है भगवान उनकी आत्मा को शांति दे.

Rohit Sharma Chandighar

Jul 13, 2009

कहा गये मानवाधिकार की बात करने वाले इस तरह की घटना पर खामोश क्यो रहते है

Sk bsp

Jul 13, 2009

सहीद जवानो और खबर लिखने वाले पत्रकार को मेरा सलाम !

RAVINATH THAKUR MUZAFFARPUR,BIHAR

Jul 13, 2009

जनाब छत्तीसगढ तो भारत का ही हिस्सा है, हमारे नेता लोग विदेशी है, इन्हे वोट तो ग़रीबोननीचे तबके वालों से ही मिलता है, पुलिस तो होती ही मरने के लिए है, पुलिस वालों का अपना कौन है, दूसरी बात यह भी तो है, की वान्हा बी जे पी का राज है, और सेंटर मे कांग्रेस, तो भारत सरकार की तो जवाब दही बनती ही नही है ना, मुंबई हमले के व्क़्त वान्हा भी कांग्रेस की सरकार थी और सेंटर मे भी, कांग्रेस थी, तो उसने आतंकवादियों के खिलाफ कदम उठाया. जै हिंद जै जवान,

S K SHARDA KALKAJI, NEW DELHI

Jul 13, 2009

इन खबरो से टी वी वालों की टी आर पी नही बढ़ेगी इसलिए एसी ख़बरे को टी वी वाले के लिए कोई मायने नही रखती और नेताओ को विदेशी दौरा करने से फुर्सत नही है ये क्या जाने आम आदमी की मुसीबत

kamal sharma hindustan

Jul 13, 2009

It is a really ridiculous. This was the govt who told that most of the people live in small places and villages and now they only are ignoring. It shows their actual face.

Ravi Bangalore

Jul 13, 2009

पत्रकार दोस्त माफी चाहता हूँ अगर यही काम ग़लती से किसी मुसलमान ने कर दिया होता तो पूरी क़ौम और इस्लाम को लोग बदनाम केरने लिए नेता लोग एक हो जाते और एक ही वर्ग को निशाना बनाना सुरू कर देते. और देश को बर्बाद केरने के लिए जेसे बेते हो .पेर अफ़ोसोस यह काम नेता परस्त लोगो ने किया है तो कों बोलेगा भाई? आपको मालूम होना चाहिए की शिवे सेना के संबंध नक्सली से जुड़े होने के सुबूत मिले थे लेकिन कोई फायेदा नही क्यौन्कि वो कुछ लोगो की नज़र मैं देस हित की पार्टी है.हमारे वीर जो शहीद हुएँ उनकी भरपाई कों करेगा

mohammad arif farooqui dammam

Jul 13, 2009

बिल्कुल सही बात है . टी वी चेनल वालो को देश मे बेकार की बहस दिखाने के लिए समय है. पर छत्तीसगड़ के ४० वीरो के लिए समय नही है.

santosh bhandari raipur

Jul 13, 2009

सच में शर्म आना चाहिए हमारे तथाकथित नेताओं को, की वे मुंबई हमले पर तो बहुत हाए तौबा मचा रहें हैं लेकिन नक्सलियों से आमने सामने की लड़ाई लड़ कर शहीद होने वाले पुलिस कर्मियों के बारे मे ना तो प्रधानमंत्री ना राष्ट्रपति ना सोनिया गाँधी ना भाजपा, ना ही अन्य पार्टियों के बड़े नेतागण उनके घरवालों से मिलने गये और ना ही किसी भी नॅशनल चेनल ने लगातार इस घटना को प्रसारित करना ज़रूरी समझा! शायद भारत का हिस्सा सिर्फ़ मुंबई, देल्ही ही हैं! किंतु एक बात क़ाबिले तारीफ है की श्री रमण सींग ने हेलिकॉप्टर भेजा.

ajay kumar kakonia pune

Jul 13, 2009

यही हमारी बदनसीबी है आपने बिल्कुल सही लिखा है

dev choudhary bangalore

Jul 13, 2009

the article touches heart but now india in not that great india people are rushing for there own. And for TV news channel my message -
NOW PEOPLE WILL  STOP  WATCHING NEWS CHANNEL COZ NOW THEY ARE NOTHING MORE THAN A LAUGHTER SHOW .

A salute to JAVAN ....

SUDARSHANA Bhopal

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