30 जून 2009
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
लंदन। पॉप स्टार माइकेल जैक्सन अपनी मौत से ठीक पहले अलग-अलग तरह की दवाइयों पर हर महीने 30 हजार पाउंड (करीब 24 लाख रुपए) खर्च कर रहे थे। इनमें नशीली दवाएं, दर्दनिवारक, मांसपेशियों के खिंचाव को कम करने वाली और तनाव तथा अवसाद कम करने वाली दवाइयां शामिल हैं।
वेबसाइट ‘द सन डॉट को डॉट यूके’ के मुताबिक अपनी मौत के वक्त जैक्सन अनेक तरह की बीमारियों की चपेट में थे। इसके लिए उन्हें दवाइयों पर आश्रित रहना पड़ रहा था।
जीवित ‘कंकाल’ थे माइकेल जैक्सन!
जैक्सन नारकोटिक दर्दनिवारक दवा ‘विकोडिन’ के अलावा मांसपेशियों का खिंचाव कम करने वाली दवा ‘सोमा’ और ‘जैनेक्स’, अवसाद कम करने वाली दवा ‘जोलोफ्ट’, बेचैनी कम करने वाली दवा ‘पाक्सिल’ और दिल की जलन कम करने वाली दवा ‘पिरोलोसेक’ का सेवन कर रहे थे।
वेबसाइट के मुताबिक जैक्सन के लिए दवाइयां लिखने का काम बेवर्ली हिल्स के चर्मरोग विशेषज्ञ अर्नॉल्ड क्लीन किया करते थे जबकि जैक्सन के लिए ‘मिकी फाइन फार्मेसी स्टोर’ से दवाइयां खरीदी जाती थीं।
तस्वीरें: माइकल जैक्सन के 50 साल
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