01 जुलाई 2009
रॉयटर्स
जिनेवा। अफ्रीका के एक जाने माने कृषि विशेषज्ञ ने संयुक्त राष्ट्र में कहा है कि वैश्विक खाद्य सुरक्षा अब भी महज एक लक्ष्य ही बन हुआ है, हकीकत नहीं बन पाया है।
संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव कोफी अन्नान के नेतृत्व वाले संगठन ‘एलायंस फॉर ग्रीन रिवॉल्यूशन इन अफ्रीका’ से जुड़े कृषि विशेषज्ञ ए.अडेसिना ने संयुक्त राष्ट्र कांफ्रेंस एंड ट्रेड एंड डेवलपमेंट में आज अपने सम्बोधन में कहा कि वैश्विक खाद्य आपूर्ति अब सुरक्षित नहीं हो पाई है।
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उन्होंने कहा कि भले ही वैश्विक खाद्यान्न भंडार थोडे़ समय के लिए भर गया हो लेकिन वैश्विक खाद्य सुरक्षा अब भी महज एक लक्ष्य ही बन हुआ है, हकीकत नहीं बन पाया है। अडेसिना ने कहा कि हालांकि दुनियाभर में खासकर एशिया और लातिन अमेरिका में कृषि उत्पादन बढ़ा है लेकिन अफ्रीका में अब भी कृषि उत्पादन में स्थिरता बनी हुई है और वह वैश्विक औसत के एक-चौथाई के आसपास है। हम अफवाहों पर काबू नहीं पा सके हैं जबकि जलवायु परिवर्तन का कृषि भूमि पर गम्भीर असर पडे़गा और फसल विविधता पर लगातार खतरा बढ़ रहा है।
अडेसिना ने कहा है कि धन की उपलब्धता का अभाव अफ्रीका के कृषि क्षेत्र की सम्भावनाओं के लिए बहुत बड़ी रूकावट है। उन्होंने अंतर्रराष्ट्रीय दानदाता एजेंसियों, बैंक और बीमा कम्पनियों से अफ्रीका के कृषि क्षेत्र में काम करने की अपील करते हुए कहा कि किसानों को ऋण उपलब्ध कराने में मदद करे।
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उन्होंने अफ्रीका में भावी खाद्यान्न आपूर्ति संकट को टालने के लिए किसानों को ऋण, उर्वरक तथा निर्यात बाजार उपलब्ध कराए जाने की आवश्यकता पर बल दिया है। अफ्रीका में जलवायु परिवर्तन से खाद्यान्न आपूर्ति संकट की आशंका बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि अफ्रीका में एक ही खेत में मक्का, मूंगफली, चावल, शकरकंद और लोबिया फसल चक्र के रुप में उपजाए जाते हैं जो किसानों के लिए एक बीमा की तरह है और उसे यथासम्भव बनाए रखने की जरूरत है।
पढ़ें: लोगों का खाने पर खर्च घटा, शिक्षा पर बढ़ा
अडेसिना ने कहा कि आयरलैंड में आलू की फसल को बीमारी से काफी नुकसान पहुंचा है। हालांकि विकासशील दुनिया में आसमान छूती महंगाई को लेकर जनाक्रोश फूटने के बाद खाद्यान्न के निर्यात पर पाबंदी लगाए जाने के बाद यहां गेहूं, धान और मक्के की कीमतें वर्ष 2008 के ऊंचे स्तर से नीचे आई हैं।
रॉयटर्स
जिनेवा। अफ्रीका के एक जाने माने कृषि विशेषज्ञ ने संयुक्त राष्ट्र में कहा है कि वैश्विक खाद्य सुरक्षा अब भी महज एक लक्ष्य ही बन हुआ है, हकीकत नहीं बन पाया है।
संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव कोफी अन्नान के नेतृत्व वाले संगठन ‘एलायंस फॉर ग्रीन रिवॉल्यूशन इन अफ्रीका’ से जुड़े कृषि विशेषज्ञ ए.अडेसिना ने संयुक्त राष्ट्र कांफ्रेंस एंड ट्रेड एंड डेवलपमेंट में आज अपने सम्बोधन में कहा कि वैश्विक खाद्य आपूर्ति अब सुरक्षित नहीं हो पाई है।
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उन्होंने कहा कि भले ही वैश्विक खाद्यान्न भंडार थोडे़ समय के लिए भर गया हो लेकिन वैश्विक खाद्य सुरक्षा अब भी महज एक लक्ष्य ही बन हुआ है, हकीकत नहीं बन पाया है। अडेसिना ने कहा कि हालांकि दुनियाभर में खासकर एशिया और लातिन अमेरिका में कृषि उत्पादन बढ़ा है लेकिन अफ्रीका में अब भी कृषि उत्पादन में स्थिरता बनी हुई है और वह वैश्विक औसत के एक-चौथाई के आसपास है। हम अफवाहों पर काबू नहीं पा सके हैं जबकि जलवायु परिवर्तन का कृषि भूमि पर गम्भीर असर पडे़गा और फसल विविधता पर लगातार खतरा बढ़ रहा है।
अडेसिना ने कहा है कि धन की उपलब्धता का अभाव अफ्रीका के कृषि क्षेत्र की सम्भावनाओं के लिए बहुत बड़ी रूकावट है। उन्होंने अंतर्रराष्ट्रीय दानदाता एजेंसियों, बैंक और बीमा कम्पनियों से अफ्रीका के कृषि क्षेत्र में काम करने की अपील करते हुए कहा कि किसानों को ऋण उपलब्ध कराने में मदद करे।
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उन्होंने अफ्रीका में भावी खाद्यान्न आपूर्ति संकट को टालने के लिए किसानों को ऋण, उर्वरक तथा निर्यात बाजार उपलब्ध कराए जाने की आवश्यकता पर बल दिया है। अफ्रीका में जलवायु परिवर्तन से खाद्यान्न आपूर्ति संकट की आशंका बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि अफ्रीका में एक ही खेत में मक्का, मूंगफली, चावल, शकरकंद और लोबिया फसल चक्र के रुप में उपजाए जाते हैं जो किसानों के लिए एक बीमा की तरह है और उसे यथासम्भव बनाए रखने की जरूरत है।
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अडेसिना ने कहा कि आयरलैंड में आलू की फसल को बीमारी से काफी नुकसान पहुंचा है। हालांकि विकासशील दुनिया में आसमान छूती महंगाई को लेकर जनाक्रोश फूटने के बाद खाद्यान्न के निर्यात पर पाबंदी लगाए जाने के बाद यहां गेहूं, धान और मक्के की कीमतें वर्ष 2008 के ऊंचे स्तर से नीचे आई हैं।
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