13 मई 2009
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
टोरंटो। दिन में सपने देखना इतना बुरा भी नहीं है और इससे मस्तिष्क को जीवन की जटिल समस्याओं को सुलझाने में मदद मिलती है। एक नए अध्ययन से यह तथ्य सामने आया है।
अध्ययन का नेतृत्व करने वाली ब्रिटिश कोलम्बिया विश्वविद्यालय की मनोवैज्ञानिक केलिना क्रिस्टोफ ने कहा, “दिमाग की आवारागर्दी को आमतौर पर नकारात्मक चीजों जैसे आलस्य या असावधानी से जोड़ा जाता है। परंतु अध्ययन से स्पष्ट हुआ है कि जागते हुए सपने देखने के समय दिमाग बहुत सक्रिय रहता है। किसी सामान्य कार्य को करने के दौरान जितना मस्तिष्क सक्रिय रहता है, उससे दिमाग की गति काफी अधिक रहती है।”
पढ़ें: बुरे सपने सताएं, तो डॉक्टर के पास जाएं
क्रिस्टोफ ने कहा कि जब आप जागते हुए सपने देखते हैं तो आप अपने तात्कालिक लक्ष्य जैसे किताब पढ़ना या कक्षा में ध्यान देने को हासिल नहीं कर रहे होते लेकिन आपका दिमाग इस समय आपके जीवन के अधिक महत्वपूर्ण प्रश्नों जैसे करियर को आगे बढ़ाने या व्यक्तिगत संबंधों के बारे में सोच रहा होता है।
अध्ययन के अनुसार सामान्य कामों में लगे रहने की बजाए दिमाग को खुला छोड़ देने से वह जटिल समस्याओं को अधिक सफलतापूर्वक सुलझा सकता है। अध्ययन के नतीजे ‘नेशनल एकेडमी ऑफ साइंस’ की रिपोर्ट में प्रकाशित किए गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
टोरंटो। दिन में सपने देखना इतना बुरा भी नहीं है और इससे मस्तिष्क को जीवन की जटिल समस्याओं को सुलझाने में मदद मिलती है। एक नए अध्ययन से यह तथ्य सामने आया है।
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अध्ययन का नेतृत्व करने वाली ब्रिटिश कोलम्बिया विश्वविद्यालय की मनोवैज्ञानिक केलिना क्रिस्टोफ ने कहा, “दिमाग की आवारागर्दी को आमतौर पर नकारात्मक चीजों जैसे आलस्य या असावधानी से जोड़ा जाता है। परंतु अध्ययन से स्पष्ट हुआ है कि जागते हुए सपने देखने के समय दिमाग बहुत सक्रिय रहता है। किसी सामान्य कार्य को करने के दौरान जितना मस्तिष्क सक्रिय रहता है, उससे दिमाग की गति काफी अधिक रहती है।”
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क्रिस्टोफ ने कहा कि जब आप जागते हुए सपने देखते हैं तो आप अपने तात्कालिक लक्ष्य जैसे किताब पढ़ना या कक्षा में ध्यान देने को हासिल नहीं कर रहे होते लेकिन आपका दिमाग इस समय आपके जीवन के अधिक महत्वपूर्ण प्रश्नों जैसे करियर को आगे बढ़ाने या व्यक्तिगत संबंधों के बारे में सोच रहा होता है।
अध्ययन के अनुसार सामान्य कामों में लगे रहने की बजाए दिमाग को खुला छोड़ देने से वह जटिल समस्याओं को अधिक सफलतापूर्वक सुलझा सकता है। अध्ययन के नतीजे ‘नेशनल एकेडमी ऑफ साइंस’ की रिपोर्ट में प्रकाशित किए गए हैं।
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