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अपने स्वभाव में सुधार मनुष्य सारी जिन्दगी लड़ता है अपनी परिस्थिति सुधारने के लिए। काश!थोड़ा प्रयास वह अपनी प्रकृति सुधारने के लिए भी करता। यदि वह ऐसा करता तब परिस्थिति सुधरते देर नहीं लगती। |
स्वीकार की भावना जो आदमी सब कुछ स्वीकार कर सके, वही समझदार है। जो ‘यह स्वीकार,वह अस्वीकार’ का भाव रखता है, वह नासमझ है। समझदार व्यक्ति काल के इस कुचक्र को देख कर, उदासीनता का लबादा ओढ़ने में ही अपनी भलाई और सुरक्षा समझता है। उदासीनता का यह नरम लबादा उनके लिए एक अभेद्य कवच का काम करता है। -- पूनम चन्द रतेरिया ‘ऋषिपुत्र’ (साभारः विवेक दृष्टि, डायमंड प्रकाशन, सर्वाधिकार सुरक्षित। ) |
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प्रेरक बातें
- स्वस्थ्य शरीर के लिए स्वस्थ्य विचार जरूरी
- असफलताएं हमारी जिंदगी का स्पीड ब्रेकर हैं
- जिंदगी के हर पल की योजना बनाकर जिएं
- सफलता मांगती है कार्य में समर्पण
- एक समय में एक कार्य पर ध्यान लगाएं
- पहले तय कीजिए कि आप चाहते क्या हैं?
- खुशहाल जीवन जीने का तरीका
- दयालुता दिखाकर आप कुछ भी जीत सकते हैं
- निराशा में खुशी की रचना करना सीखें
- अपनी काबीलियत साबित करने से चूकिए मत
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