12 जुलाई 2009
वार्ता
(प्रधानमंत्री के विशेष विमान से)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज कहा कि आर्थिक मंदी की वजह से अंतर्राष्ट्रीय माहौल अनुकूल नहीं होने के बावजूद देश की आठ से 10 प्रतिशत की विकास दर फिर से लाने के लिए मजबूत उपाय किए जाएंगे।
100 दिन में शहरों के कायाकल्प की योजना
इटली के ला अकिला में औद्योगिक देशों के समूह जी-आठ और विकासशील देशों के समूह जी-पांच के शिखर सम्मेलन में भाग लेकर लौट रहे डॉ.सिंह ने विमान में पत्रकारों से कहा, “मैं विकसित देश के नेताओं को यह समझाकर स्वदेश लौट रहा हूं कि आठ से 10 प्रतिशत विकास दर हालिस करने के लिए घरेलू स्तर पर किए गए उपायों को अभी जारी रखना होगा। कुछ वर्ष पूर्व की तरह अंतर्राष्ट्रीय माहौल अभी सकारात्मक नहीं है। हालांकि मुझे विश्वास है कि हमारी घरेलू आर्थिक क्षमता हमें पहले की तरह विकास की तेज गति हासिल करने के लायक बनाएगी।
आधार संरचना के लिए मंत्रिमंडलीय समिति, प्रधानमंत्री अध्यक्ष
प्रधानमंत्री ने हालांकि इसके प्रति चेतावनी देते हुए कहा कि यह बहुत आसान काम नहीं है लेकिन उन्होंने विश्व के बड़े नेताओं को यह भरोसा दिलाया है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्पन्न कठिनाइयों के बीच 35 प्रतिशत की बचत दर के साथ ही एक अनुपात चार के कैपिटल आउटपुट और कुछ अतिरिक्त उपाय भारत को अपनी विकास दर को आठ से नौ प्रतिशत के आसपास बनाए रखने में मददगार साबित होंगे। उन्होंने कहा, “इसलिए मुझे विश्वास है कि भारत इस संकट से और अधिक सशक्त होकर उभरेगा लेकिन यह इतना आसान नहीं होगा।”
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(प्रधानमंत्री के विशेष विमान से)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज कहा कि आर्थिक मंदी की वजह से अंतर्राष्ट्रीय माहौल अनुकूल नहीं होने के बावजूद देश की आठ से 10 प्रतिशत की विकास दर फिर से लाने के लिए मजबूत उपाय किए जाएंगे।
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इटली के ला अकिला में औद्योगिक देशों के समूह जी-आठ और विकासशील देशों के समूह जी-पांच के शिखर सम्मेलन में भाग लेकर लौट रहे डॉ.सिंह ने विमान में पत्रकारों से कहा, “मैं विकसित देश के नेताओं को यह समझाकर स्वदेश लौट रहा हूं कि आठ से 10 प्रतिशत विकास दर हालिस करने के लिए घरेलू स्तर पर किए गए उपायों को अभी जारी रखना होगा। कुछ वर्ष पूर्व की तरह अंतर्राष्ट्रीय माहौल अभी सकारात्मक नहीं है। हालांकि मुझे विश्वास है कि हमारी घरेलू आर्थिक क्षमता हमें पहले की तरह विकास की तेज गति हासिल करने के लायक बनाएगी।
आधार संरचना के लिए मंत्रिमंडलीय समिति, प्रधानमंत्री अध्यक्ष
प्रधानमंत्री ने हालांकि इसके प्रति चेतावनी देते हुए कहा कि यह बहुत आसान काम नहीं है लेकिन उन्होंने विश्व के बड़े नेताओं को यह भरोसा दिलाया है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्पन्न कठिनाइयों के बीच 35 प्रतिशत की बचत दर के साथ ही एक अनुपात चार के कैपिटल आउटपुट और कुछ अतिरिक्त उपाय भारत को अपनी विकास दर को आठ से नौ प्रतिशत के आसपास बनाए रखने में मददगार साबित होंगे। उन्होंने कहा, “इसलिए मुझे विश्वास है कि भारत इस संकट से और अधिक सशक्त होकर उभरेगा लेकिन यह इतना आसान नहीं होगा।”
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