03 जुलाई 2009
वार्ता
वॉशिंगटन। अमेरिका में वैश्विक मंदी की वजह से जून में 4,67,000 लोगों की नौकरियों से छंटनी हुई है और बेरोजगारी दर 1983 के बाद अब तक सबसे ऊंची 9.5 प्रतिशत पर पहुंच गई है।
अमेरिकी सरकार के श्रम विभाग ने कल यहां जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। जून में यह छंटनी वॉल स्ट्रीट के अर्थशास्त्रियों के अनुमानित 3,63,000 से करीब एक लाख अधिक और पिछले चार महीनों में सबसे ज्यादा है। हालांकि श्रम विभाग का यह भी कहना है कि ऐसे लोगों की संख्या इस सप्ताह घट गई जो नौकरी चली जाने के बाद मिलने वाले लाभ का दावा करते हैं। यह अनुमान के अनुरुप ही है।
श्रम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल और मई में पहले से अनुमानित संख्या से 8,000 कम छंटनी हुई। मई में तीन लाख 22 हजार लोगों की नौकरियां चली गईं जो अनुमान से कम है जबकि अप्रैल में पांच लाख 19 हजार लोगों की छंटनी हुई जो अनुमान से ज्यादा है।
जेवीबी फाइनेंशियल ग्रुप के प्रमुख अर्थशास्त्री विलियम सुल्लिवन ने कहा है कि ऐसा लगता है कि अर्थव्यवस्था में अब भी मजबूती नहीं आई है। इतना जरुर है जनवरी में जितने लोगों की नौकरियां चली गई जून में उसमें कमी आई है। जनवरी में सात लाख 41 लोगों की छंटनी हुई थी। तब से छंटनी लगातार कम होती गई लेकिन जून महीने में छंटनी मई से कहीं ज्यादा है। मई में छंटनी की दर 9.4 थी जो बढ़कर जून में 9.5 हो गई। यह 1983 के बाद सबसे ऊंची दर है। विश्लेषकों के अनुसार यह 9.6 प्रतिशत तक जा सकती है।
हालांकि छंटनी हर क्षेत्र में हुई है लेकिन सेवा क्षेत्र सर्वाधिक प्रभावित हुआ है। सेवा क्षेत्र में मई में 1.07 लाख लोगों की छंटनी हुई थी जबकि जून में यह संख्या बढ़कर 2.44 लाख हो गई पेशेवर और कारोबार सेवा में 1.18 लाख, सरकारी सेवा में 52,000, विनिर्माण में क्षेत्र में 1.36 लाख लोग बेरोजगार हो गए।
एक अलग रिपोर्ट के अनुसार राज्य बेरोजगारी बीमा के प्रारम्भिक दावे 27 जून को समाप्त सप्ताह में 6.14 लाख रह गए जबकि उसके पिछले सप्ताह में यह 6.30 लाख थे।
वार्ता
वॉशिंगटन। अमेरिका में वैश्विक मंदी की वजह से जून में 4,67,000 लोगों की नौकरियों से छंटनी हुई है और बेरोजगारी दर 1983 के बाद अब तक सबसे ऊंची 9.5 प्रतिशत पर पहुंच गई है।
अमेरिकी सरकार के श्रम विभाग ने कल यहां जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। जून में यह छंटनी वॉल स्ट्रीट के अर्थशास्त्रियों के अनुमानित 3,63,000 से करीब एक लाख अधिक और पिछले चार महीनों में सबसे ज्यादा है। हालांकि श्रम विभाग का यह भी कहना है कि ऐसे लोगों की संख्या इस सप्ताह घट गई जो नौकरी चली जाने के बाद मिलने वाले लाभ का दावा करते हैं। यह अनुमान के अनुरुप ही है।
श्रम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल और मई में पहले से अनुमानित संख्या से 8,000 कम छंटनी हुई। मई में तीन लाख 22 हजार लोगों की नौकरियां चली गईं जो अनुमान से कम है जबकि अप्रैल में पांच लाख 19 हजार लोगों की छंटनी हुई जो अनुमान से ज्यादा है।
जेवीबी फाइनेंशियल ग्रुप के प्रमुख अर्थशास्त्री विलियम सुल्लिवन ने कहा है कि ऐसा लगता है कि अर्थव्यवस्था में अब भी मजबूती नहीं आई है। इतना जरुर है जनवरी में जितने लोगों की नौकरियां चली गई जून में उसमें कमी आई है। जनवरी में सात लाख 41 लोगों की छंटनी हुई थी। तब से छंटनी लगातार कम होती गई लेकिन जून महीने में छंटनी मई से कहीं ज्यादा है। मई में छंटनी की दर 9.4 थी जो बढ़कर जून में 9.5 हो गई। यह 1983 के बाद सबसे ऊंची दर है। विश्लेषकों के अनुसार यह 9.6 प्रतिशत तक जा सकती है।
हालांकि छंटनी हर क्षेत्र में हुई है लेकिन सेवा क्षेत्र सर्वाधिक प्रभावित हुआ है। सेवा क्षेत्र में मई में 1.07 लाख लोगों की छंटनी हुई थी जबकि जून में यह संख्या बढ़कर 2.44 लाख हो गई पेशेवर और कारोबार सेवा में 1.18 लाख, सरकारी सेवा में 52,000, विनिर्माण में क्षेत्र में 1.36 लाख लोग बेरोजगार हो गए।
एक अलग रिपोर्ट के अनुसार राज्य बेरोजगारी बीमा के प्रारम्भिक दावे 27 जून को समाप्त सप्ताह में 6.14 लाख रह गए जबकि उसके पिछले सप्ताह में यह 6.30 लाख थे।
यह खबर आपको कैसी लगी
10 में से 0 वोट मिले
सम्बंधित ख़बरे -
ख़बरें
- आरबीआई ने निपटाई 72 हजार शिकायतें
- पेट्रोल के कीमतों में हो सकती है बढ़ोतरी
- सेबी भी नजर आएगा फेसबुक, ट्विटर पर
- भारत में तेजी से बढ़ रहा है फ्रैंचाईजी कारोबार
- बैंक ऑफ बड़ौदा विदेशों में 100 शाखाएं खोलेगा
- जल्द शुरू होगी 2जी लाइसेंस रद्द होने की प्रक्रिया
- दिसंबर में आईआईपी दर घटकर 1.8% पर पहुंची
- जनवरी माह में देश का निर्यात 10.1% बढ़ा
- रियायत देने से मेरी नींद उड़ जाती है: वित्त मंत्री
- बढ़ती महंगाई की मार से भारत हुआ बाहर: प्रणव मुखर्जी
प्रमुख ख़बरें
- चिदंबरम ने माना, हां यह आतंकवादी हमला है!
- बैंकॉक में तीन बम धमाके, 5 जख्मी
- रूस में ठंड का कहर जारी, 315 की मौत
- अरब क्रांति का असर कायम, फिर सुलग उठा बहरीन
- अनजाने में बेंगलूरु से जुड़ गए हिना रब्बानी के तार!
- दिल्ली में इस्तेमाल स्टिक बम क्या होता है?
- चारा घोटाला: अदालत में लालू की पेशी आज
- ईरान का इजरायली दूतावास पर हमले से इंकार
- स्विस बैंक में सबसे बड़े जमाकर्ता भारतीय: सीबीआई
- उम्र विवाद भूल जाएं, मिलकर काम करें: एंटनी
आज के वीडियो
ख़बरें
सबसे ज्यादा पाठकों की राय
तस्वीरें
क्रिकेट समाचार
Live TV | Stock Market India | IBNLive News | IBNKhabar Hindi News | Cricket News | In.com | हमारे बारे में | हमारा पता | हमें बताइए | विज्ञापन | अस्वीकरण | गोपनीयता | शर्तें | साइट जानकारी
© 2011, Web18 Software Services Ltd. All Rights Reserved.























