25 जून 2009
वार्ता
बेंगलुरु। भारत के निर्यात-आयात बैंक (एक्जिम बैंक) ने सॉफ्टवेयर निर्यात में आई गिरावट पर गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि वैश्विक आर्थिक मंदी के बावजूद इस वर्ष देश का निर्यात 170 अरब डॉलर तक होने का अनुमान है। गत वर्ष यह 168.5 अरब डॉलर रहा था।
एक्जिम बैंक के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक टी.वी.वेंकट सुब्रमणियन ने कहा है कि सेवा क्षेत्र में तेजी से वृद्धि होने की सम्भावना है। उन्होंने कहा कि गत वित्त वर्ष में 33 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश देश में आया था जबकि इसे पिछले वित्त वर्ष में यह 34 अरब डॉलर रहा था।
उन्होंने कहा कि शेयर बाजारों में विदेशी निवेश जारी रहना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि कम्पनियां उसी के जरिए पूंजी जुटाती हैं। उन्होंने बताया कि देश के कुल निर्यात में से 12 प्रतिशत अमेरिका को और 24 प्रतिशत यूरोपीय संघ को जाता है जबकि एशियाई देशों की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान आर्थिक स्थिति के मद्देनजर एशियाई देशों के निर्यात प्रभावित होने की आशंका है क्योंकि चीन और दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था यूरोपीय संघ से जुड़ गई है और यूरोपीय अर्थव्यवस्था मंदी से बुरी तरह प्रभावित है।
उन्होंने सॉफ्टवेयर उद्योग का उल्लेख करते हुए कहा कि गत 10 वर्षों में यह उद्योग 30 प्रतिशत की दर से विकास किया था लेकिन वित्त वर्ष 2008-09 में यह घटकर 16 प्रतिशत पर आ गया। गत वित्त वर्ष में देश के निर्यात में इस क्षेत्र की हिस्सेदारी 47 अरब डॉलर था।
उन्होंने इस वर्ष अक्टूबर में वैश्विक आर्थिक मंदी से उबरने की सम्भावना जताते हुए कहा कि उसके बाद यह उद्योग तेजी से विकास करेगा। उन्होंने कहा कि निर्यातोन्मुखी उद्योग को घरेलू बाजार पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए यह सही समय है।
वार्ता
बेंगलुरु। भारत के निर्यात-आयात बैंक (एक्जिम बैंक) ने सॉफ्टवेयर निर्यात में आई गिरावट पर गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि वैश्विक आर्थिक मंदी के बावजूद इस वर्ष देश का निर्यात 170 अरब डॉलर तक होने का अनुमान है। गत वर्ष यह 168.5 अरब डॉलर रहा था।
एक्जिम बैंक के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक टी.वी.वेंकट सुब्रमणियन ने कहा है कि सेवा क्षेत्र में तेजी से वृद्धि होने की सम्भावना है। उन्होंने कहा कि गत वित्त वर्ष में 33 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश देश में आया था जबकि इसे पिछले वित्त वर्ष में यह 34 अरब डॉलर रहा था।
उन्होंने कहा कि शेयर बाजारों में विदेशी निवेश जारी रहना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि कम्पनियां उसी के जरिए पूंजी जुटाती हैं। उन्होंने बताया कि देश के कुल निर्यात में से 12 प्रतिशत अमेरिका को और 24 प्रतिशत यूरोपीय संघ को जाता है जबकि एशियाई देशों की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान आर्थिक स्थिति के मद्देनजर एशियाई देशों के निर्यात प्रभावित होने की आशंका है क्योंकि चीन और दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था यूरोपीय संघ से जुड़ गई है और यूरोपीय अर्थव्यवस्था मंदी से बुरी तरह प्रभावित है।
उन्होंने सॉफ्टवेयर उद्योग का उल्लेख करते हुए कहा कि गत 10 वर्षों में यह उद्योग 30 प्रतिशत की दर से विकास किया था लेकिन वित्त वर्ष 2008-09 में यह घटकर 16 प्रतिशत पर आ गया। गत वित्त वर्ष में देश के निर्यात में इस क्षेत्र की हिस्सेदारी 47 अरब डॉलर था।
उन्होंने इस वर्ष अक्टूबर में वैश्विक आर्थिक मंदी से उबरने की सम्भावना जताते हुए कहा कि उसके बाद यह उद्योग तेजी से विकास करेगा। उन्होंने कहा कि निर्यातोन्मुखी उद्योग को घरेलू बाजार पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए यह सही समय है।
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