15 जून 2009
वार्ता
नई दिल्ली। पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में फिर से ऊफान पर चिंता जताई है।
देवड़ा ने आज संवाददाताओं से बातचीत में कच्चे तेल की कीमतों में फिर से आज रही तेजी पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार इस प्रभाव को कम करने के लिए खुदरा कीमतों में वृद्धि समेत अन्य विकल्पों को टटोल रही है।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पिछले साल जुलाई में कच्चे तेल की कीमतें 147.23 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर को छूने के बाद मांग गिरने की सम्भावनाओं के बीच घटकर 30 डॉलर प्रति बैरल तक आ गई थीं। कच्चे तेल की कीमतों में फिलहाल फिर उछाल का रुख है और यह 71 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। देश में तेल जरुरतों की मांग को पूरा करने के लिए दो-तिहाई से अधिक का आयात किया जाता है।
तेल मंत्री ने कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के प्रभाव को कम करने के लिए बॉण्ड जारी करने के साथ ही तेल उत्पादकों के योगदान की सम्भावनाओं का भी पता लगाया जा रहा रहा। उन्होंने कहा कि इन बिन्दुओं पर वित्त मंत्रालय को फैसला लेना है। उन्होंने कहा कि तेल मंत्रालय प्राकृतिक गैस के उत्पादन पर कर में सात साल की छूट देने का आग्रह भी करेगा।
वार्ता
नई दिल्ली। पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में फिर से ऊफान पर चिंता जताई है।
देवड़ा ने आज संवाददाताओं से बातचीत में कच्चे तेल की कीमतों में फिर से आज रही तेजी पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार इस प्रभाव को कम करने के लिए खुदरा कीमतों में वृद्धि समेत अन्य विकल्पों को टटोल रही है।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पिछले साल जुलाई में कच्चे तेल की कीमतें 147.23 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर को छूने के बाद मांग गिरने की सम्भावनाओं के बीच घटकर 30 डॉलर प्रति बैरल तक आ गई थीं। कच्चे तेल की कीमतों में फिलहाल फिर उछाल का रुख है और यह 71 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। देश में तेल जरुरतों की मांग को पूरा करने के लिए दो-तिहाई से अधिक का आयात किया जाता है।
तेल मंत्री ने कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के प्रभाव को कम करने के लिए बॉण्ड जारी करने के साथ ही तेल उत्पादकों के योगदान की सम्भावनाओं का भी पता लगाया जा रहा रहा। उन्होंने कहा कि इन बिन्दुओं पर वित्त मंत्रालय को फैसला लेना है। उन्होंने कहा कि तेल मंत्रालय प्राकृतिक गैस के उत्पादन पर कर में सात साल की छूट देने का आग्रह भी करेगा।
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14 फरवरी 2012
Jun 15, 2009
अब तो करेगे ही ना क्यो कीं चुनाव ख़त्म जो होगआय अब ५ साल तक क्या कोई कुछ बोलने वाला हे जो करचा किया हे वो हम पे ही डालने वाले हे बापाश सरजारी करवाएगे ओर उष्का खचे हंपे ही तो डालते हे कामीने लोग हे ये किशी के नही होते हे उष्को तो मार मार के देश के बेर निकल ना चाहिए तभी देश का कुछ भला होगा
Raja hindustani Inidia Ahmedabad
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