06 मई 2009
एजेंसियां
इस्लामाबाद। पाकिस्तानी सेना ने तालिबान का समूल सफाया करने के लिए स्वात घाटी में बुधवार को अभूतपूर्व स्तर पर सैन्य धावा बोल दिया है और स्वात घाटी में बसे करीब 5 लाख लोग अपना घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर गए हैं।
एसोसिएटेड प्रेस ने जानकारी दी है कि स्वात घाटी के सबसे बड़े शहर मिंगोरा और आसपास के इलाके से नागरिक पलायन कर गए हैं और मंगलवार से ही गोलीबारी तथा मोर्टार धमाकों की आवाजें आ रही हैं।
पाक: सेना ने लोगों से स्वात छोड़ने को कहा
तालीबान और सरकार के बीच तीन माह चले शांति समझौते के समाप्त होने के बाद पाक सरकार ने आतंकवादियों को चुनचुन कर खत्म करने का यह अभियान शुरु किया है।
हालांकि स्वात में निजामे अद्ल कानून लागू रहेगा और काजी अदालतों की स्थापना का काम सैन्य अभियान के बाद पूर्ण शांति एवं सामान्य स्थिति के बहाल होने पर किया जाएगा।
स्वात में तालिबानियों की सशस्त्र गश्त
‘द न्यूज’ अखबार की एक खबर के अनुसार पाकिस्तानी सेना को निर्णायक अभियान शुरु करने की अनुमति मिल चुकी है। इसके तहत चिन्हित इलाकों से सभी नागरिकों को पेशावर मरदान और दुर्गई में शिविरों में स्थानांतरित किया जा रहा है। इसके बाद आतंकवादियों के सफाए का अभियान छेड़ दिया जाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान उन इलाकों में अगर कोई नागरिक भी मिल गया तो उसे ‘दुश्मन’ मानकर कार्रवाई की जाएगी। सेना का आतंकवादियों को पूरी तरह से खत्म करने का यह अभियान एक बार शुरु हुआ तो फिर पूर्ण होने तक नहीं रुकेगा तथा इसमें चंद हफ्तों का वक्त लगेगा।
पाकिस्तान: तालिबान हथियार नहीं डालेगा
सूत्रों ने बताया कि सेना का अभियान निर्णायक लक्ष्य केन्द्रित और पारिणामकारी होगा, जिसमें लड़ाई बहुत लंबी नहीं होगी तथा उसे जानमाल की क्षति न्यूनतम होगी।
निजामे अद्ल कानून लागू करने सहित राजनीतिक उपाय भी किए जाएंगे। यह योजना प्रांतीय सरकार के इस यकीन के आधार पर बनाई गई है कि तहरीके निफाज शरीयते मोहम्मदी के नेता सूफी मोहम्मद के वादों की राह में आतंकवादी रोड़ा बन गए हैं।
सूत्रों ने बताया कि सूबा-ए-सरहद सरकार का कहना है कि मौलाना सूफी मोहम्मद के साथ शांति समझौता कायम रहे या न रहे, लेकिन स्थानीय जनता की मांग पर शरीया अदालतें स्थापित करने का वादा जरुर पूरा किया जाएगा।
परेशान पाकिस्तान
एक सूत्र ने तो यह तक बताया कि स्वात में तालिबान के कमांडर मुल्ला फजुल्लाह का अपने लड़ाकों पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। हाल ही में शूरा की एक बैठक में जब मुल्ला फजुल्लाह ने लोगों की सिर काटकर हत्या जैसे अमानवीय कृत्य की निंदा की, तो एक आतंकवादी ने उसपर बन्दूक तान दी थी।
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14 फरवरी 2012
May 06, 2009
मेरी यह राय सब पड़ने वालों से है कीएरीयः राय का प्रिंट करके रखलो यह पाकिस्तान का हाल श्री लंका और लिट्टे वाला होगा अगर यह पाकिस्तान जल्दी निपटना चाहता है तो यह सारी ज़िमेदारी इंडिया को देदे और देखे इंडिया की सेना केसे कम तमाम करती है आने वाला १०० साल तक ज़मान क्या दुनिया मैं मिसाल होगी इसी बहाने दीपक कपूर भी अपनेंे पूर्वजो का शहर पेशावॉर देख लेंगे
kumar münich
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