फिल्म समीक्षा

विक्रम भट्ट की इस फिल्म में अलग-अलग युगों में बंटी कहानी को दिखाया गया है।

अनिल कपूर के भतीजे अर्जुन कपूर की पहली फिल्म ‘इश्कजादे’ को पूरी तरह से पर्फेक्ट नहीं कहा जा सकता।

विक्रम भट्ट की इस फिल्म में अलग-अलग युगों में बंटी कहानी को दिखाया गया है।

साल 2008 की हिट फिल्म ‘जन्नत’ की यह सीक्वल है।

यह कहानी है सोनू दिल्ली की, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए तेजी से पैसा कमाना चाहता है।

आपने ओवर-एक्टिंग के बारे में सुना होगा, लेकिन यहां मामला अंडर-एक्टिंग का है।

फिल्म तेज की कहानी एक बुलेट ट्रेन में बम धमाके की साजिश रचने के इर्द-गिर्द घूमती है।

फिल्म में अदाकारा पाओली ने बेहतरीन अभिनय किया है,जिससे सप्ताहांत पर देखा जा सकता है।

विकी डोनर एक साहसिक फिल्म है, जिसमें एक संवेदनशील मुद्दे को उकेरने की कोशिश की गई है।

प्लॉट में काफी संभावनाएं थी, लेकिन लेखन में कमी रह गई।

अगर दिमाग पर जोर ना डालें तो यह फिल्म हंसने के मौके बहुत देगी।

फिल्म का संगीत अच्छा है पर कमजोर फिल्म के बीच इसकी तारीफ करना बेकार है।

फिल्म ‘बम्बू’ देखना समय की अच्छी-खासी बर्बादी है।

कुणाल खेमू पूरी फिल्म को अकेले अपने कंधे पर उठाने की कोशिश करते दिखाई देते हैं।

यह एक ऐसी फिल्म है जिसे एक बेहतर प्लान की जरूरत है।
























